प्रशासनिक बेरुखी के बाद हजारीबाग के ग्रामीणों ने उठाया फावड़ा, जंगल काटकर खुद तैयार कर रहे 5 किमी सड़कसिंध में मंत्री पद संभालने वाले सोढ़ा घराने के 77 वर्षीय पदम सिंह बाड़मेर के नए छाछरो गांव के सरपंच चुने गएसरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती पर कृतज्ञ राष्ट्र ने दी श्रद्धांजलि, राष्ट्रीय एकता दिवस पर गूंजा अखंड भारत का संकल्पअंबाला छावनी में 1857 के वीरों की याद में भव्य शहीद स्मारक तैयार, अमित शाह करेंगे लोकार्पणचक्रवात अर्नब के असर से उत्तर और मध्य भारत में बदलेगा मौसम, कई राज्यों में तेज आंधी और बारिश की चेतावनीभारतीय वायुसेना की कमान अब एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित के हाथों में, बने 29वें प्रमुखवित्तीय राशिफल 31 अक्टूबर: धन लाभ, कारोबार और निवेश को लेकर जानिए अपनी राशि की आर्थिक स्थितिपश्चिम चंपारण के 25 वर्षीय युवा ने बत्तख पालन को बनाया मुनाफे का मॉडल, अंडों की बिक्री से सालाना कमाई 60 लाख रुपये तक पहुंचीमूलांक 5 अंकज्योतिष 31 अक्टूबर 2026: शांत बातचीत से सुलझेंगे बिगड़े रिश्ते, कागजी काम में बरतें सावधानीचंद्र और मंगल की युति से कर्क राशि में बना लक्ष्मी योग, नवंबर में तीन राशियों पर बरसेगा धन
गोल्डन टेंपल मेल में गूंजी नवजात की किलकारी, रेल कर्मियों की तत्परता से जच्चा-बच्चा सुरक्षितभारत
31 अक्तू॰ 2026, 8:04 am (2 घंटे पहले)· 0

गोल्डन टेंपल मेल में गूंजी नवजात की किलकारी, रेल कर्मियों की तत्परता से जच्चा-बच्चा सुरक्षित

सूरत से मथुरा की यात्रा के दौरान 12903 गोल्डन टेंपल मेल में एक महिला ने बच्चे को जन्म दिया, जिसके बाद कोटा और गंगापुर सिटी स्टेशनों पर तुरंत चिकित्सीय सहायता दी गई.

पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल में शुक्रवार के दिन एक सुखद वाकया सामने आया, जब चलती गाड़ी संख्या 12903 गोल्डन टेंपल मेल में एक महिला यात्री को अचानक प्रसव हुआ. आपात स्थिति बनते ही रेलवे कर्मचारियों ने सक्रियता दिखाई और समय पर डॉक्टरी निगरानी की व्यवस्था की, जिससे नवजात और मां दोनों सुरक्षित हैं. यह घटना नागदा और शामगढ़ रेलखंड के बीच हुई, जहां यात्रा के दौरान डिब्बे में मौजूद लोगों और रेलवे स्टाफ ने तुरंत तालमेल बिठाया.

नागदा और शामगढ़ रेलखंड के बीच शुरू हुआ प्रसव दर्द

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन के अनुसार, 28 वर्ष की निशा देवी अपने पति रतन साहनी के साथ सूरत से मथुरा की यात्रा कर रही थीं. दोनों यात्री वातानुकूलित कोच बी-5 में सीट संख्या 31 पर सफर कर रहे थे. जब ट्रेन मध्य प्रदेश के नागदा और शामगढ़ स्टेशनों के बीच से गुजर रही थी, तभी निशा देवी को अचानक तेज प्रसव पीड़ा होने लगी. स्थिति की नजाकत को भांपते हुए आसपास मौजूद सह-यात्रियों ने फौरन कोच में ड्यूटी दे रहे रेल कर्मचारियों को इस बात की जानकारी दी.

ये भी पढ़ें

ड्यूटी पर तैनात टीटीई की सक्रियता और नियंत्रण कक्ष से संपर्क

कोच में सफर के दौरान ऑन-ड्यूटी टीटीई के.के. मीना और बलराम मीना ने बिना किसी विलंब के कमान संभाली. दोनों रेल कर्मचारियों ने कंट्रोल रूम से संपर्क साधा और रेलवे के चिकित्सा अधिकारियों को पल-पल की जानकारी से अवगत कराया. नागदा और शामगढ़ रेलखंड के मध्य ही महिला यात्री ने एक स्वस्थ शिशु को जन्म दिया. ट्रेन के भीतर किलकारी गूंजते ही टीटीई ने आगे आने वाले प्रमुख स्टेशनों कोटा और गंगापुर सिटी में आवश्यक मेडिकल सुविधा जुटाने के लिए संपर्क बनाए रखा.

