हरियाणा के फरीदाबाद जिले में खेड़ी पुल थाना क्षेत्र की टीटू कॉलोनी में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब दसवीं कक्षा में पढ़ने वाले एक किशोर का शव उसकी सहपाठी छात्रा के घर पर फंदे से लटकता हुआ पाया गया। इस संदिग्ध मौत की सूचना मिलते ही स्थानीय स्तर पर स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई। मृतक छात्र के परिजनों ने गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि लड़की के घरवालों ने सोची-समझी साजिश के तहत किशोर को अपने घर बुलाया, वहां उसके साथ बर्बर तरीके से मारपीट की और बाद में उसकी हत्या कर शव को फंदे से लटका दिया।
घटनास्थल पर फूटा आक्रोश और एंबुलेंस में तोड़फोड़
किशोर की मौत की खबर फैलते ही पीड़ित परिवार के सदस्य और आसपास के लोग बड़ी तादाद में मौके पर एकत्र हो गए। परिजनों का रोष इस कदर बढ़ गया कि उन्होंने घटनास्थल पर पहुंची पुलिस टीम और क्राइम ब्रांच के कर्मियों का घेराव कर उनके साथ हाथापाई और मारपीट शुरू कर दी। इसी दौरान जब मृतक के शव को पोस्टमार्टम और जांच प्रक्रिया के लिए ले जाने हेतु एक एंबुलेंस मौके पर पहुंची, तो उत्तेजित भीड़ ने उस पर हमला बोल दिया। भीड़ ने एंबुलेंस में जमकर तोड़फोड़ की, जिससे अपनी सुरक्षा खतरे में देख ड्राइवर को वहां से भागकर किसी तरह जान बचानी पड़ी। इस पूरे हंगामे और झड़प के दौरान कुछ पुलिसकर्मी भी चोटिल हुए हैं।
माता-पिता ने लगाए साजिश और बर्बरता के आरोप
मूल रूप से बिहार के रहने वाले मृतक के पिता भूषण चौधरी ने बताया कि वह पेशे से ड्राइवर हैं और उनके कुल पांच बच्चे हैं। उन्होंने कहा कि उनके बेटे को पहले साजिश के तहत बुलवाया गया और फिर उसकी जान लेकर उसे फांसी पर लटका दिया गया। पिता का कहना है कि जिस परिवार ने उनके बेटे की जान ली, उसी के घर में उसका शव बरामद हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि लड़की और उसकी मां ने ही उनके बेटे को वहां बुलाया था।
वहीं छात्र की मां पुष्पा ने घटना के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि उन्होंने अपने बेटे को किसी काम से गोदाम भेजा था। मां के अनुसार, उन्हें यह सूचना मिली कि गोदाम से कुछ गोरे लड़के उनके बेटे को लेकर गए थे और बाद में लड़की के घर से उसकी लाश बरामद हुई। पुष्पा का कहना है कि उनके बेटे को बेरहमी से मारकर फंदे पर लटकाया गया है, जबकि लड़की पूरी तरह सुरक्षित है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मौके पर पुलिसकर्मियों ने उनके साथ बदसलूकी और मारपीट की।
भारी पुलिस बल की तैनाती और कानूनी कार्रवाई
स्थिति की गंभीरता और इलाके में बढ़ते तनाव को देखते हुए एसीपी राजीव कुमार भारी संख्या में पुलिस बल को साथ लेकर टीटू कॉलोनी पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर किसी तरह उग्र भीड़ को शांत किया और हालात पर नियंत्रण पाया। एंबुलेंस चालक महफूज ने बताया कि जब वह शव लेने पहुंचे थे, तब भीड़ ने अचानक हिंसक रुख अपनाते हुए वाहन पर हमला कर दिया था और उन्हें अपनी जान बचाने के लिए मौके से तुरंत भागना पड़ा।
एसीपी राजीव कुमार ने स्पष्ट किया कि उग्र भीड़ ने मौके पर पहुंची पुलिस टीम के साथ मारपीट की और सरकारी कार्य में बाधा डालते हुए एंबुलेंस को क्षतिग्रस्त किया। पुलिस प्रशासन ने इस मामले में केस दर्ज कर विस्तृत छानबीन शुरू कर दी है। एसीपी के मुताबिक, पूरे मामले में उपलब्ध साक्ष्यों, फॉरेंसिक सबूतों और बयानों के आधार पर निष्पक्ष और सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए टीटू कॉलोनी और आसपास के इलाके में भारी तादाद में पुलिस जवानों की तैनाती कर दी गई है।


















