दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में लगातार जहरीली होती हवा को देखते हुए वायु प्रदूषण पर नियंत्रण पाने के लिए ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान के तीसरे चरण यानी GRAP-3 की पाबंदियां लागू कर दी गई हैं। क्षेत्र में हवा का स्तर गंभीर श्रेणी के करीब पहुंचने के बाद प्रशासन ने यह कड़ा कदम उठाया है ताकि प्रदूषण के स्तर को और अधिक बढ़ने से रोका जा सके।
बढ़ते प्रदूषण के कारण लागू हुए कड़े प्रतिबंध
अक्टूबर और नवंबर के महीनों में दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का स्तर लगातार चिंता का विषय बना हुआ है। इससे पहले स्थिति को संभालने के लिए क्षेत्र में GRAP-1 और GRAP-2 के नियम लागू किए गए थे, जिसके तहत निर्माण कार्यों और वाहनों के संचालन पर कुछ हद तक रोक लगाई गई थी। हालांकि, हवा की गुणवत्ता में कोई बड़ा सुधार न होने और वायु गुणवत्ता सूचकांक के खतरनाक स्तर तक पहुंचने के बाद अब अधिकारियों ने तीसरे चरण की पाबंदियों को प्रभावी कर दिया है।
किन गतिविधियों पर रहेगा प्रतिबंध और क्या खुलेगा
GRAP-3 लागू होने के बाद निर्माण और तोड़फोड़ से जुड़े कार्यों पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है ताकि धूल और मलबे से फैलने वाले प्रदूषण को नियंत्रित किया जा सके। इसके अलावा, ग्रैप के इस चरण के तहत कई पाबंदियों और छूटों का दायरा तय किया गया है, जिसके तहत स्कूलों और दफ्तरों के कामकाज को लेकर भी स्थानीय प्रशासन और सरकारें अपने स्तर पर दिशा-निर्देश जारी कर रही हैं।
आसपास के इलाकों में भी असर
केवल दिल्ली ही नहीं, बल्कि हरियाणा और उत्तर प्रदेश से सटे एनसीआर के कई जिलों में भी हवा की स्थिति लगातार खराब बनी हुई है। विभिन्न शहरों में एयर क्वालिटी इंडेक्स खराब श्रेणी में दर्ज किया जा रहा है, जिसके चलते स्थानीय प्रशासन ने भी प्रदूषण रोधी उपायों को सख्ती से लागू करना शुरू कर दिया है ताकि आम जनता को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से बचाया जा सके।
























