राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली स्थित सागर रत्ना रेस्तरां में 07 अक्टूबर 2026 को विपक्षी गठबंधन के शीर्ष नेताओं का एक महत्वपूर्ण जमावड़ा देखने को मिला। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा अन्य विपक्षी नेताओं के साथ दोपहर के भोजन के दौरान अनौपचारिक चर्चा करते नजर आए। रेस्तरां के सामने आए दृश्य में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा परिसर में प्रवेश करते हुए वहां उपस्थित लोगों का अभिवादन करते दिखे, जिसके कुछ ही देर बाद मल्लिकार्जुन खरगे भी पहुंचे। मेज पर मल्लिकार्जुन खरगे के साथ राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा बैठे थे, जबकि बगल में केसी वेणुगोपाल और ठीक सामने तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओ’ब्रायन मौजूद रहे। दोनों दलों के प्रमुख नेताओं के बीच चल रही यह बातचीत किसी नियमित मुलाकात के बजाय विपक्षी दलों के साझा राजनीतिक एजेंडे को लेकर की जा रही तैयारी प्रतीत होती है।
चुनाव आयोग और आकाशवाणी भवन विवाद के बीच बढ़ी राजनीतिक तल्खी
विपक्षी नेताओं का यह साझा भोजन ऐसे समय में आयोजित हुआ है जब केंद्र की व्यवस्था और विपक्षी मोर्चे के बीच राजनीतिक टकराव चरम पर पहुंच चुका है। कांग्रेस और इंडिया ब्लॉक के घटक दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं और उनके इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। आकाशवाणी भवन परिसर में कथित तौर पर जबरन प्रवेश के आरोप में राहुल गांधी पर दर्ज की गई कानूनी शिकायत के बाद यह तनातनी और तेज हो गई है। राहुल गांधी ने इस पुलिस कार्रवाई पर सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि वे ऐसे कदमों से पीछे हटने वाले नहीं हैं।
मेरे खिलाफ 45 एफआईआर दर्ज हैं। मेरा लक्ष्य 100 एफआईआर का है। हर एफआईआर मेरे लिए एक मेडल की तरह है।
मीडिया से बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने अपने कानूनी मामलों का ब्योरा देते हुए कहा कि मौजूदा समय में उनके ऊपर 45 मामले दर्ज हैं और उनका लक्ष्य 100 मुकदमों तक पहुंचने का है। उन्होंने कहा कि उनके लिए दर्ज होने वाला प्रत्येक मामला एक मेडल के समान है। राहुल गांधी ने जानकारी दी कि लगभग 300 सांसद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मिलकर अपनी बात रखना चाहते थे, लेकिन उन्हें मिलने से रोक दिया गया। इस घटना के विरोध में अब विपक्षी गठबंधन के सांसद जंतर-मंतर पर बड़ा विरोध प्रदर्शन करने जा रहे हैं।
जंतर-मंतर प्रदर्शन को लेकर विपक्षी दलों की साझा तैयारी
रेस्तरां में आयोजित इस बैठक को सीधे तौर पर जंतर-मंतर पर आयोजित होने वाले आगामी प्रदर्शन की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने जोर देकर कहा है कि विपक्ष का यह आंदोलन बिना रुके जारी रहेगा। मल्लिकार्जुन खरगे का आरोप है कि चुनाव आयोग स्वतंत्र संस्था के रूप में कार्य करने के बजाय केंद्र सरकार के इशारों पर काम कर रहा है और देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था को समाप्त करने का प्रयास किया जा रहा है।
भोजन के दौरान राहुल गांधी, केसी वेणुगोपाल और डेरेक ओ’ब्रायन के बीच हुआ यह विचार-विमर्श इस बात पर केंद्रित रहा कि जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शन में विपक्षी गठबंधन की पूरी एकजुटता कैसे जमीन पर उतारी जाए। विपक्षी खेमा इस साझा कार्यक्रम के जरिए यह स्पष्ट संदेश देना चाहता है कि वे जनता के अधिकारों और लोकतांत्रिक संस्थाओं की रक्षा के लिए पूरी तरह एकजुट होकर खड़े हैं। आने वाले दिनों में यह टकराव सड़क से लेकर संसद के पटल तक और तीखा होने की संभावना है।






















