धार्मिक यात्राओं को सुगम बनाने और प्रमुख तीर्थस्थलों के बीच आवागमन का समय घटाने के लिए देश में 670 किलोमीटर लंबा एक विशेष भक्ति मार्ग तैयार किया जा रहा है। यह हाई-स्पीड एक्सप्रेसवे देश के दो बेहद अहम धार्मिक केंद्रों को आपस में जोड़ेगा, जहां हर साल लाखों की तादाद में श्रद्धालु शीश नवाते हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण इस बहुप्रतीक्षित प्रोजेक्ट पर तेजी से काम आगे बढ़ा रहा है, जिससे दिल्ली से कटरा और अमृतसर की यात्रा का नक्शा पूरी तरह बदल जाएगा।
प्रोजेक्ट की समयसीमा और देरी की वजह
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने शुरुआत में इस पूरे कॉरिडोर को अगस्त 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया था। अगर परिस्थितियां अनुकूल रहतीं तो यह काम इसी साल पूरा हो सकता था, लेकिन पंजाब में जमीन अधिग्रहण से जुड़े कानूनी और प्रशासनिक पेच फंसने के कारण निर्माण कार्य तय समय से पिछड़ गया। पंजाब में जमीन मिलने में आई बाधाओं के बाद अब अधिकारियों ने इस पूरे प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए मार्च 2028 की नई समयसीमा निर्धारित की है।
भारतमाला परियोजना और संसद में ताजा प्रगति
केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने राज्यसभा के भीतर इस महत्वाकांक्षी परियोजना की ताजा स्थिति साझा की। उन्होंने जानकारी दी कि एक्सप्रेसवे के चौथे चरण के निर्माण के लिए भी अनुबंध जारी कर दिया गया है। भारतमाला परियोजना के तहत विकसित किए जा रहे इस करीब 670 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे की औपचारिक आधारशिला 24 अप्रैल 2022 को रखी गई थी। सड़क परिवहन मंत्रालय लगातार निर्माण गतिविधियों की समीक्षा कर रहा है ताकि नए लक्ष्य तक काम पूरा किया जा सके।
सफर के समय में होगी भारी कटौती
यह आधुनिक एक्सप्रेसवे देश की राजधानी दिल्ली से शुरू होगा और पंजाब के अमृतसर से गुजरते हुए जम्मू के कटरा तक जाएगा। इसके पूरी तरह तैयार होकर चालू होने के बाद वाहन चालकों को भारी राहत मिलेगी। यात्री अपनी निजी कार से दिल्ली से अमृतसर की दूरी मात्र 4 घंटे में तय कर सकेंगे। वहीं, माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए दिल्ली से कटरा का सफर केवल 7 घंटे में पूरा हो जाएगा, जिससे तीर्थयात्रियों के समय और श्रम दोनों की बड़ी बचत होगी।





















