पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल में शुक्रवार के दिन एक सुखद वाकया सामने आया, जब चलती गाड़ी संख्या 12903 गोल्डन टेंपल मेल में एक महिला यात्री को अचानक प्रसव हुआ. आपात स्थिति बनते ही रेलवे कर्मचारियों ने सक्रियता दिखाई और समय पर डॉक्टरी निगरानी की व्यवस्था की, जिससे नवजात और मां दोनों सुरक्षित हैं. यह घटना नागदा और शामगढ़ रेलखंड के बीच हुई, जहां यात्रा के दौरान डिब्बे में मौजूद लोगों और रेलवे स्टाफ ने तुरंत तालमेल बिठाया.
नागदा और शामगढ़ रेलखंड के बीच शुरू हुआ प्रसव दर्द
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन के अनुसार, 28 वर्ष की निशा देवी अपने पति रतन साहनी के साथ सूरत से मथुरा की यात्रा कर रही थीं. दोनों यात्री वातानुकूलित कोच बी-5 में सीट संख्या 31 पर सफर कर रहे थे. जब ट्रेन मध्य प्रदेश के नागदा और शामगढ़ स्टेशनों के बीच से गुजर रही थी, तभी निशा देवी को अचानक तेज प्रसव पीड़ा होने लगी. स्थिति की नजाकत को भांपते हुए आसपास मौजूद सह-यात्रियों ने फौरन कोच में ड्यूटी दे रहे रेल कर्मचारियों को इस बात की जानकारी दी.
ड्यूटी पर तैनात टीटीई की सक्रियता और नियंत्रण कक्ष से संपर्क
कोच में सफर के दौरान ऑन-ड्यूटी टीटीई के.के. मीना और बलराम मीना ने बिना किसी विलंब के कमान संभाली. दोनों रेल कर्मचारियों ने कंट्रोल रूम से संपर्क साधा और रेलवे के चिकित्सा अधिकारियों को पल-पल की जानकारी से अवगत कराया. नागदा और शामगढ़ रेलखंड के मध्य ही महिला यात्री ने एक स्वस्थ शिशु को जन्म दिया. ट्रेन के भीतर किलकारी गूंजते ही टीटीई ने आगे आने वाले प्रमुख स्टेशनों कोटा और गंगापुर सिटी में आवश्यक मेडिकल सुविधा जुटाने के लिए संपर्क बनाए रखा.
कोटा स्टेशन पर प्रारंभिक परीक्षण और आगे की यात्रा
जैसे ही गोल्डन टेंपल मेल कोटा स्टेशन पर पहुंची, वहां रेलवे डॉक्टरों का दल पहले से मुस्तैद मिला. डॉक्टरों ने कोच में पहुंचकर प्रसूता और नवजात शिशु की प्राथमिक जांच की और स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कीं. प्राथमिक स्वास्थ्य परीक्षण में स्थिति सामान्य पाए जाने और यात्रियों की सहमति मिलने के बाद परिवार को आगे की यात्रा जारी रखने की अनुमति दे दी गई. हालांकि आगे बढ़ते हुए महिला को दोबारा शारीरिक बेचैनी का अहसास हुआ, जिसके चलते गंगापुर सिटी स्टेशन पर मेडिकल दल को पुनः सतर्क किया गया.
गंगापुर सिटी स्टेशन पर इलाज और अस्पताल में भर्ती
ट्रेन के गंगापुर सिटी पहुंचने की सूचना पाते ही उपमंडल रेलवे चिकित्सालय के डॉ. असलम अंसारी तथा वरिष्ठ मंडल चिकित्सा अधिकारी डॉ. सत्यवीर डूडी एंबुलेंस के साथ प्लेटफॉर्म पर पहुंच गए. मेडिकल टीम ने तुरंत बोगी में पहुंचकर जच्चा और बच्चे को प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया. बेहतर स्वास्थ्य जांच, उचित देखभाल और निरंतर निगरानी के लिए दोनों को एंबुलेंस के जरिए स्थानीय राजकीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां दोनों की हालत स्थिर और सुरक्षित बनी हुई है.




















