असम के डिब्रूगढ़ में ऑयल इंडिया के टैंक फार्म में लगी भीषण आग, एक की मौत और छह घायलत्योहारी खरीदारी में मिला है खराब सामान, तो इस तरह आसानी से वापस मिल जाएंगे आपके पैसेजमशेदपुर के जलेबी लाइन बाजार में सजी मिठाइयों की महफिल, दिवाली पर बारह तरह के लड्डू और नमकीन की भारी मांगऑनलाइन शॉपिंग और महंगाई की मार, नैनीताल में इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबार 30 प्रतिशत तक गिराज्ञानेश कुमार के कार्यकाल के सभी चुनावी नतीजों की हो व्यापक समीक्षा, जयपुर में सचिन पायलट की बड़ी मांगझारखंड हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, JSSC CGL के दो हजार सफल अभ्यर्थियों को राहत और परीक्षा रद्द करने का आदेश खारिजजैसलमेर के रामदेवरा में दीपावली पर अनूठी सजावट, 500 किलो फूलों से महका बाबा रामदेव का दरबारहिमाचल के सम्मू गांव में दिवाली पर क्यों पसरा रहता है सन्नाटा, जानिए सात पीढ़ियों से चली आ रही अनूठी परंपरासुप्रीम कोर्ट में हिमाचल प्रदेश की बड़ी जीत, बीबीएमबी विवाद सुलझा, सालाना 1000 करोड़ तक का होगा फायदासिरमौर के सराहां में धनतेरस पर दर्दनाक हादसा, खाई में बोलेरो गिरने से बड़े भाई की मौत और नौ घायल
दिवाली की रात चौराहों पर रखी संदेहास्पद वस्तुओं से रहें सतर्क, अनजाने में पैर पड़ जाए तो करें ये आसान उपायहरियाणा
2 नव॰ 2026, 9:26 am (4 दिन पहले)· 2

दिवाली की रात चौराहों पर रखी संदेहास्पद वस्तुओं से रहें सतर्क, अनजाने में पैर पड़ जाए तो करें ये आसान उपाय

दिवाली और छोटी दिवाली की रात चौराहों पर रखी जाने वाली तांत्रिक वस्तुओं से बचने की सलाह दी गई है, साथ ही गलती से उन्हें लांघ जाने पर किए जाने वाले धार्मिक निवारण भी बताए गए हैं।

रोशनी के महापर्व दिवाली और छोटी दिवाली के दौरान सड़कों तथा रास्तों पर आवाजाही करते समय विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता होती है। अक्सर इस पावन पर्व की रातों में चौराहों या सुनसान मोड़ों पर नींबू, सिंदूर, पुष्प, सूखी मिर्च और कई अन्य वस्तुएं रखी हुई दिखाई देती हैं। पारंपरिक धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कुछ लोग नकारात्मक कष्टों को टालने या विशेष तांत्रिक अनुष्ठानों के लिए सार्वजनिक रास्तों पर इन सामग्रियों को छोड़ देते हैं। ऐसे में राहगीरों के मन में स्वाभाविक रूप से यह डर और दुविधा उत्पन्न हो जाती है कि यदि अनजाने में किसी का पैर ऐसी सामग्री पर पड़ जाए या कोई उसे लांघ दे, तो उसके साथ किसी अनहोनी की आशंका तो नहीं है। इस विषय पर फरीदाबाद के महंत कामेश्वरानंद वेदांताचार्य ने विस्तार से मार्गदर्शन करते हुए कई महत्वपूर्ण सावधानियां और सरल आध्यात्मिक उपाय साझा किए हैं।

चौराहों पर छोड़ी गई सामग्रियों के पीछे की सोच और मर्यादा

महंत कामेश्वरानंद वेदांताचार्य के अनुसार दिवाली और छोटी दिवाली की मध्यरात्रि में कुछ लोग अपने कष्टों अथवा समस्याओं से मुक्ति पाने के भ्रम में चौराहों पर नींबू, सिंदूर, फूल और सूखी मिर्च जैसी तांत्रिक वस्तुएं रखकर चले जाते हैं। उनका कहना है कि जो लोग इस तरह की गतिविधियों में संलिप्त होते हैं, उन्हें आत्ममंथन करना चाहिए कि अपने निजी कष्टों का भार किसी निर्दोष राहगीर पर डालना कतई उचित नहीं है। मनुष्य का धर्म अपने दुखों का निवारण सकारात्मक साधना से करना है, न कि दूसरों के लिए संकट या भ्रम खड़ा करना। राह चलते लोगों को भी ऐसी परिस्थिति से बचने के लिए नजरें सतर्क रखनी चाहिए और किसी भी चौराहे से गुजरते समय जमीन पर पड़ी असामान्य चीजों से दूरी बनाकर निकलना चाहिए।

