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हाइड्रोजन ट्रेन से लेकर AI ट्रेनिंग तक: PM नरेंद्र मोदी के भाषण के 15 बड़े पड़ाव जिन पर जमकर बजीं तालियांभारत
15 अग॰ 2026, 10:58 am (1 दिन पहले)· 0

हाइड्रोजन ट्रेन से लेकर AI ट्रेनिंग तक: PM नरेंद्र मोदी के भाषण के 15 बड़े पड़ाव जिन पर जमकर बजीं तालियां

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में स्वदेशी तकनीक, कृषि राहत, युवा विकास और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई बड़े आंकड़े और योजनाएं सामने रखीं, जिन्हें श्रोताओं ने जोरदार तालियों के साथ सराहा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के भावी आर्थिक और तकनीकी रोडमैप को रेखांकित करते हुए विकास के नए लक्ष्यों की घोषणा की। अपने विस्तृत संबोधन में उन्होंने स्वदेशी नवाचार, कृषि सब्सिडी, कौशल विकास, खेल और कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर हासिल हुई उपलब्धियों को साझा किया। पूरे कार्यक्रम के दौरान उनके 15 प्रमुख वक्तव्यों और घोषणाओं पर उपस्थित जनसमूह ने जोरदार तालियों के साथ उत्साह व्यक्त किया।

स्वदेशी हाइड्रोजन ट्रेन और सस्ती खाद पर बड़ी प्रतिक्रिया

भाषण की शुरुआत में ही देश की अगली पीढ़ी के परिवहन ढांचे पर चर्चा हुई। जब भारत में निर्मित हाइड्रोजन ट्रेन का उल्लेख किया गया, तो सभागार तालियों से गूंज उठा। इस पहल को देश की तकनीकी आत्मनिर्भरता और पर्यावरण-अनुकूल यातायात साधनों की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है।

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इसके तुरंत बाद ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसानों के कल्याण पर बात करते हुए एक तुलनात्मक आंकड़ा प्रस्तुत किया गया। वैश्विक बाजार में यूरिया की कीमत लगभग 3,000 रुपये प्रति बोरी होने के बावजूद भारतीय किसानों को यह खाद केवल 300 रुपये में उपलब्ध कराई जा रही है। इस रियायत की घोषणा ने श्रोताओं का विशेष ध्यान खींचा और लोगों ने तालियां बजाकर इस नीति का स्वागत किया।

युवा शक्ति, 1 लाख करोड़ का फंड और शिक्षा का विस्तार

विकास की रफ्तार को लेकर एक स्पष्ट समय-सीमा सामने रखी गई। आने वाले 5 से 7 वर्षों के दौरान देश में ऐसी अभूतपूर्व गति से कार्य किया जाएगा जो बीते कई दशकों में देखने को नहीं मिली। वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने के लिए युवाओं को मुख्य संचालक बताया गया।

इसी कड़ी में 'शक्ति की सप्तधारा' विजन की रूपरेखा प्रस्तुत की गई, जिसके तहत टेक्नोलॉजी, विनिर्माण और नवाचार को प्राथमिकता दी जाएगी। भारत को दुनिया की वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का एक भरोसेमंद केंद्र बनाने का संकल्प जताया गया। उन्होंने जोर देकर कहा कि युवा न केवल सुधारों के सबसे बड़े लाभार्थी हैं बल्कि इन्हें लागू करने वाले मुख्य साधक भी हैं।

युवाओं के सपनों को वित्तीय सहायता देने के लिए 1,00,000 करोड़ रुपये के विशेष फंड का ऐलान किया गया। इस विशाल कोष का उद्देश्य नए विचारों, अनुसंधान और स्टार्ट-अप पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करना है। शिक्षा के क्षेत्र में बीते 12 वर्षों के बदलावों का विवरण देते हुए बताया गया कि देश में विश्वविद्यालयों की संख्या लगभग दोगुनी होकर लगभग 650 तक पहुंच चुकी है।

