पूर्वी दिल्ली के आनंद विहार क्षेत्र में पुलिस ने एक घर पर छापा मारकर 27 वर्ष की एक महिला को हिरासत में लिया है। तलाशी अभियान के दौरान उसके ठिकाने से विभिन्न ब्रांड और मॉडलों के कुल 43 मोबाइल फोन जब्त किए गए। बरामद किए गए इन उपकरणों में वह खास हैंडसेट भी मौजूद था, जिसकी गुमशुदगी और चोरी की औपचारिक रिपोर्ट हाल ही में दर्ज कराई गई थी।
शिकायत की तफ्तीश के दौरान मिला अहम सुराग
गुरुवार के दिन आनंद विहार थाने में एक नागरिक ने अपना मोबाइल फोन चोरी होने की लिखित शिकायत दी थी। इस मामले की पड़ताल में जुटी पुलिस टीम को गुप्त सूचना मिली कि लूटा गया हैंडसेट क्षेत्र में रहने वाली एक महिला के कब्जे में है। मुखबिर से यह जानकारी भी सामने आई कि महिला के मकान में केवल वही एक फोन नहीं, बल्कि चोरी के कई अन्य उपकरण भी भारी तादाद में छिपाकर रखे गए हैं।
मकान की तलाशी और उपकरणों की जब्ती
प्राप्त इनपुट के आधार पर पुलिस दल ने शुक्रवार को महिला के आवास पर दबिश दी। घर के चप्पे-चप्पे की गहन तलाशी लेने पर अलग-अलग कंपनियों के 43 मोबाइल फोन हाथ लगे। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, इन सभी हैंडसेटों की जांच करने पर पुष्टि हुई कि शिकायतकर्ता का चोरी हुआ मूल फोन भी इन्हीं 43 उपकरणों के जखीरे में शामिल था। इसके तुरंत बाद महिला को गिरफ्तार कर लिया गया।
ट्रांसपोर्ट हब पर सक्रिय था गिरोह
पूछताछ के दौरान महिला ने कबूल किया कि वह अपने पति और अन्य साथियों के साथ मिलकर चोरी की घटनाओं को अंजाम देती रही है। यह गिरोह मुख्य रूप से आनंद विहार बस अड्डे और आनंद विहार रेलवे स्टेशन जैसे अत्यधिक भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थलों पर यात्रियों को अपना निशाना बनाता था। यात्रियों की जेब और बैग से फोन पार करने के बाद उन्हें इस ठिकाने पर सुरक्षित छिपा दिया जाता था। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने और महिला के फरार पति सहित अन्य सहयोगियों की तलाश में जुटी है।
अपराध रोकथाम अभियान में पहले भी हुई थी बड़ी बरामदगी
राजधानी में फोन चोरी और झपटमारी पर अंकुश लगाने के लिए पूर्व में भी सघन अभियान चलाए जाते रहे हैं। इससे पहले अगस्त के महीने में दिल्ली पुलिस ने अपराध नियंत्रण के लिए 72 घंटे का विशेष अभियान चलाया था। उस दौरान विभिन्न टीमों ने झपटमारी, वाहन चोरी और अन्य वारदातों के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए 390 मोबाइल फोन बरामद किए थे।
खरीद-फरोख्त करने वाले नेटवर्क पर नकेल
अगस्त की उस व्यापक कार्रवाई में चोरी और छीने गए उपकरणों को खरीदने और बेचने वाले पूरे सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया गया था। तब सुभाष प्लेस थाने से जुड़े दो आरोपियों को पकड़ा गया था। उनके साथ ही चोरी के मोबाइल सस्ते दामों में खरीदने वाले तीन रिसीवरों को भी गिरफ्तार किया गया था। ताजा मामले में भी पुलिस इसी तरह के व्यापक सिंडिकेट की संभावना को ध्यान में रखकर आगे की जांच कर रही है।
























