हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले में राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में संलिप्तता के आरोप में पकड़े गए 21 वर्षीय युवक मोहम्मद हमजा से सुरक्षा एजेंसियां लगातार पूछताछ कर रही हैं। स्थानीय पुलिस ने आरोपी को तीन दिन के रिमांड पर लेकर जांच शुरू की है, जिसमें उसके डिजिटल संपर्कों और कट्टरपंथी गतिविधियों से जुड़े कई तथ्य सामने आ रहे हैं। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर का मूल निवासी हमजा काफी समय से संदिग्ध आचरण के कारण केंद्रीय खुफिया ब्यूरो (आईबी) के रडार पर था, जिसके बाद ठोस इनपुट मिलने पर उसे हिरासत में ले लिया गया। इस पूरे मामले में उससे जुड़े अन्य संदिग्धों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है।
केंद्रीय और सैन्य खुफिया टीमों ने शुरू की गहन पूछताछ
बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से हमीरपुर पहुंची आईबी और मिलिट्री इंटेलिजेंस (एमआई) की विशेष संयुक्त टीम ने हमजा से अलग-अलग पहलुओं पर सघन पूछताछ की। जांच अधिकारियों के अनुसार, यह युवक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के जरिए पाकिस्तान में सक्रिय कई चरमपंथियों के नियमित संपर्क में था। पड़ताल के दौरान यह भी सामने आया कि वह ओसामा बिन लादेन की सोच को बढ़ावा देने वाले ऑनलाइन मंचों के अलावा आलमदार ग्रुप, गजवा-ए-हिंद और यूनाइटेड उम्माह जैसे विवादास्पद डिजिटल समूहों में भी सक्रिय सदस्य के रूप में जुड़ा हुआ था। जांचकर्ताओं का मानना है कि इन मंचों के माध्यम से सीमा पार बैठे हैंडलर्स ने उसका गहरा वैचारिक ब्रेनवॉश किया था।
सीआईडी के स्केच और धरपकड़ की पूरी कार्रवाई
इस पूरे ऑपरेशन की शुरुआत तब हुई जब केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने हमीरपुर में संदिग्ध मौजूदगी को लेकर हिमाचल प्रदेश अपराध जांच विभाग (सीआईडी) को एक विशेष सतर्कता संदेश और संदिग्ध का एक स्केच भेजा। जब सीआईडी की टीम ने घेराबंदी करके हमजा को दबोचा, तब उसने शुरुआत में पहचान छिपाने का प्रयास किया और दावा किया कि रेखाचित्र में दिख रहा व्यक्ति कोई और है। सुरक्षाबलों द्वारा सख्ती से पूछताछ किए जाने के बाद उसने आखिरकार अपनी असली पहचान स्वीकार कर ली। अधिकारियों का आकलन है कि इंटरनेट के जरिए लगातार विदेशी तत्वों के संपर्क में रहने के कारण उसकी सोच में भारी बदलाव आ चुका था।
दर्जी के पास काम सीखने से लेकर गिरफ्तारी तक की पृष्ठभूमि
आरोपी की पृष्ठभूमि की पड़ताल से पता चला है कि आठवीं कक्षा तक औपचारिक शिक्षा प्राप्त करने वाला हमजा पिछले तीन वर्षों से हमीरपुर में रह रहा था। वह यहां स्थानीय दर्जी दिनेश की दुकान पर सिलाई का काम सीखने के इरादे से आया था, जिसने उसे अपनी दुकान पर काम पर रख लिया था। इससे पहले वह अपने परिवार के साथ कांगड़ा जिले के पालमपुर में निवास करता था, जहां उसने अपनी स्कूली पढ़ाई पूरी की थी। वर्तमान में वह हमीरपुर की प्रताप गली में स्थित एक किराए के मकान में परिजनों के साथ रह रहा था। अब सुरक्षा बलों और पुलिस विभाग ने अपनी जांच का दायरा पालमपुर तक विस्तृत कर दिया है, ताकि वहां उसके पुराने संपर्कों का पता लगाया जा सके। बृहस्पतिवार को आरोपी को पुनः सक्षम अदालत में पेश करने की तैयारी है, जबकि पुलिस अधिकारी जांच की संवेदनशीलता को देखते हुए अधिक विवरण साझा करने से परहेज कर रहे हैं।
























