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हिमाचल की राजनीति में सुक्खू के इस बयान से मची हलचल, क्या कोई बड़ा विधायक छोड़ने वाला है हाथ का साथ?हिमाचल प्रदेश
22 अक्तू॰ 2026, 1:24 pm (15 दिन पहले)· 2

हिमाचल की राजनीति में सुक्खू के इस बयान से मची हलचल, क्या कोई बड़ा विधायक छोड़ने वाला है हाथ का साथ?

हिमाचल प्रदेश की सियासत में एक बार फिर सियासी अटकलें तेज हो गई हैं, जहां मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के हालिया बयानों और विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर सरगर्मी बढ़ गई है।

हिमाचल प्रदेश की राजनीतिक गलियारों में इन दिनों बयानबाजी का दौर चरम पर पहुंच चुका है, क्योंकि अगले विधानसभा चुनाव में अभी लगभग 15 महीने का समय शेष है। कुछ समय पहले भारतीय जनता पार्टी के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने दावा किया था कि सत्तारूढ़ दल का कोई कद्दावर नेता पाला बदलकर उनकी टीम में शामिल होने की तैयारी कर रहा है। इस दावे के बाद से ही राज्य के राजनीतिक वर्गाें में कयासों का बाजार गर्म है और तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।

इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने एक तीखा और बड़ा संकेत दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि कोई अन्य नेता भी पार्टी छोड़कर जाना चाहता है, तो वह जा सकता है। उन्होंने याद दिलाया कि इससे पहले भी छह विधायक दल बदलकर जा चुके हैं। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2024 के राज्यसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस के पाले से क्रॉस वोटिंग हुई थी, जिसके बाद छह विधायक भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए थे। इन बागी विधायकों में सुधीर शर्मा, रवि ठाकुर, राजेंद्र राणा, इंद्रदत्त पाल लखन, चैतन्य शर्मा और देवेंद्र भुट्टो शामिल थे, जिन्होंने पार्टी के खिलाफ मतदान किया था।

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इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने दिवंगत नेता वीरभद्र सिंह के सम्मान में आयोजित एक कार्यक्रम को लेकर उठ रहे सवालों का भी करारा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि वीरभद्र सिंह पार्टी के बेहद कद्दावर और प्रमुख नेता थे, और उनकी जन्मस्थली पर होने वाले आयोजनों को किसी भी प्रकार की गुटबाजी से जोड़कर देखना बिल्कुल गलत है। उन्होंने यह भी साझा किया कि वीरभद्र सिंह की प्रतिमा के अनावरण के समय सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी समेत संगठन के तमाम शीर्ष नेता वहां उपस्थित थे। ऐसे में उनके सम्मान से जुड़े कार्यक्रमों पर राजनीति करना उचित नहीं है।

राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वह राजनीति में उनसे काफी बाद में आए थे और अब वह यह तय करने चले हैं कि भविष्य में कौन क्या बनेगा। उन्होंने आगे कहा कि इस तरह के बेतुके बयान मुख्य विपक्षी दल के भीतर चल रही आपसी खींचतान और आंतरिक गुटबाजी को उजागर करते हैं।

जब पत्रकारों ने उन विधायकों की संभावित वापसी को लेकर सवाल किया जो पहले पाला बदलकर उधर जा चुके थे, तो मुख्यमंत्री ने दो टूक जवाब दिया। उन्होंने साफ कर दिया कि पार्टी ऐसे लोगों को वापस लेने के बिल्कुल पक्ष में नहीं है। जिन्हें जाना है वे जा सकते हैं, लेकिन संगठन उनके लिए अपने दरवाजे बंद कर चुका है। इस बयान से यह साफ हो गया है कि दल बदलने वाले नेताओं के लिए कांग्रेस में फिलहाल वापसी की कोई गुंजाइश नहीं है।

आगामी विधायी गतिविधियों पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र इसी साल नवंबर के महीने में आयोजित किया जाएगा। सत्र की सटीक तिथियों और अन्य प्रशासनिक औपचारिकताओं की घोषणा आने वाले दिनों में की जाएगी। इसके साथ ही, उन्होंने चुनावी सुधारों पर अपनी राय रखते हुए कहा कि भविष्य के चुनाव पारंपरिक बैलेट पेपर के माध्यम से ही कराए जाने चाहिए।

सवाल-जवाब

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने दलबदल करने वाले नेताओं की वापसी पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी उन विधायकों को वापस लेना नहीं चाहती जो पहले पाला बदलकर जा चुके हैं।
जयराम ठाकुर ने क्या दावा किया था?
जयराम ठाकुर ने दावा किया था कि कांग्रेस का एक बड़ा नेता पार्टी छोड़कर उनकी टीम में शामिल होने आ रहा है।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र कब होगा?
मुख्यमंत्री ने बताया कि हिमाचल प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र नवंबर में आयोजित किया जाएगा।
वर्ष 2024 के राज्यसभा चुनाव में कितने विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की थी?
राज्यसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस के छह तत्कालीन विधायकों ने पार्टी के खिलाफ मतदान किया था।
मुख्यमंत्री ने चुनाव प्रक्रिया को लेकर क्या सुझाव दिया?
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि भविष्य के चुनाव बैलेट पेपर के माध्यम से होने चाहिए।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Rajesh Kumar@rajesh-kumar·15 दिन पहले

सुक्खू का तेवर तो साफ़ है, बागी गए तो गए, अब वापसी के रास्ते पूरी तरह बंद हैं।

Ravikash Gupta@ravikash·15 दिन पहले

जब मैं पिछले साल शिमला गया था, तब वहाँ के स्थानीय लोगों से बात करके समझ आ गया था कि कांग्रेस के भीतर चैन नहीं है। सुक्खू साहब का ये तेवर देखकर वही पुराना किस्सा याद आ गया जब चुनाव के ठीक पहले नेता ऐसे ही पाला बदलते थे। हिमाचल की राजनीति हमेशा से हैरान करती रही है।

Arjun Mehta@arjun-mehta·15 दिन पहले

रविकेश जी, बात बिल्कुल सही पकड़ी आपने। शिमला से लेकर दिल्ली तक यही डर सता रहा है कि राज्यसभा चुनाव जैसा खेल दोबारा न हो जाए।

Rohan Verma@rohan-verma·15 दिन पहले

बागी विधायकों को दोबारा पार्टी में न लेने का फैसला एकदम सही है, वरना अनुशासन कैसे बचेगा?

Karan Malhotra@karan-malhotra·15 दिन पहले

रोहन जी, आपकी बात बिल्कुल सही है। पिछली बार जब मैं शिमला में था, तब भी विधायकों की इस उठापटक पर लोग ऐसे ही चाय की दुकानों पर बहस कर रहे थे। अनुशासनहीनता पर सख्त होना ही चाहिए।

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