स्पेस तकनीक, 1 करोड़ युवाओं को AI कौशल और बायो-इकोनॉमी

भारतीय युवाओं की तकनीकी क्षमता का उदाहरण देते हुए अंतरिक्ष क्षेत्र की सफलता को रेखांकित किया गया। औसतन 28 वर्ष की आयु वाले युवा वैज्ञानिकों और इंजीनियरों ने पहले ही प्रयास में उपग्रह और रॉकेट प्रक्षेपित करके नया कीर्तिमान स्थापित किया है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दौर में भारत को वैश्विक नेतृत्व दिलाने के लिए एक बड़ा लक्ष्य तय किया गया है। अगले 1 वर्ष के भीतर 1 करोड़ युवाओं को AI कौशल की विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी। इस फैसले का मकसद उभरती हुई डिजिटल नौकरियों के लिए भारतीय कार्यबल को तैयार करना है।

आर्थिक प्रगति के आंकड़े पेश करते हुए बताया गया कि वर्ष 2014 से पहले देश की बायो-इकोनॉमी का आकार महज 60 हजार करोड़ रुपये के आसपास था। बीते वर्षों की नीतियों के कारण अब यह क्षेत्र बढ़कर 20 लाख करोड़ रुपये का विशाल आकार ले चुका है, जो बायोटेक उद्योग की तीव्र वृद्धि को दर्शाता है।

इलेक्ट्रिक व्हीकल क्रांति, 2036 ओलंपिक दावेदारी और 6 करोड़ लखपति दीदियां

हरित ऊर्जा और स्वच्छ परिवहन की दिशा में देश की तेज प्रगति का अनुमान वाहन बिक्री के आंकड़ों से लगाया जा सकता है। वर्ष 2009-10 में जहां केवल 1.5 लाख इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री हुई थी, वहीं वर्ष 2025-26 में यह आंकड़ा बढ़कर 25 लाख पहुंच गया है। यह उछाल भारत के बदलते ऊर्जा परिदृश्य और प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में बड़ी सफलता है।

खेल जगत में भारत की बढ़ती आकांक्षाओं का जिक्र करते हुए वर्ष 2036 के ग्रीष्मकालीन ओलंपिक खेलों की मेजबानी के लिए भारत की मजबूत दावेदारी की पुष्टि की गई। इसके साथ ही 2030 के राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी की तैयारी पर भी प्रकाश डाला गया। जमीनी स्तर पर प्रतिभा की तलाश के लिए 5 से 15 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए एक विशेष टैलेंट हंट अभियान चलाने की योजना है।

आंतरिक सुरक्षा के मोर्चे पर कड़ा संदेश देते हुए कहा गया कि नक्सली और माओवादी हिंसा अब अपनी आखिरी सांसें गिन रही है। जिन इलाकों में पहले गोलियां चलती थीं, वहां आज विकास, विश्वास और प्रयास का तिरंगा लहरा रहा है। इसके साथ ही महिला सशक्तिकरण को नई ऊंचाई देते हुए स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी 6 करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया गया। भाषण के अंत में देशवासियों से अपनी पूरी क्षमता के साथ संकल्पों को पूरा करने का आह्वान किया गया।

सवाल-जवाब

प्रधानमंत्री मोदी ने यूरिया की कीमतों को लेकर क्या जानकारी दी?
उन्होंने बताया कि वैश्विक बाजार में यूरिया की कीमत ₹3,000 प्रति बोरी है, जबकि भारत के किसानों को यह केवल ₹300 में दी जा रही है।
युवाओं के लिए AI ट्रेनिंग का क्या लक्ष्य रखा गया है?
सरकार का लक्ष्य आने वाले 1 वर्ष में 1 करोड़ युवाओं को AI की विशेष स्किल ट्रेनिंग देना है।
इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में कितना इजाफा हुआ है?
वर्ष 2009-10 में जहां 1.5 लाख EV बिके थे, वहीं 2025-26 में यह संख्या बढ़कर 25 लाख पहुंच गई है।
भारत किन बड़े खेल आयोजनों की मेजबानी की तैयारी कर रहा है?
भारत 2036 ओलंपिक खेलों की मेजबानी के लिए अपनी दावेदारी मजबूत कर रहा है और 2030 राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी की दिशा में कदम बढ़ा रहा है।
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