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दिल्ली-एनसीआर में सुबह-सुबह चली बर्फीली हवाएं, मौसम में अचानक आए इस बदलाव पर मौसम विभाग ने दी पूरी जानकारीभारत
17 सित॰ 2026, 8:12 am (1 दिन पहले)· 1

दिल्ली-एनसीआर में सुबह-सुबह चली बर्फीली हवाएं, मौसम में अचानक आए इस बदलाव पर मौसम विभाग ने दी पूरी जानकारी

दिल्ली-एनसीआर में गुरुवार तड़के अचानक मौसम का मिजाज बदल गया और तेज ठंडी हवाएं चलने लगीं। आसमान में बादल छाए रहने के बीच मौसम विभाग ने इस बदलाव के पीछे की वजह स्पष्ट की है।

दिल्ली-एनसीआर के मौसम में गुरुवार तड़के अचानक बड़ा बदलाव महसूस किया गया, जब सुबह के वक्त तेज और बर्फीली हवाओं ने पूरे इलाके को अपनी आगोश में ले लिया। इससे पहले बुधवार की रात को तापमान अपेक्षाकृत गर्म रहा था, लेकिन गुरुवार सुबह करीब चार बजते-बजते मौसम ने करवट ली और ठंडी हवाओं का दौर शुरू हो गया। सुबह सात बजे तक सूरज नहीं निकला और बादलों ने आसमान को ढंके रखा। इस दौरान कुछ चुनिंदा जगहों पर हल्की छिटपुट बारिश भी दर्ज की गई, जबकि अधिकांश क्षेत्रों में मौसम मुख्य रूप से सूखा ही बना रहा।

मौसम में अचानक आए बदलाव की असली वजह

मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में हो रही गतिविधियों और पश्चिमी विक्षोभ के असर से मैदानी इलाकों में ठंडी हवाएं चल रही हैं। सर्दियों के इस मौसम में उत्तर-पश्चिम से आने वाली बर्फीली हवाओं के कारण तापमान में अचानक गिरावट दर्ज की जाती है। जब वायुमंडल में नमी बढ़ती है और बादलों की आवाजाही होती है, तो सुबह के समय सिहरन और बढ़ जाती है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पहाड़ों पर बर्फबारी और निचले इलाकों में नमी के मेल से तापमान में इस तरह के उतार-चढ़ाव देखने को मिलते हैं।

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दिल्ली-एनसीआर और आसपास के राज्यों का हाल

दिल्ली के साथ-साथ नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद और फरीदाबाद जैसे इलाकों में भी सुबह के वक्त कड़ाके की सर्दी का अहसास हुआ। मौसम विभाग की ओर से पहले ही उत्तर भारत के कई राज्यों में शीतलहर और ठंड को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी गई थी। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और राजस्थान समेत कई पड़ोसी राज्यों में भी सुबह के वक्त तापमान में गिरावट और ठंडी हवाओं का प्रभाव लगातार बना हुआ है। मौसम का यह मिजाज आने वाले दिनों में कैसा रहेगा, इस पर लगातार नजर रखी जा रही है।

यातायात और रोजमर्रा की जिंदगी पर असर

अचानक चली तेज ठंडी हवाओं और सुबह छाए बादलों के कारण लोगों को अपने रोजमर्रा के कामों के लिए निकलते वक्त खासी तैयारी करनी पड़ी। सुबह के समय दृश्यता कम होने और कनकनी बढ़ने से दफ्तर जाने वाले लोगों और स्कूली बच्चों को ठंड का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग ने वाहन चालकों और आम नागरिकों को बदलते मौसम के लिहाज से सावधानी बरतने की सलाह दी है ताकि ठंड और मौसमी बीमारियों से बचाव हो सके।

सवाल-जवाब

दिल्ली-एनसीआर में मौसम में अचानक बदलाव कब आया?
गुरुवार सुबह करीब 4 बजे मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिला और तेज ठंडी हवाएं चलने लगीं।
गुरुवार की सुबह मौसम का हाल कैसा रहा?
सुबह 7 बजे तक सूरज के दर्शन नहीं हुए, आसमान में बादल छाए रहे और कुछ जगहों पर छिटपुट बारिश भी दर्ज की गई।
मौसम में इस अचानक बदलाव की मुख्य वजह क्या थी?
पहाड़ी इलाकों से आने वाली बर्फीली हवाओं और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण तापमान में यह गिरावट आई।
क्या इस दौरान पूरे एनसीआर में बारिश हुई?
नहीं, अधिकांश जगहों पर मौसम सूखा ही रहा और केवल कुछ चुनिंदा स्थानों पर ही छिटपुट बारिश देखी गई।
बुधवार रात के मुकाबले गुरुवार सुबह के मौसम में क्या अंतर था?
बुधवार रात को मौसम अपेक्षाकृत गर्म था, जबकि गुरुवार तड़के अचानक तेज बर्फीली हवाओं के चलने से कनकनी बढ़ गई।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 4

Michael Anderson@michael-anderson·1 दिन पहले

दिल्ली-एनसीआर में पश्चिमी विक्षोभ और उत्तर-पश्चिम की बर्फीली हवाओं के कारण तापमान में यह अचानक गिरावट दर्ज की गई है। पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी और मैदानी इलाकों में नमी के मेल से बढ़ी कनकनी का सीधा असर जनजीवन और यातायात पर पड़ा है। मौसम विभाग की चेतावनियों को देखते हुए आने वाले दिनों में शीतलहर और मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए प्रशासनिक स्तर पर सतर्कता और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां बरतनी बेहद आवश्यक होंगी।

Arjun Mehta@arjun-mehta·1 दिन पहले

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में मौसम का यह अचानक बदलाव और पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव न केवल दैनिक जनजीवन और यातायात को प्रभावित कर रहा है, बल्कि प्रशासनिक स्तर पर भी सतर्कता की मांग करता है। पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानी इलाकों में तापमान में उतार-चढ़ाव के बीच, प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि स्कूली बच्चों और दफ्तर जाने वाले यात्रियों को न्यूनतम असुविधा हो। इसके साथ ही, बदलते मौसम से जुड़ी स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों पर भी विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है ताकि नागरिकों को मौसमी बीमारियों से बचाया जा सके।

Rohan Verma@rohan-verma·1 दिन पहले

दिल्ली-एनसीआर के साथ उत्तर प्रदेश के पश्चिमी जिलों में भी इन बर्फीली हवाओं और पश्चिमी विक्षोभ का सीधा असर दिख रहा है। सुबह के वक्त दृश्यता कम होने और तापमान में अचानक गिरावट से आवागमन प्रभावित हुआ है। आगामी दिनों में गलन बढ़ने की पूरी संभावना है, जिससे ग्रामीण इलाकों में फसलों की स्थिति और शहरी क्षेत्रों में通勤 पर पैनी नजर रखने की जरूरत है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·1 दिन पहले

पश्चिमी विक्षोभ और बर्फीली हवाओं के इस दौर के बीच सार्वजनिक सुरक्षा और आवागमन पर इसका सीधा असर पड़ रहा है। दृश्यता घटने से सड़क हादसों की आशंका बढ़ जाती है, जिसके लिए यातायात और कानून-व्यवस्था से जुड़ी एजेंसियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। साथ ही, अचानक बढ़ी इस गलन से जनजीवन प्रभावित हो रहा है, जिसपर हमारी पैनी नजर बनी रहेगी।

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