ये भी पढ़ें

रास्ते में संदेहास्पद सामग्री दिखे तो क्या सावधानी बरतें

मार्ग से गुजरते वक्त यदि किसी को सड़क या चौराहे पर नींबू, फूल, सिंदूर अथवा सूखी लाल मिर्च बिखरी हुई नजर आए, तो सबसे पहला नियम यह है कि उसे कभी भी जानबूझकर या लापरवाही में लांघा न जाए। ऐसे स्थान से थोड़ी दूरी बनाकर सुरक्षित रूप से किनारे से निकल जाना ही सबसे समझदारी भरा निर्णय होता है। इसके साथ ही पैदल चलते या वाहन चलाते समय अपने मन को पूरी तरह शांत और भयमुक्त रखने के लिए श्री राम जय राम जय जय राम मंत्र का निरंतर मानसिक जप करते रहना चाहिए। महंत कामेश्वरानंद का कहना है कि भगवान राम के पावन नाम में असीम ऊर्जा समाहित है, जो हर प्रकार की नकारात्मकता, बाधा और संकट को तत्काल समाप्त करने की क्षमता रखती है। प्रभु के स्मरण से मन की घबराहट पूरी तरह दूर हो जाती है।

गलती से लांघ जाने पर घर पहुंचकर करें ये सरल निवारण

यदि किसी राहगीर को यह आभास हो कि उसका पैर भूलवश किसी संदेहास्पद वस्तु पर पड़ गया है या वह उसे लांघकर घर आ गया है, तो उसे भयभीत होने अथवा मानसिक तनाव पालने की रत्ती भर भी जरूरत नहीं है। महंत कामेश्वरानंद वेदांताचार्य बताते हैं कि घर की दहलीज पार करते ही सबसे पहले अपने हाथ और पैर स्वच्छ जल से अच्छी तरह धोने चाहिए। यदि मन में आशंका या संकोच अधिक हो, तो तुरंत संपूर्ण शरीर का स्नान कर लेना सबसे उत्तम है। इसके उपरांत पूरे घर में पवित्र गंगाजल का छिड़काव करना चाहिए, क्योंकि सनातन परंपरा में गंगाजल को शुद्धि और शांति का सर्वोच्च प्रतीक माना गया है।

घर के भीतर पवित्रता स्थापित करने के बाद प्रभु श्री राम के विजय मंत्र श्री राम जय राम जय जय राम का श्रद्धापूर्वक ध्यान करें। इसके अलावा संकटमोचन हनुमान जी महाराज की विशेष अनुकंपा प्राप्त करने के लिए उनके बाएं चरण से सिंदूर लेकर अपने मस्तक पर तिलक लगाना चाहिए। धार्मिक मान्यता है कि मारुति नंदन के चरणों का सिंदूर धारण करने से व्यक्ति को दिव्य सुरक्षा और आशीर्वाद मिलता है, जिससे सभी प्रकार की शंकाएं, वहम और विपत्तियां पूरी तरह शांत हो जाती हैं।

जीवों को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों से दूर रहने का संदेश

तांत्रिक अनुष्ठानों के नाम पर कुछ तत्वों द्वारा दिवाली की रात उल्लू के नाखून और उनके पंखों जैसी चीजों का इस्तेमाल किए जाने की भी बातें सामने आती हैं। महंत कामेश्वरानंद वेदांताचार्य ने इस कुप्रथा की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि किसी भी मूक जीव को क्षति पहुंचाना या उसकी बलि देना पूरी तरह अनुचित और अधार्मिक कृत्य है। दिवाली का महापर्व लक्ष्मी पूजन, आध्यात्मिक उल्लास, आत्मिक प्रकाश और ईश्वरीय आराधना का पावन समय है। ऐसे शुभ अवसर पर किसी प्राणी को पीड़ा पहुंचाने के बजाय व्यक्ति को ईश्वर की सच्ची भक्ति और परोपकार में लीन होना चाहिए। त्योहार के पूरे समय सावधानी बरतें और अपने अंतःकरण में प्रभु राम के नाम का स्मरण बनाए रखें।

सवाल-जवाब

दिवाली की रात चौराहों पर अक्सर कौन सी चीजें पड़ी दिखाई देती हैं?
चौराहों पर नींबू, सिंदूर, फूल, सूखी मिर्च और कई बार उल्लू के नाखून या पंख जैसी चीजें पड़ी दिखती हैं।
यदि रास्ते में ऐसी संदेहास्पद वस्तुएं दिखें तो क्या करना चाहिए?
उन्हें लांघने से बचें, सुरक्षित किनारे से निकलें और मन में श्री राम जय राम जय जय राम का जप करें।
गलती से इन चीजों को लांघने पर घर आकर क्या उपाय करना चाहिए?
हाथ-पैर धोएं या स्नान करें, घर में गंगाजल छिड़कें और हनुमान जी के बाएं चरण का सिंदूर माथे पर लगाएं।
तांत्रिक क्रियाओं में उल्लू के अंगों के उपयोग पर महंत कामेश्वरानंद ने क्या कहा?
उन्होंने इसे पूरी तरह गलत बताते हुए कहा कि किसी भी जीव को नुकसान पहुंचाना अनुचित है और लोगों को इससे दूर रहना चाहिए।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·4 दिन पहले

दीवाली की रात चौराहों पर ऐसी चीजें रखना और दूसरों को संकट में डालना बिल्कुल गलत है। अनजाने में पैर पड़ जाए तो लोग डर जाते हैं। क्या पुलिस ऐसे अंधविश्वास फैलाने वालों पर कोई कार्रवाई करती है?

Rohan Verma@rohan-verma·4 दिन पहले

करण भाई, पुलिस इस चक्कर में कहां पड़ेगी। वैसे भी ये तो आस्था और अंधविश्वास के बीच की पुरानी बहस है, जो हर साल दिवाली पर उठती है।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp