उत्तर बिहार के जिलों में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने और बड़े अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम उठाया गया है। बिहार पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स यानी एसटीएफ के लिए दरभंगा में एक स्थायी क्षेत्रीय मुख्यालय और भवन का निर्माण कराया जाएगा। इस बड़े प्रोजेक्ट के लिए जमीन की पहचान और चयन की शुरुआती प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। प्रशासनिक अधिकारियों की टीम ने निर्माण स्थल का जायजा लेकर आगे की रूपरेखा तैयार कर ली है, जिससे इस परियोजना को शीघ्र धरातल पर उतारा जा सके।
गोढ़ियारी मौजा में अधिकारियों ने किया संयुक्त निरीक्षण
इस योजना को गति देने के लिए 31 अगस्त 2026 को दरभंगा के जिलाधिकारी कौशल कुमार और वरीय पुलिस अधीक्षक जगुनाथ रेड्डी जलारेड्डी ने संयुक्त रूप से प्रस्तावित स्थल का मुआयना किया। दोनों शीर्ष अधिकारियों ने हनुमाननगर प्रखंड के अंतर्गत आने वाले गोढ़ियारी मौजा में चिन्हित जमीन का सघन निरीक्षण किया। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य एसटीएफ भवन के अनुकूल भूखंड की उपलब्धता, उसकी भौगोलिक स्थिति और आसपास के परिवेश का परीक्षण करना था, ताकि निर्माण कार्य में आगे चलकर कोई तकनीकी या व्यावहारिक अड़चन न आए।
तकनीकी पहलुओं और जमीन की पैमाइश पर रहा जोर
निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक अमले ने जमीन के कुल क्षेत्रफल, उसकी भौतिक बनावट और वहां उपलब्ध बुनियादी ढांचे की बारीकी से पड़ताल की। मौके पर उपस्थित अमीन ने जमीन की सीमाओं का भौतिक सत्यापन किया और सटीक पैमाइश पूरी की। इस पूरी प्रक्रिया में भवन निर्माण विभाग के अभियंता भी शामिल रहे, जिन्होंने प्रस्तावित मुख्यालय के नक्शे, तकनीकी जरूरतों और जरूरी सुविधाओं को लेकर अधिकारियों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श किया। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि भूमि हस्तांतरण और आवंटन की औपचारिक प्रक्रिया को जल्द निपटाकर निर्माण कार्य प्रारंभ कराया जाएगा।
पटना पर निर्भरता होगी खत्म, तुरंत होगी कार्रवाई
दरभंगा में एसटीएफ का क्षेत्रीय केंद्र स्थापित होने से उत्तर बिहार के कई जिलों में आपराधिक नेटवर्क को ध्वस्त करने में बड़ी मदद मिलेगी। पूर्व में किसी भी विशेष अभियान, गंभीर वारदात या संगठित गिरोह के खिलाफ त्वरित कार्रवाई के लिए पुलिस बल को राजधानी पटना स्थित मुख्यालय पर निर्भर रहना पड़ता था। पटना से टीम के पहुंचने में लगने वाले समय के कारण कई बार अपराधियों को भागने का अवसर मिल जाता था। दरभंगा में स्थायी केंद्र बनने से विशेष बल बेहद कम समय में किसी भी ऑपरेशन को अंजाम दे सकेगा, जिससे पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी।



















