झालावाड़ जिले की मनोहरथाना थाना पुलिस ने सीमा पार से लाई गई एक युवती के अवैध सौदे की कोशिश को नाकाम करते हुए तीन आरोपियों को धर दबोचा है. उत्तर प्रदेश की रहने वाली इस पीड़ित युवती को बहला-फुसलाकर अगवा किया गया था और उसे सौदेबाजी की नीयत से राजस्थान के ग्रामीण इलाके में छिपाकर रखा गया था. समय रहते मिली सटीक सूचना के आधार पर पुलिस दल ने त्वरित छापेमारी की और आरोपियों के चंगुल से युवती को सकुशल बाहर निकाल लिया.
घोड़ाखेड़ा गांव में पुलिस की छापेमारी और युवती की रिहाई
झालावाड़ एसपी अमित कुमार ने इस कार्रवाई का ब्योरा साझा करते हुए स्पष्ट किया कि मनोहरथाना पुलिस को इलाके में सक्रिय एक स्थानीय दलाल की संदिग्ध गतिविधियों का सुराग मिला था. यह दलाल सीमावर्ती राज्य मध्य प्रदेश के कुछ संदिग्ध तत्वों के साथ लगातार संपर्क साध रहा था. प्राप्त खुफिया जानकारी में यह बात सामने आई कि मध्य प्रदेश से ताल्लुक रखने वाले एक पुरुष और एक महिला इस युवती को छल-कपट से अगवा करके मनोहरथाना थाना क्षेत्र के घोड़ाखेड़ा गांव में लेकर आए थे. आरोपियों का मकसद यहां युवती का किसी अन्य व्यक्ति से सौदा करना था.
मामले की गंभीरता को भांपते हुए पुलिस प्रशासन ने बिना किसी देरी के एक विशेष टीम का गठन किया. इस पुलिस दल ने तत्काल घोड़ाखेड़ा गांव पहुंचकर संदिग्ध ठिकाने की घेराबंदी की. पुलिस की इस त्वरित और रणनीतिक दबिश के चलते आरोपियों को संभलने का कोई मौका नहीं मिला. टीम ने मौके से युवती को उनके कब्जे से पूरी तरह सुरक्षित मुक्त करा लिया.
दलाल और दो अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी
इस पूरे मामले में पुलिस ने त्वरित कानूनी शिकंजा कसते हुए तीन लोगों को हिरासत में लेकर औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया है. पकड़े गए आरोपियों में स्थानीय स्तर पर सौदेबाजी में मध्यस्थता कर रहा दलाल बालू सिंह शामिल है. इसके अलावा मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले के नागदा इलाके के रहने वाले शंकर चौहान और उसकी साथी महिला आरोपी काजल उर्फ सजनी को भी दबोचा गया है. पुलिस ने इन तीनों के खिलाफ विभिन्न गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है.
युवती परिजनों को सौंपी गई, नेटवर्क की पड़ताल में जुटी पुलिस
पुलिस जांच में यह पुष्टि हुई है कि मुक्त कराई गई युवती मूल रूप से उत्तर प्रदेश की रहने वाली है. कानूनी औपचारिकताएं और आवश्यक मेडिकल व प्रशासनिक जांच पूरी करने के बाद पुलिस ने पीड़ित युवती को उसके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया है. अपने परिजनों के पास पहुंचकर युवती ने राहत की सांस ली है.
फिलहाल मनोहरथाना थाना पुलिस गिरफ्तार तीनों आरोपियों से सघन पूछताछ कर रही है. पुलिस अधिकारी इस बात की तहकीकात में जुटे हैं कि युवती को उत्तर प्रदेश से बहला-फुसलाकर लाने के पीछे क्या कोई संगठित गिरोह काम कर रहा था. जांच दल इस रैकेट से जुड़े अन्य संभावित दलालों और खरीदारों की पहचान करने की कोशिश कर रहा है, ताकि मानव तस्करी के इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को उजागर किया जा सके. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी.



















