राजस्थान पुलिस ने अजमेर सेंट्रल जेल की निलंबित महिला जेलर दिव्या चौधरी को कोटा स्थित उनके आवास से हिरासत में ले लिया है। उन पर वरिष्ठ अधिकारियों की अनुमति के बिना जेल से दो महिला कैदियों को बाहर ले जाने और अपने निजी आवास पर घरेलू काम करवाने का गंभीर आरोप है। मामले का खुलासा होने के बाद प्रशासन ने उन्हें पहले ही निलंबित कर दिया था, जिसके बाद अब पुलिस ने यह सख्त कानूनी कार्रवाई की है।
12 जुलाई की घटना और बिना इजाजत कैदियों को ले जाने का आरोप
यह पूरा मामला 12 जुलाई का है, जब तत्कालीन महिला जेलर दिव्या चौधरी अजमेर जेल में बंद सना और किरण नाम की दो महिला बंदियों को परिसर से बाहर लेकर गई थीं। जेल नियमावली के विपरीत, इस कदम की कोई पूर्व सूचना या अनुमति जेल के उच्च अधिकारियों को नहीं दी गई थी। दोनों महिला बंदियों को निजी घर पर ले जाकर उनसे साफ-सफाई करवाई गई और फिर वापस जेल में दाखिल कर दिया गया। जब यह अवैध कृत्य जेल प्रशासन के संज्ञान में आया, तो विभाग में हड़कंप मच गया और तुरंत जांच शुरू की गई।
निलंबन के बाद बीकानेर तबादला और कोटा से गिरफ्तारी
प्रारंभिक जांच में लापरवाही और पद के दुरुपयोग की पुष्टि होने पर दिव्या चौधरी को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया गया था। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय बीकानेर निर्धारित किया गया था। इस मामले में पुलिस ने उनके खिलाफ आधिकारिक शिकायत दर्ज कर कानूनी जांच आगे बढ़ाई और आखिरकार टीम ने कोटा पहुंचकर उन्हें उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया।
सह-आरोपी जेल प्रहरी सोनिया की तलाश जारी
जांच में यह भी सामने आया है कि इस पूरे घटनाक्रम में जेल प्रहरी सोनिया भी बराबर की हिस्सेदार थी। उस पर जेलर की इस अवैध गतिविधि में सीधी मिलीभगत का आरोप है। पुलिस रिकॉर्ड में सोनिया को भी नामजद आरोपी बनाया गया है, हालांकि वह घटना के बाद से लगातार फरार चल रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फरार प्रहरी को पकड़ने के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है और जल्द ही उसे भी कानून के दायरे में लाया जाएगा।



















