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दिल्ली में 6 लेन की नई टनल को मिल सकती है हरी झंडी, द्वारका और गुरुग्राम एक्सप्रेसवे की राह होगी और भी आसानभारत
24 जून 2026, 12:14 pm (35 दिन पहले)· 2

दिल्ली में 6 लेन की नई टनल को मिल सकती है हरी झंडी, द्वारका और गुरुग्राम एक्सप्रेसवे की राह होगी और भी आसान

वसंत कुंज के नेल्सन मंडेला मार्ग को दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे के शिव मूर्ति इंटरचेंज से जोड़ने वाली करीब 7,000 करोड़ रुपये की टनल परियोजना को केंद्रीय मंत्रिमंडल जल्द मंजूरी दे सकता है, जिससे IGI एयरपोर्ट, द्वारका और गुरुग्राम तक पहुंच आसान हो जाएगी।

राजधानी दिल्ली में रोजाना लाखों लोग काम, पढ़ाई और कारोबार के सिलसिले में एक छोर से दूसरे छोर तक सफर करते हैं, और इसी भारी आवाजाही को आसान बनाने के लिए सरकार एक बड़ी सड़क-टनल परियोजना पर तेजी से आगे बढ़ रही है। योजना पूरी होने पर दक्षिण और पश्चिम दिल्ली के बीच का सफर तेज, सिग्नल-फ्री और जाम से मुक्त हो जाएगा, और दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे से लेकर द्वारका एक्सप्रेसवे तक आना-जाना काफी सहूलियत भरा बन जाएगा।

केंद्र सरकार जल्द ही करीब 7,000 करोड़ रुपये की इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर बड़ा फैसला ले सकती है। इसके तहत वसंत कुंज स्थित नेल्सन मंडेला मार्ग को दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे के शिव मूर्ति इंटरचेंज से जोड़ने के लिए एक अत्याधुनिक टनल और उससे जुड़े संपर्क मार्ग बनाए जाएंगे। टनल के साथ-साथ इसमें फ्लाईओवर, एलिवेटेड यू-टर्न और अप्रोच रोड भी शामिल होंगे, जिनसे IGI एयरपोर्ट के टर्मिनल-3, गुरुग्राम और द्वारका एक्सप्रेसवे तक पहुंचना बेहद आसान हो जाएगा।

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पांच साल से अटकी योजना अब निर्णायक मोड़ पर

यह परियोजना पिछले पांच साल से अधिक समय से विचाराधीन रही है और अब इसे आखिरी पड़ाव पर माना जा रहा है। निजी निवेश वाली परियोजनाओं का मूल्यांकन करने वाली शीर्ष समिति, पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप अप्रेजल कमेटी (PPPAC) इस प्रोजेक्ट की सिफारिश कर चुकी है। अब इसे अंतिम मंजूरी के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल के सामने रखा जा सकता है।

6 लेन की टनल बनेगी कनेक्टिविटी का नया गलियारा

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने PPPAC के सामने अपनी प्रस्तुति में बताया कि नेल्सन मंडेला मार्ग से शिव मूर्ति इंटरचेंज तक 6 लेन की टनल बनेगी। यह सुरंग पश्चिम और दक्षिण दिल्ली को तेज रफ्तार से जोड़ने वाला नया रास्ता बनेगी। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि यूनिफाइड एक्सेस रोड-II (UER-II) और द्वारका एक्सप्रेसवे से आने-जाने वाला ट्रैफिक सीधे वसंत कुंज और दक्षिण दिल्ली से जुड़ जाएगा। साथ ही गुरुग्राम और IGI एयरपोर्ट से दक्षिण दिल्ली की ओर जाने वाले वाहनों को भी बड़ी राहत मिलेगी।

2053 तक तीन गुना से ज्यादा बढ़ेगा ट्रैफिक

NHAI ने इस कॉरिडोर पर ट्रैफिक का विस्तृत अनुमान भी पेश किया है। इसके मुताबिक, फिलहाल यहां हर दिन करीब 38,015 पैसेंजर कार यूनिट (PCU) का दबाव है, जो वर्ष 2053 तक बढ़कर लगभग 1.3 लाख PCU प्रतिदिन तक पहुंच सकता है। यही वजह है कि यह परियोजना सिर्फ आज की समस्या का हल नहीं, बल्कि आने वाले दशकों के लिए दिल्ली के ट्रांसपोर्ट नेटवर्क को मजबूत करने की तैयारी भी मानी जा रही है।

