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डूंगरपुर में लूट के आरोपी औरतों के भेष में जंगलों में दुबके, पांचों धरे गएराजस्थान
5 सित॰ 2026, 9:51 am (20 दिन पहले)· 2

डूंगरपुर में लूट के आरोपी औरतों के भेष में जंगलों में दुबके, पांचों धरे गए

डूंगरपुर के गोरादा घाटा के पास हुई लूट की वारदात में शामिल पांच आरोपी पकड़े जाने से बचने के लिए महिलाओं का भेष बनाकर जंगल-पहाड़ियों में छिप गए थे, लेकिन चौरासी थाना पुलिस ने 48 घंटे के भीतर सभी को गिरफ्तार कर लिया।

डूंगरपुर जिले में लूट के एक मामले को पुलिस ने सिर्फ दो दिन में सुलझा दिया, लेकिन पकड़े जाने से बचने के लिए बदमाशों ने जो रास्ता चुना, उसने सबको चौंका दिया। पांचों आरोपी महिलाओं के कपड़ों में जंगल-पहाड़ियों में जाकर छिप गए थे।

वारदात कैसे हुई

घटना बीती 30 अगस्त की रात की है, जब गोरादा घाटा के नजदीक करीब 2:30 बजे पांच लुटेरों ने आते-जाते लोगों को रोक लिया, मारपीट की और उनसे करीब 5 हजार रुपये नकद के साथ दो मोबाइल फोन भी छीन लिए।

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भेष बदलकर जंगल में ठिकाना

वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपियों को अंदाजा था कि पुलिस उनकी तलाश शुरू कर देगी। इसी वजह से पहचान छुपाने के लिए उन्होंने महिलाओं का रूप धर लिया और लाडसौर इलाके के जंगल-पहाड़ियों में डेरा जमा लिया, ताकि पुलिस की नजर से बचे रहें।

पुलिस की दबिश और गिरफ्तारी

चौरासी थाना पुलिस को जांच के दौरान भनक लगी कि लुटेरे जंगल में छिपे बैठे हैं। इस सूचना पर टीम ने मौके पर दबिश दी और पांचों को दबोच लिया। पूछताछ में आरोपियों के बताए ठिकाने से वारदात में इस्तेमाल हुई दो पावर बाइकें भी जब्त कर ली गईं।

कौन हैं आरोपी

गिरफ्तार पांचों आरोपी लाडसौर गांव के रहने वाले बताए गए हैं, इनके नाम शैलेश, विजय, राहुल, डूंगर और ताराचंद हैं। पुलिस पूछताछ में इन्होंने लूट की वारदात कबूल कर ली है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि क्या इन आरोपियों का हाथ किसी और घटना में भी रहा है, साथ ही लूटा गया सामान बरामद करने की कोशिश जारी है। इस पूरे मामले पर चौरासी थाना अधिकारी रतनलाल जटीया ने जानकारी साझा की।

सवाल-जवाब

डूंगरपुर में यह लूट की घटना कब हुई?
यह वारदात 30 अगस्त की रात करीब 2:30 बजे गोरादा घाटा के पास हुई।
आरोपियों ने राहगीरों से क्या-क्या लूटा?
आरोपियों ने करीब 5 हजार रुपये नकद और दो मोबाइल फोन लूटे थे।
पुलिस ने कितने आरोपियों को गिरफ्तार किया?
पुलिस ने पांच आरोपियों, शैलेश, विजय, राहुल, डूंगर और ताराचंद को गिरफ्तार किया है।
आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए क्या तरकीब अपनाए हुए थे?
वे महिलाओं का भेष बनाकर लाडसौर के जंगल और पहाड़ियों में छिपे हुए थे।
पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल क्या बरामद किया?
आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल हुई दो पावर बाइकें जब्त की गई हैं।
अब पुलिस आगे क्या कर रही है?
पुलिस यह जांच कर रही है कि आरोपियों का हाथ किसी और वारदात में तो नहीं है, साथ ही लूटा गया सामान बरामद करने की कोशिश जारी है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Rohan Verma@rohan-verma·19 दिन पहले

अपराधियों द्वारा पुलिस से बचने के लिए इस तरह भेष बदलना और दुर्गम जंगलों में छिपना यह दर्शाता है कि स्थानीय स्तर पर अपराधियों में कानून का खौफ तो है, लेकिन उनकी पेशेवर तैयारी कमजोर थी। चौरासी थाना पुलिस ने 48 घंटे के भीतर त्वरित कार्रवाई करते हुए जिस तरह इन्हें दबोचा, वह पुलिस की खुफिया तंत्र की सक्रियता को रेखांकित करता है। यह देखना अहम होगा कि बरामदगी और अन्य मामलों की पूछताछ में क्या खुलासे होते हैं।

Karan Malhotra@karan-malhotra·19 दिन पहले

रोहन के विश्लेषण को आगे बढ़ाते हुए, यह मामला इस बात का स्पष्ट उदाहरण है कि पेशेवर अपराधियों के मुकाबले त्वरित पुलिसिया कार्रवाई और जमीनी खुफिया तंत्र की मजबूती कानून-व्यवस्था बनाए रखने में कितनी निर्णायक होती है। केवल 48 घंटे के भीतर दुर्गम इलाकों से आरोपियों की धरपकड़ और वारदात में प्रयुक्त पावर बाइकों की जब्ती यह साबित करती है कि पुलिस का मुखबिर तंत्र सक्रिय था। हालांकि, गिरोह के अन्य मामलों में संलिप्तता और लूटे गए सामान की शत-प्रतिशत बरामदगी ही इस जांच को मुकाम तक पहुंचाएगी।

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