दिल्ली-एनसीआर के मौसम में गुरुवार तड़के अचानक बड़ा बदलाव महसूस किया गया, जब सुबह के वक्त तेज और बर्फीली हवाओं ने पूरे इलाके को अपनी आगोश में ले लिया। इससे पहले बुधवार की रात को तापमान अपेक्षाकृत गर्म रहा था, लेकिन गुरुवार सुबह करीब चार बजते-बजते मौसम ने करवट ली और ठंडी हवाओं का दौर शुरू हो गया। सुबह सात बजे तक सूरज नहीं निकला और बादलों ने आसमान को ढंके रखा। इस दौरान कुछ चुनिंदा जगहों पर हल्की छिटपुट बारिश भी दर्ज की गई, जबकि अधिकांश क्षेत्रों में मौसम मुख्य रूप से सूखा ही बना रहा।
मौसम में अचानक आए बदलाव की असली वजह
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में हो रही गतिविधियों और पश्चिमी विक्षोभ के असर से मैदानी इलाकों में ठंडी हवाएं चल रही हैं। सर्दियों के इस मौसम में उत्तर-पश्चिम से आने वाली बर्फीली हवाओं के कारण तापमान में अचानक गिरावट दर्ज की जाती है। जब वायुमंडल में नमी बढ़ती है और बादलों की आवाजाही होती है, तो सुबह के समय सिहरन और बढ़ जाती है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पहाड़ों पर बर्फबारी और निचले इलाकों में नमी के मेल से तापमान में इस तरह के उतार-चढ़ाव देखने को मिलते हैं।
दिल्ली-एनसीआर और आसपास के राज्यों का हाल
दिल्ली के साथ-साथ नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद और फरीदाबाद जैसे इलाकों में भी सुबह के वक्त कड़ाके की सर्दी का अहसास हुआ। मौसम विभाग की ओर से पहले ही उत्तर भारत के कई राज्यों में शीतलहर और ठंड को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी गई थी। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और राजस्थान समेत कई पड़ोसी राज्यों में भी सुबह के वक्त तापमान में गिरावट और ठंडी हवाओं का प्रभाव लगातार बना हुआ है। मौसम का यह मिजाज आने वाले दिनों में कैसा रहेगा, इस पर लगातार नजर रखी जा रही है।
यातायात और रोजमर्रा की जिंदगी पर असर
अचानक चली तेज ठंडी हवाओं और सुबह छाए बादलों के कारण लोगों को अपने रोजमर्रा के कामों के लिए निकलते वक्त खासी तैयारी करनी पड़ी। सुबह के समय दृश्यता कम होने और कनकनी बढ़ने से दफ्तर जाने वाले लोगों और स्कूली बच्चों को ठंड का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग ने वाहन चालकों और आम नागरिकों को बदलते मौसम के लिहाज से सावधानी बरतने की सलाह दी है ताकि ठंड और मौसमी बीमारियों से बचाव हो सके।





















