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डोडा में पाकिस्तानी नंबरों से जुड़े संदिग्ध अल्ताफ को सेना ने पकड़ा, राजौरी के जंगलों में तीन आतंकियों की तलाश तेजजम्मू-कश्मीर
8 अक्तू॰ 2026, 6:51 pm (29 दिन पहले)· 2

डोडा में पाकिस्तानी नंबरों से जुड़े संदिग्ध अल्ताफ को सेना ने पकड़ा, राजौरी के जंगलों में तीन आतंकियों की तलाश तेज

जम्मू और कश्मीर के डोडा में आर्मी इंटेलिजेंस ने तकनीकी निगरानी के बाद अल्ताफ को तीन फोन और पाकिस्तानी संपर्कों के साथ हिरासत में लेकर पुलिस को सौंपा, वहीं राजौरी में एक नागरिक के अपहरण के बाद तलाशी अभियान जारी है।

जम्मू और कश्मीर में सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने और सीमा पार सूचनाएं लीक करने वाले नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए सुरक्षा बल लगातार सक्रिय हैं। सीमा पार बैठे तत्वों को संवेदनशील जानकारियां पहुंचाने वाले संपर्कों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। इसी क्रम में भारतीय सेना ने डोडा जिले के भद्रवाह क्षेत्र में निगरानी का एक व्यापक जाल बिछाया था। इस तकनीकी सर्विलांस के दौरान आर्मी इंटेलिजेंस ने एक ऐसे व्यक्ति की गतिविधियों को चिन्हित किया, जो लगातार सीमा पार मौजूद संपर्कों के साथ संवाद बनाए हुए था। पुख्ता तकनीकी सुराग मिलने के बाद सुरक्षा बलों ने संदिग्ध की सटीक लोकेशन की पहचान की और उसे हिरासत में ले लिया।

भद्रवाह से अल्ताफ की गिरफ्तारी और फोन बरामदगी

हिरासत में लिए गए व्यक्ति की पहचान डोडा जिले के भद्रवाह क्षेत्र के निवासी अल्ताफ के रूप में हुई है। सुरक्षा कर्मियों द्वारा ली गई तलाशी के दौरान उसके पास से कुल तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए। इन उपकरणों में एक आधुनिक स्मार्टफोन शामिल है, जबकि बाकी दो सामान्य बेसिक मोबाइल फोन हैं। जांच में सामने आया कि आरोपी के फोन में कई ऐसे संपर्क दर्ज थे, जो पाकिस्तान के अंतरराष्ट्रीय कंट्री कोड +92 से शुरू होते हैं। इन्हीं नंबरों के माध्यम से वह सीमा पार बैठे व्यक्तियों से लगातार संपर्क बनाए हुए था।

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जम्मू और कश्मीर पुलिस को सौंपा गया आरोपी, जांच के अहम बिंदु

शुरुआती कार्रवाई पूरी करने के बाद आर्मी इंटेलिजेंस ने आरोपी अल्ताफ को आगे की कानूनी कार्रवाई और विस्तृत छानबीन के लिए जम्मू और कश्मीर पुलिस को सौंप दिया है। पुलिस अब इस पूरे मामले के विभिन्न पहलुओं की गहराई से पड़ताल कर रही है।

  • पाकिस्तानी संपर्कों की पहचान: पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि फोन से मिले +92 कोड वाले नंबर वास्तव में सीमा पार किन व्यक्तियों या नेटवर्क से जुड़े हैं।
  • साझा की गई जानकारियां: जांचकर्ता इस बात का विश्लेषण कर रहे हैं कि आरोपी ने अब तक किस तरह की जानकारियां सीमा पार भेजी हैं और उनकी प्रकृति क्या थी।
  • स्थानीय संपर्कों की पड़ताल: इस बात की भी जांच की जा रही है कि भारत के भीतर इस आरोपी के साथ कौन-कौन से सहयोगी या मददगार जुड़े हुए हैं।
  • साजिश की आशंका: सुरक्षा एजेंसियां यह भी खंगाल रही हैं कि क्या सीमा पार से इन संपर्कों के जरिए जम्मू और कश्मीर में किसी बड़ी साजिश को अंजाम देने की तैयारी की जा रही थी।