सिर्फ सुरंग नहीं, एलिवेटेड कॉरिडोर भी

यह परियोजना सिर्फ भूमिगत रास्ते तक सीमित नहीं रहेगी। NHAI के मुताबिक, नेल्सन मंडेला मार्ग की ओर टनल के निकास बिंदु से आगे एक छह लेन का एलिवेटेड कॉरिडोर भी प्रस्तावित है। यह कॉरिडोर महिपालपुर-छतरपुर चौराहे के पास डीडीए कार्यालय के नजदीक से ऊपर से गुजरेगा और फिर वसंत कुंज के बी और सी ब्लॉक (बी-10 मार्केट) के चौराहे को पार करते हुए एम्बियंस मॉल के पास खत्म होगा। इससे वसंत कुंज, छतरपुर और आसपास के इलाकों से एयरपोर्ट, द्वारका और गुरुग्राम की ओर जाने वालों को एक नया और तेज रास्ता मिलेगा।

AIIMS तक भी जुड़ेगी यह कड़ी

इस परियोजना के साथ दिल्ली की एक और बड़ी सड़क कड़ी को जोड़ने की तैयारी चल रही है। अधिकारियों के अनुसार, AIIMS से नेल्सन मंडेला रोड तक छह लेन के एलिवेटेड कॉरिडोर की योजना भी अंतिम रूप ले रही है। यह कॉरिडोर वहीं से शुरू होगा जहां बारापुला एलिवेटेड रोड खत्म होती है। अगर यह योजना भी समय पर मंजूर हो जाती है, तो गुरुग्राम एक्सप्रेसवे और द्वारका एक्सप्रेसवे से आने वाले यात्रियों को AIIMS, सराय काले खां और पूर्वी दिल्ली तक बिना रुकावट कनेक्टिविटी मिल जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि AIIMS से नेल्सन मंडेला रोड तक के एलाइनमेंट को जल्द ही अंतिम रूप देकर मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।

हर दिशा के ट्रैफिक का रखा गया ध्यान

योजना में अलग-अलग दिशाओं से आने-जाने वाले वाहनों की जरूरतों को ध्यान में रखकर कुछ अतिरिक्त संरचनाएं भी जोड़ी गई हैं। छतरपुर से महिपालपुर की ओर आने वाले ट्रैफिक के लिए मौजूदा दो लेन के एलिवेटेड हिस्से के समानांतर दो लेन का नया फ्लाईओवर बनाया जाएगा। इसके अलावा टनल से बाहर निकलकर छतरपुर की ओर मुड़ने वाले वाहनों के लिए एक एलिवेटेड यू-टर्न भी प्रस्तावित है। इससे अलग-अलग दिशाओं में ट्रैफिक का बोझ बंट जाएगा और चौराहों पर रुकावट कम होगी। पूरा प्रोजेक्ट इस तरह तैयार किया गया है कि आने वाले कई दशकों तक इस इलाके में वाहनों की आवाजाही सुचारु बनी रहे। उम्मीद है कि AIIMS लिंक समेत प्रस्तावित सड़क नेटवर्क टनल परियोजना के पूरा होने तक बनकर तैयार हो जाएगा।

सवाल-जवाब

यह टनल परियोजना किसे किससे जोड़ेगी?
यह वसंत कुंज स्थित नेल्सन मंडेला मार्ग को दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे के शिव मूर्ति इंटरचेंज से जोड़ेगी।
इस परियोजना की अनुमानित लागत कितनी है?
इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 7,000 करोड़ रुपये है।
टनल कितनी लेन की होगी?
नेल्सन मंडेला मार्ग से शिव मूर्ति इंटरचेंज तक 6 लेन की टनल बनाई जाएगी।
इस परियोजना को मंजूरी कौन देगा?
PPPAC इसकी सिफारिश कर चुकी है और अब अंतिम मंजूरी के लिए इसे केंद्रीय मंत्रिमंडल के सामने रखा जा सकता है।
इस कॉरिडोर पर ट्रैफिक का दबाव कितना है?
फिलहाल यहां हर दिन करीब 38,015 पैसेंजर कार यूनिट (PCU) का दबाव है, जो 2053 तक लगभग 1.3 लाख PCU प्रतिदिन तक पहुंच सकता है।
इससे किन इलाकों को सबसे ज्यादा फायदा होगा?
वसंत कुंज, छतरपुर, महिपालपुर और दक्षिण दिल्ली के लोगों को IGI एयरपोर्ट, द्वारका और गुरुग्राम तक पहुंचने में बड़ी राहत मिलेगी।
क्या AIIMS को भी इस नेटवर्क से जोड़ा जाएगा?
हां, AIIMS से नेल्सन मंडेला रोड तक छह लेन के एलिवेटेड कॉरिडोर की योजना अंतिम रूप ले रही है, जो बारापुला एलिवेटेड रोड के अंतिम बिंदु से शुरू होगी।
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