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देश के लिए कुर्बान हुआ जहानाबाद का बेटा: फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार की शहादत से बिहार गमगीन, मां से आखिरी वीडियो कॉल बनी अंतिम बातचीतबिहार
14 जून 2026, 7:24 am (91 दिन पहले)· 2

देश के लिए कुर्बान हुआ जहानाबाद का बेटा: फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार की शहादत से बिहार गमगीन, मां से आखिरी वीडियो कॉल बनी अंतिम बातचीत

असम के जोरहाट में AN-32 विमान हादसे में जहानाबाद के बनवरिया गांव के फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार समेत वायुसेना के 5 जवान शहीद हो गए। शनिवार सुबह मां से हुई वीडियो कॉल उनकी आखिरी बातचीत साबित हुई।

शनिवार सुबह करीब 9 बजे, फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार ने वीडियो कॉल पर अपनी मां का चेहरा देखा और जल्दबाजी में सिर्फ इतना कहा — “अभी थोड़ा व्यस्त हूं, बाद में आराम से बात करूंगा।” मां को क्या पता था कि बेटे के यही चंद शब्द उसके साथ हुई आखिरी बातचीत बन जाएंगे। कुछ ही घंटों बाद असम के जोरहाट से जो खबर आई, उसने जहानाबाद के बनवरिया गांव की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं।

जोरहाट में AN-32 हादसा और 5 जवानों की शहादत

भारतीय वायुसेना के एक AN-32 विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से शुभम कुमार समेत वायुसेना के 5 कर्मियों ने देश सेवा के दौरान अपने प्राण न्योछावर कर दिए। बिहार के जहानाबाद जिले के बनवरिया गांव से ताल्लुक रखने वाले शुभम इस हादसे में शहीद हो गए। 13 जून का दिन अब इस गांव के लिए कभी न भूल पाने वाला दिन बन चुका है।

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घर पर टूटा दुखों का पहाड़

शुभम के छोटे भाई सत्यम के मुताबिक, जब हादसे की पहली सूचना मिली तो परिवार में किसी को इस पर यकीन ही नहीं हुआ। थोड़ी देर बाद फोन के जरिए जब घटना की पुष्टि हुई, तब जाकर पूरे परिवार पर मानो दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। शहादत की खबर फैलते ही बनवरिया गांव से लेकर पूरे जहानाबाद तक शोक की लहर दौड़ गई और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। शोक संवेदना व्यक्त करने पहुंचने वालों का शहीद के घर पर लगातार तांता लगा हुआ है।

किसान परिवार से निकला वायुसेना अधिकारी

शुभम एक साधारण किसान परिवार से थे। अपनी कड़ी मेहनत और लगन के दम पर उन्होंने वर्ष 2021 में भारतीय वायुसेना में अधिकारी के रूप में जगह बनाई थी। परिवार बताता है कि देश सेवा को सबसे ऊपर रखते हुए उन्होंने फिलहाल शादी करने तक से इंकार कर दिया था। उनके लिए मातृभूमि की सेवा हमेशा पहली प्राथमिकता रही।

पूरे जिले को अपने वीर सपूत पर गर्व

मिलनसार और सरल स्वभाव के शुभम की शहादत पर आज पूरा जिला गर्व महसूस कर रहा है। गांव के लोग नम आंखों से अपने वीर सपूत के अंतिम दर्शन की प्रतीक्षा कर रहे हैं। गांव के एक बुजुर्ग ने कहा कि शुभम ने पूरे इलाके का नाम रोशन किया और उनका यह बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा। देश की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले जहानाबाद के इस लाल फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार को शत-शत नमन।

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