पंजाब के अमृतसर पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया है कि जांच के दौरान एक संदिग्ध आतंकी मॉड्यूल के दिल्ली के जंतर-मंतर तक पहुंचने की बात सामने आई है, जिसके तार पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI और जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े होने का शक जताया जा रहा है. इस मामले में अब तक 9 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है.
अमृतसर पुलिस की जांच में क्या मिला
पुलिस के मुताबिक, यह समूह जंतर-मंतर पर चल रहे धरने के दौरान वहां पहुंचा था. जांच में सामने आया है कि आरोपियों को उस दौरान स्थानीय स्तर पर मदद और जरूरी सामान मुहैया कराया गया था. जांच एजेंसियों का कहना है कि कथित हैंडलरों ने भी इन आरोपियों को कुछ सामग्री पहुंचाई थी. हालांकि किसी वजह से यह समूह अपने मंसूबे को अंजाम नहीं दे सका और इसके बाद सभी आरोपी वापस पंजाब लौट गए.
वर्दी पहनकर घुसने की साजिश, बंगाल STF की कार्रवाई
इसी कड़ी में पश्चिम बंगाल की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने हामिम मंडल नाम के एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया है, जिसका जैश-ए-मोहम्मद से संबंध बताया जा रहा है. STF का दावा है कि वह पुलिस की वर्दी पहनकर जंतर-मंतर के धरने में घुसने की फिराक में था, ताकि वहां तोड़फोड़ की जा सके. जांच एजेंसियों के मुताबिक, उसके निशाने पर शुभेंदु अधिकारी भी थे. उसकी गर्लफ्रेंड के इंस्टाग्राम अकाउंट से मिली जानकारी के आधार पर STF इस संदिग्ध तक पहुंची.
आगे की जांच जारी
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि जंतर-मंतर पर इस समूह की मदद किसने की थी और वहां उनके संपर्क में कौन-कौन से लोग थे. जांच एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क के पाकिस्तान और ISI से जुड़े कनेक्शन को भी खंगाल रही हैं.



