राजौरी के सुंदरबनी में सघन तलाशी अभियान जारी

दूसरी ओर, राजौरी जिले के सुंदरबनी इलाके में सुरक्षा बलों का संयुक्त तलाशी अभियान लगातार चल रहा है। यहां तीन संदिग्ध आतंकवादियों की धरपकड़ के लिए भारतीय सेना, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस के विशेष अभियान समूह (एसओजी) की टीमें तैनात हैं। इन तीनों संदिग्ध आतंकवादियों ने लाड़िया गांव से अनिल कुमार नाम के एक नागरिक का अपहरण कर लिया था और उसे अपने साथ दुआ खड्ड के जंगलों में ले गए थे।

इसके बाद देर रात करीब 3:15 बजे संदिग्ध आतंकवादियों ने अनिल कुमार को जंगल के बीच में छोड़ दिया और स्वयं घने जंगल के भीतर फरार हो गए। इस घटना की जानकारी मिलते ही भारतीय सेना के नेतृत्व में इलाके में एक संयुक्त तलाशी अभियान शुरू किया गया। घने जंगली इलाकों और दुर्गम रास्तों पर तीनों संदिग्ध आतंकियों का सुराग लगाने के लिए सुरक्षा बलों का अभियान लगातार जारी है।

सवाल-जवाब

डोडा से किस संदिग्ध को हिरासत में लिया गया है?
आर्मी इंटेलिजेंस ने डोडा के भद्रवाह निवासी अल्ताफ को हिरासत में लिया है।
आरोपी अल्ताफ के पास से कौन से उपकरण बरामद हुए हैं?
उसके पास से कुल तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं, जिनमें एक स्मार्टफोन और दो बेसिक फोन शामिल हैं।
बरामद मोबाइलों में किस देश के नंबर पाए गए?
आरोपी के मोबाइल फोन में पाकिस्तान के अंतरराष्ट्रीय कंट्री कोड +92 से शुरू होने वाले कई नंबर मिले हैं।
आरोपी अल्ताफ से अब कौन पूछताछ कर रहा है?
आर्मी इंटेलिजेंस ने आगे की विस्तृत कानूनी जांच और पूछताछ के लिए आरोपी को जम्मू और कश्मीर पुलिस के हवाले कर दिया है।
राजौरी के सुंदरबनी में क्या घटना हुई थी?
तीन संदिग्ध आतंकवादियों ने लाड़िया गांव से अनिल कुमार नाम के व्यक्ति का अपहरण किया था और उसे दुआ खड्ड के जंगलों में ले गए थे।
अपहृत व्यक्ति को कब और कहां छोड़ा गया?
संदिग्ध आतंकियों ने अनिल कुमार को रात करीब 3:15 बजे बीच जंगल में छोड़ दिया और स्वयं घने जंगल में चले गए।
राजौरी में सर्च ऑपरेशन में कौन-कौन से सुरक्षा बल शामिल हैं?
वहां भारतीय सेना, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस के विशेष अभियान समूह (एसओजी) की संयुक्त टीमें अभियान चला रही हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Ravikash Gupta@ravikash·28 दिन पहले

डोडा में पकड़ा गया अल्ताफ आखिर कब से इन पाकिस्तानी नंबरों के संपर्क में था और क्या इसने पहले भी कोई जानकारी आगे बढ़ाई थी?

Omar AL Mansoori@omar-mansoori·28 दिन पहले

रविकेश भाई, जब मैं खुद कुछ साल पहले जम्मू गया था, तब ऐसे ही खुफिया इनपुट्स पर स्थानीय लोगों की बेचैनी पास से देखी थी।

Karan Malhotra@karan-malhotra·28 दिन पहले

डोडा में इस अल्ताफ के पास से पाकिस्तानी नंबर वाले तीन फोन मिले हैं और उधर राजौरी में आतंकियों की तलाश में जंगल खंगाले जा रहे हैं। भगवान जाने ऐसे कितने और लोग छिपे बैठे हैं जो दुश्मन के इशारे पर अपनों की ही जान के पीछे पड़े हैं।

Arjun Mehta@arjun-mehta·28 दिन पहले

करण भाई, बिलकुल सही कहा आपने। पिछली बार जब मैं राजौरी गया था, तब भी लोकल लोगों ने ऐसे मददगारों पर चिंता जताई थी जो अपनों की पीठ में छुरा घोंपते हैं।

Rohan Verma@rohan-verma·28 दिन पहले

सिर्फ तीन फोन और पाकिस्तानी नंबर मिलने से ही सब साफ नहीं हो जाता। हो सकता है कोई पुराना जानकार हो या फंसाया जा रहा हो। पुलिस को बिना पूरी जांच के किसी नतीजे पर नहीं पहुंचना चाहिए।

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