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बिहार के लालगंज में भारतमाला परियोजना के तहत निर्माणाधीन पुल का लॉन्चर गिरा, आठ मजदूर घायल और दो की हालत गंभीरबिहार
10 सित॰ 2026, 2:41 pm (54 मिनट पहले)· 2

बिहार के लालगंज में भारतमाला परियोजना के तहत निर्माणाधीन पुल का लॉन्चर गिरा, आठ मजदूर घायल और दो की हालत गंभीर

बिहार के वैशाली जिले के लालगंज में एनएच-139डब्ल्यू फोरलेन निर्माण के दौरान पुल का लॉन्चर अचानक नीचे आ गिरा, जिससे आठ मजदूर घायल हो गए और दो की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।

बिहार के वैशाली जिले के अंतर्गत आने वाले लालगंज क्षेत्र में एक बड़ा सड़क हादसा सामने आया है, जहां भारतमाला परियोजना के तहत चल रहे निर्माण कार्य के दौरान निर्माणाधीन पुल का लॉन्चर अचानक भरभरा कर गिर गया। इस दुर्घटना में कुल आठ मजदूर घायल हो गए हैं, जिनमें से दो की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है। घटना के तुरंत बाद निर्माण स्थल पर भारी अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर एकत्र हो गए। घायलों को तुरंत राहत और बचाव कार्य के तहत नजदीकी चिकित्सा केंद्र पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज शुरू किया गया।

एनएचएआई परियोजना के दौरान हुआ हादसा

यह पूरी दुर्घटना वैशाली के लालगंज इलाके में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के एनएच-139डब्ल्यू फोरलेन पथ के निर्माण कार्य के दौरान हुई है। इस प्रोजेक्ट को भारतमाला परियोजना के अंतर्गत क्रियान्वित किया जा रहा है। निर्माण कार्य तय प्रक्रिया के तहत चल रहा था, तभी अचानक पुल का लॉन्चर अनियंत्रित होकर नीचे आ गिरा। इसकी चपेट में आने से कई कर्मचारी और मजदूर सीधे तौर पर प्रभावित हुए। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन के अधिकारी और पुलिस बल फौरन दुर्घटना स्थल पर पहुंच गए और स्थिति का जायजा लेना शुरू किया।

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मजदूरों का अस्पताल में चल रहा इलाज

हादसे के तुरंत बाद सभी घायलों को आनन-फानन में लालगंज के स्थानीय अस्पताल में ले जाया गया। अस्पताल में छह घायल कर्मचारियों का प्राथमिक और जरूरी उपचार किया गया, जबकि दो मजदूरों की नाज़ुक स्थिति को ध्यान में रखते हुए उन्हें तुरंत बेहतर चिकित्सा के लिए उच्च स्वास्थ्य केंद्र के लिए रेफर कर दिया गया। इस दौरान राहत कार्य के वक्त एक दर्दनाक वाकया भी सामने आया, जहां एक युवक का पैर भारी-भरकम लोहे के नीचे बुरी तरह फंस गया था। उसे तुरंत राहत देने के लिए सिर पर पानी डाला गया, लेकिन वजनदार लोहा होने के कारण पैर पूरी तरह दबा रहा। बाद में कटर मशीन की मदद से लोहे के हिस्से को काटकर उस युवक का पैर सुरक्षित बाहर निकाला गया।

सुरक्षा मानकों पर खड़े हो रहे हैं सवाल

इस भीषण दुर्घटना के बाद निर्माण स्थल पर सुरक्षा उपायों और मानकों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। अधिकारी अब इस बात की गहराई से जांच कर रहे हैं कि आखिर यह लॉन्चर किस तकनीकी या मानवीय त्रुटि के कारण गिरा। गौरतलब है कि राज्य में बुनियादी ढांचे के निर्माण के दौरान हादसों का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी बिहार में एक अन्य दुर्घटना में अमौर प्रखंड के तियरपाड़ा पंचायत स्थित आसियानी डगरा घाट पर एक पुराना और जर्जर लोहे का पुल ढह गया था, जब उसके ऊपर से गिट्टी से लदा हुआ एक भारी ट्रक गुजर रहा था। उस पुरानी घटना में ट्रक सीधे नदी में जा समाया था, जिसके बाद पुलों की सुरक्षा और रखरखाव को लेकर बड़े सवाल उठे थे।

सवाल-जवाब

यह हादसा कहां हुआ?
यह हादसा बिहार के वैशाली जिले के लालगंज में हुआ है।
इस दुर्घटना में कितने लोग घायल हुए?
इस हादसे में कुल 8 मजदूर घायल हुए हैं जिनमें से 2 की हालत गंभीर है।
यह पुल किस परियोजना के तहत बन रहा था?
यह पुल भारतमाला परियोजना के तहत एनएचएआई के एनएच-139डब्ल्यू फोरलेन पथ का हिस्सा है।
घायलों को कहां भर्ती कराया गया?
घायलों को लालगंज के स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां से दो गंभीर मरीजों को रेफर कर दिया गया।
फंसे हुए मजदूर को कैसे बाहर निकाला गया?
मजदूर के पैर पर भारी लोहा दबा होने के कारण कटर मशीन से लोहा काटकर उसे बाहर निकाला गया।
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