कोटा स्टेशन पर प्रारंभिक परीक्षण और आगे की यात्रा

जैसे ही गोल्डन टेंपल मेल कोटा स्टेशन पर पहुंची, वहां रेलवे डॉक्टरों का दल पहले से मुस्तैद मिला. डॉक्टरों ने कोच में पहुंचकर प्रसूता और नवजात शिशु की प्राथमिक जांच की और स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कीं. प्राथमिक स्वास्थ्य परीक्षण में स्थिति सामान्य पाए जाने और यात्रियों की सहमति मिलने के बाद परिवार को आगे की यात्रा जारी रखने की अनुमति दे दी गई. हालांकि आगे बढ़ते हुए महिला को दोबारा शारीरिक बेचैनी का अहसास हुआ, जिसके चलते गंगापुर सिटी स्टेशन पर मेडिकल दल को पुनः सतर्क किया गया.

गंगापुर सिटी स्टेशन पर इलाज और अस्पताल में भर्ती

ट्रेन के गंगापुर सिटी पहुंचने की सूचना पाते ही उपमंडल रेलवे चिकित्सालय के डॉ. असलम अंसारी तथा वरिष्ठ मंडल चिकित्सा अधिकारी डॉ. सत्यवीर डूडी एंबुलेंस के साथ प्लेटफॉर्म पर पहुंच गए. मेडिकल टीम ने तुरंत बोगी में पहुंचकर जच्चा और बच्चे को प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया. बेहतर स्वास्थ्य जांच, उचित देखभाल और निरंतर निगरानी के लिए दोनों को एंबुलेंस के जरिए स्थानीय राजकीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां दोनों की हालत स्थिर और सुरक्षित बनी हुई है.

सवाल-जवाब

यह घटना किस ट्रेन और कोच में हुई?
यह घटना गाड़ी संख्या 12903 गोल्डन टेंपल मेल के वातानुकूलित कोच बी-5 में सीट संख्या 31 पर घटी.
महिला यात्री कहां से कहां तक का सफर कर रही थीं?
28 वर्षीय निशा देवी अपने पति रतन साहनी के साथ सूरत से मथुरा की यात्रा कर रही थीं.
बच्चे का जन्म किन स्टेशनों के बीच हुआ?
महिला ने नागदा और शामगढ़ रेलखंड के बीच चलती ट्रेन में बच्चे को जन्म दिया.
ट्रेन में तैनात किन कर्मचारियों ने तुरंत मदद की?
ऑन-ड्यूटी टीटीई के.के. मीना और बलराम मीना ने तुरंत कंट्रोल रूम को सूचना देकर मेडिकल व्यवस्था कराई.
प्रसूता और बच्चे को किस अस्पताल में भर्ती कराया गया?
गंगापुर सिटी स्टेशन पर जांच के बाद मां और नवजात को स्थानीय राजकीय अस्पताल में भर्ती कराया गया.
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Dr. Aditya Sharma@aditya-sharma·16 मिनट पहले

चलती ट्रेन में बच्चे का जन्म होना किसी चमत्कार से कम नहीं है। मुझे याद है जब हमारे पुरखों के समय में लोग लंबी यात्राओं पर निकलते थे, तो ऐसे ही अप्रत्याशित क्षण जीवन का हिस्सा बन जाते थे। गनीमत रही कि टीटीई और डॉक्टरों ने वक्त पर संभाल लिया वरना घबराहट में कुछ भी हो सकता था।

Ravikash Gupta@ravikash·42 मिनट पहले

बी-5 कोच की सीट नंबर 31 अब हमेशा याद रहेगी इस परिवार को। रेलवे स्टाफ ने कमाल की तत्परता दिखाई।

Arjun Mehta@arjun-mehta·41 मिनट पहले

रविकेश भाई, बिल्कुल सही कहा आपने! टीटीई और स्टाफ ने वाकई समय पर बहुत शानदार सूझबूझ दिखाई, वरना बीच सफर में ऐसी स्थिति में घबराहट होना लाजिमी था।

Rohan Verma@rohan-verma·1 घंटे पहले

चलती ट्रेन में बच्चे का जन्म सच में हैरान करने वाला है। क्या रेलवे के डिब्बों में ऐसी आपात स्थिति से निपटने के लिए कोई परमानेंट फर्स्ट-ऐड किट होती है?

Karan Malhotra@karan-malhotra·1 घंटे पहले

रोहन, ट्रेन में टीटीई के.के. मीना और बलराम मीना ने बिना समय गंवाए कंट्रोल रूम को खबर दी, यह अच्छी बात रही वरना परेशानी बढ़ सकती थी।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp