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हरियाणा के बास खुर्द में जूनियर नेशनल पदक विजेता पहलवान धीरेंद्र ने फंदा लगाकर जान दी, मिला सुसाइड नोटहरियाणा
16 अक्तू॰ 2026, 8:24 am (21 दिन पहले)· 1

हरियाणा के बास खुर्द में जूनियर नेशनल पदक विजेता पहलवान धीरेंद्र ने फंदा लगाकर जान दी, मिला सुसाइड नोट

हांसी के बास खुर्द गांव में 18 वर्षीय पहलवान धीरेंद्र ने पशुओं के बाड़े में फांसी लगाकर जान दे दी। मौके से मिले सुसाइड नोट में तीन लोगों के नाम दर्ज हैं।

हरियाणा के हांसी क्षेत्र अंतर्गत बास खुर्द गांव में एक उभरते हुए युवा पहलवान की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। जूनियर नेशनल स्तर पर पदक जीत चुके 18 वर्षीय पहलवान धीरेंद्र ने अपने पैतृक घर के पास बने पशुओं के बाड़े में फंदा लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। इस दुखद घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है, वहीं पुलिस ने मौके से एक सुसाइड नोट भी बरामद किया है जिसकी गहनता से छानबीन की जा रही है।

बुधवार शाम को भिवानी से लौटा था गांव

परिजनों द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार धीरेंद्र पिछले कुछ समय से भिवानी में रहकर पहलवानी का कड़ा अभ्यास कर रहा था। वह वहां महावीर स्टेडियम में कोचिंग ले रहा था और पास ही एक कमरा किराए पर लेकर रह रहा था। घटना से दो दिन पहले ही वह अपने घर से लगभग 48 हजार रुपये लेकर भिवानी गया था। इसके बाद वह बुधवार की शाम अपने गांव बास खुर्द वापस आया। घर पर परिजनों के साथ सामान्य रूप से रात का खाना खाने के बाद वह सोने के लिए पशुओं के बाड़े में चला गया था।

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सुबह फंदे पर लटकता मिला शव

अगली सुबह 15 अक्तूबर को जब धीरेंद्र काफी देर तक नहीं दिखा तो परिवार के लोग बाड़े की तरफ गए। सुबह करीब 5 बजे उसके चाचा जब वहां पहुंचे तो उन्होंने धीरेंद्र का शव फंदे से लटकते हुए देखा। इस दृश्य को देखकर परिजनों के होश उड़ गए और तुरंत आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए। घटना की जानकारी तुरंत स्थानीय पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच पड़ताल शुरू की। घटनास्थल की बारीकी से जांच करने और आवश्यक साक्ष्य जुटाने के लिए फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम को भी तलब किया गया।

सुसाइड नोट में तीन लोगों का जिक्र

पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट मिला है जिसमें तीन व्यक्तियों के नाम लिखे होने की बात सामने आई है। मृतक के परिजनों के अनुसार इस नोट में भिवानी के प्रेमनगर क्षेत्र के रहने वाले दो सगे भाइयों के नाम हैं, जबकि तीसरा नाम प्रेमनगर बिजली घर में कार्यरत एक व्यक्ति का है। परिजनों का कहना है कि वे इन तीनों लोगों के बारे में पहले से कुछ नहीं जानते और न ही उन्हें यह जानकारी है कि इन लोगों का धीरेंद्र के साथ किस तरह का संपर्क या लेनदेन था। धीरेंद्र घर से जो 48 हजार रुपये लेकर गया था, वे उसने किस उद्देश्य से लिए थे, यह बात भी अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है। आशंका जताई जा रही है कि मामला किसी आर्थिक लेनदेन से जुड़ा हो सकता है, हालांकि पुलिस का कहना है कि असली वजह जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी।

पिता के निधन के बाद संघर्ष से जूझ रहा था खिलाड़ी

परिजनों ने बताया कि धीरेंद्र पिछले सात से आठ वर्षों से पूरी लगन के साथ कुश्ती का अभ्यास कर रहा था। उसके पिता के जीवित रहते हुए उसने जूनियर नेशनल स्तर पर शानदार प्रदर्शन करते हुए पदक भी अपने नाम किया था। इस बेहतरीन प्रदर्शन की बदौलत उसका चयन भारतीय खेल प्राधिकरण यानी साई के खेल छात्रावास के लिए भी हुआ था। पिता की मृत्यु के बाद धीरेंद्र के जीवन और खेल करियर पर गहरा आघात लगा। पारिवारिक और मानसिक परिस्थितियों के चलते उसका अभ्यास प्रभावित हुआ, जिसके कारण वह बाद के ट्रायल में बाहर हो गया था। खेल में फिर से मुकाम हासिल करने के इरादे से ही वह भिवानी में कमरा लेकर लगातार पसीना बहा रहा था।

पुलिस कर रही है मामले की जांच

धीरेंद्र के परिवार में अब उसकी मां और एक बड़ा भाई बचे हैं। बड़ा भाई पेशे से ड्राइवर है और किसी तरह परिवार की आजीविका चलाने में सहयोग करता है। बास थाना प्रभारी सब इंस्पेक्टर जय सिंह ने बताया कि आत्महत्या के सटीक कारणों का अभी तक पता नहीं चल सका है। पुलिस बरामद सुसाइड नोट और फॉरेंसिक विशेषज्ञों द्वारा जुटाए गए तमाम भौतिक साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही है और जल्द ही इस मामले में तथ्यों का खुलासा किया जाएगा।

सवाल-जवाब

मृतक पहलवान की पहचान क्या है?
मृतक की पहचान हरियाणा के हांसी स्थित गांव बास खुर्द निवासी 18 वर्षीय धीरेंद्र के रूप में हुई है, जो जूनियर नेशनल स्तर का पदक विजेता पहलवान था।
धीरेंद्र कहां रहकर कुश्ती की तैयारी कर रहा था?
वह भिवानी के महावीर स्टेडियम में कुश्ती की कोचिंग ले रहा था और वहीं पास में किराए के कमरे में रहता था।
सुसाइड नोट में किन लोगों के नाम सामने आए हैं?
सुसाइड नोट में भिवानी के प्रेमनगर निवासी दो सगे भाइयों और प्रेमनगर बिजली घर में काम करने वाले एक व्यक्ति का नाम दर्ज है।
धीरेंद्र ने घर से कितने रुपये लिए थे?
घटना से दो दिन पहले धीरेंद्र अपने घर से करीब 48 हजार रुपये लेकर भिवानी गया था, हालांकि यह राशि किस काम के लिए थी यह स्पष्ट नहीं है।
पुलिस का इस मामले में क्या कहना है?
बास थाना प्रभारी सब इंस्पेक्टर जय सिंह के अनुसार आत्महत्या के असल कारणों की पुष्टि जांच और साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद ही होगी।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Meera Joshi@meera-joshi·21 दिन पहले

इतने मेधावी खिलाड़ी का इस तरह चले जाना बहुत दुखद है। पर मुझे समझ नहीं आ रहा कि महज अड़तालीस हजार रुपये और कुछ अनजान लोगों के नाम से सीधे आत्महत्या का निष्कर्ष कैसे निकाल लिया गया, जबकि अभी पुलिस ने खुद कहा है कि कोई लेनदेन साफ नहीं है।

Arjun Mehta@arjun-mehta·21 दिन पहले

एक उभरते हुए खिलाड़ी का यूं चले जाना बेहद दुखद है। भिवानी से लाए गए 48 हजार रुपयों और सुसाइड नोट में लिखे तीन नामों का क्या आपस में कोई सीधा कनेक्शन था?

Ravikash Gupta@ravikash·21 दिन पहले

अर्जुन, वही बात खटक रही है कि वो 48 हज़ार रुपये और सुसाइड नोट के तीन नाम आपस में कैसे जुड़े हैं, पुलिस को रुपयों के डिजिटल ट्रांजेक्शन की भी जांच करनी चाहिए।

Rohan Verma@rohan-verma·21 दिन पहले

एक उभरते हुए खिलाड़ी का यूं चले जाना बेहद दुखद है। पुलिस को सुसाइड नोट की जल्द जांच करनी चाहिए।

Karan Malhotra@karan-malhotra·21 दिन पहले

रोहन भाई, बिल्कुल सही कहा। सुसाइड नोट में भिवानी के जिन तीन लोगों के नाम हैं, पुलिस को उनका रोल तुरंत खंगालना चाहिए क्योंकि 48 हज़ार का हिसाब भी अभी बाकी है।

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