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भागलपुर के आदमपुर में कमर तक पानी के बावजूद लगी है डेढ़ करोड़ की जमीन की बोलीबिहार
12 सित॰ 2026, 8:42 pm (51 मिनट पहले)· 0

भागलपुर के आदमपुर में कमर तक पानी के बावजूद लगी है डेढ़ करोड़ की जमीन की बोली

भागलपुर के सबसे महंगे आदमपुर इलाके में गंगा का पानी घुसने से लोग कमर भर पानी में रहने को मजबूर हैं, लेकिन इसके बावजूद यहां प्रति कट्ठा 1.5 करोड़ रुपये की जमीन खरीदने के लिए लोगों में होड़ मची हुई है।

ग्रामीण क्षेत्रों से शहरी इलाकों की ओर पलायन करने की बढ़ती प्रवृत्ति ने देश के कई शहरों में जमीन की कीमतों को बेतहाशा बढ़ा दिया है। बिहार के भागलपुर में भी कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिल रहा है, जहां एक ओर रियल एस्टेट की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर हैं, वहीं दूसरी ओर गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण ये महंगे इलाके पूरी तरह पानी में डूब गए हैं। अत्यधिक जलभराव के बावजूद इन रिहायशी इलाकों में जमीन की मांग और खरीदारों की दिलचस्पी में कोई कमी नहीं आई है।

डेढ़ करोड़ रुपये प्रति कट्ठा की जमीन और कमर तक बाढ़

भागलपुर जिले के सबसे वीआईपी और पॉश इलाकों में शुमार आदमपुर में स्थिति काफी चिंताजनक है। यहां सीएमएस स्कूल के समीप स्थित बैंक कॉलोनी जैसे क्षेत्रों में मानसून के मौसम में कमर तक पानी भर जाता है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, इस इलाके में जमीन की कीमतें इतनी अधिक हैं कि महज एक कट्ठा यानी 720 स्क्वायर फीट जमीन के लिए भी डेढ़ करोड़ रुपये से ज्यादा की बोली लगती है। इसके बावजूद, हर साल गंगा का पानी रिहायशी इलाकों में घुसने से करोड़ों की यह कीमती जमीन पूरी तरह जलमग्न हो जाती है।

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स्मार्ट सिटी परियोजना और प्रशासनिक लापरवाही

इस पॉश इलाके में रहने वाले लोगों का दर्द है कि वे बचपन से ही इसी तरह के हालातों का सामना कर रहे हैं। सबसे विडंबना की बात यह है कि यह पूरा क्षेत्र सरकार की स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत आता है, लेकिन बुनियादी ढांचे के नाम पर यहां पानी की निकासी का कोई ठोस इंतजाम नहीं है। निवासियों का आरोप है कि बाढ़ के दिनों में उन्हें स्थानीय नगर निगम से भी किसी तरह की कोई मदद नहीं मिलती है। बिहार के सबसे महंगे इलाकों में से एक होने के बावजूद ऐसी बदहाली प्रशासनिक उदासीनता और नाकामी को दर्शाती है।

भारी जलभराव के बाद भी खरीदारों में होड़

सामान्य तौर पर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोग निवेश करने से बचते हैं, लेकिन आदमपुर में इसका बिल्कुल उल्टा असर देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, आज भी अगर इस क्षेत्र में कोई अपनी जमीन बेचने की बात करता है, तो कई खरीदार तुरंत सामने आ जाते हैं। खरीदारों की भारी भीड़ के कारण जमीन के सौदे के लिए अक्सर बोली लगाने जैसी नौबत आ जाती है। एक तरफ जहां खाली जमीन का मिलना ही बेहद दुर्लभ है, वहीं दूसरी तरफ जलभराव के जोखिम को नजरअंदाज कर लोग करोड़ों रुपये का निवेश करने को तैयार बैठे हैं।

सवाल-जवाब

भागलपुर में बाढ़ से प्रभावित यह सबसे महंगा इलाका कौन सा है?
यह इलाका भागलपुर जिले के सबसे पॉश क्षेत्र आदमपुर में स्थित बैंक कॉलोनी और सीएमएस स्कूल के समीप का है।
इस बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में जमीन की कीमत क्या है?
यहां जमीन की कीमत लगभग 1.50 करोड़ रुपये प्रति कट्ठा है।
इस क्षेत्र में एक 'कट्ठा' जमीन का आकार कितना होता है?
इस इलाके में एक कट्ठा जमीन का आकार 720 स्क्वायर फीट होता है।
बाढ़ के समय इस पॉश इलाके में पानी का स्तर कितना रहता है?
मानसून के समय जब गंगा का जलस्तर बढ़ता है, तो इस इलाके में कमर भर पानी जमा हो जाता है।
क्या जलभराव के दौरान निवासियों को नगर निगम से सहायता मिलती है?
स्थानीय निवासियों के अनुसार, बाढ़ की इस विकट स्थिति में उन्हें नगर निगम की तरफ से कोई मदद नहीं मिलती है।
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