हैदराबाद के दिलसुखनगर इलाके में शुक्रवार को एक धार्मिक स्थल पर अप्रिय घटना सामने आई, जहां बस डिपो के पास स्थित संतोषी माता मंदिर में एक शख्स ने प्रवेश कर तोड़फोड़ की। प्रत्यक्षदर्शियों और वहां मौजूद श्रद्धालुओं के अनुसार, मोहम्मद अंसारी नाम का व्यक्ति अचानक परिसर में दाखिल हुआ और जोर-जोर से नारेबाजी करने लगा। इसके तुरंत बाद उसने अपने हाथ में मौजूद लाठी से मंदिर में स्थापित संतोषी माता की प्रतिमा पर प्रहार करना शुरू कर दिया, जिससे वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
घटना के समय मंदिर परिसर में नियमित पूजा-अर्चना चल रही थी और वहां मुख्य पुजारी के अलावा कई श्रद्धालु दर्शन के लिए उपस्थित थे। अचानक हुए इस हमले से मंदिर में मौजूद लोग चौंक गए, लेकिन उन्होंने तुरंत साहस दिखाते हुए आरोपी को काबू में कर लिया। लोगों ने उसे पकड़कर फौरन स्थानीय चैतन्यपुरी पुलिस को सूचित किया। सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को संभालते हुए आरोपी को अपनी हिरासत में लेकर थाने पहुंचाया। पुलिस अब वहां मौजूद चश्मदीदों और मंदिर प्रबंधन से घटनाक्रम की पूरी जानकारी जुटा रही है।
पुलिस की प्राथमिक जांच और आरोपी की मानसिक स्थिति
मामले की गंभीरता को देखते हुए एलबी नगर के डीसीपी ने घटना के संबंध में प्रारंभिक विवरण साझा किया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पकड़े गए व्यक्ति की पहचान मोहम्मद अंसारी के रूप में हुई है और वह वर्तमान में मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं का इलाज करा रहा है। जांच टीम ने उसके मेडिकल रिकॉर्ड और चल रहे उपचार से संबंधित आवश्यक दस्तावेज भी जुटाए हैं।
पुलिस हिरासत में आरोपी से पूछताछ की जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि मंदिर परिसर में घुसने, नारेबाजी करने और मूर्ति पर लाठी चलाने के पीछे उसका वास्तविक उद्देश्य क्या था। अधिकारी इस बात की भी पड़ताल कर रहे हैं कि क्या यह किसी सोची-समझी योजना का हिस्सा था या फिर मानसिक अस्वस्थता के चलते उसने ऐसा कदम उठाया। घटना के सभी पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है।
सड़क पर उतरे हिंदू संगठन और राजनीतिक नेताओं का विरोध
जैसे ही संतोषी माता मंदिर में तोड़फोड़ की खबर फैली, दिलसुखनगर और आसपास के इलाकों में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। घटना के विरोध में विभिन्न हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं और भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने दिलसुखनगर बस स्टैंड के सामने मुख्य मार्ग पर एकत्र होकर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम कर धार्मिक स्थलों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए और आरोपी के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की।
विधायक टी राजा सिंह ने इस पूरी घटना पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि दिलसुखनगर बस स्टॉप के समीप स्थित माता के मंदिर में मोहम्मद अंसारी नाम के व्यक्ति का घुसकर हमला करना अत्यंत संवेदनशील और चिंताजनक मामला है। उन्होंने तेलंगाना सरकार से प्रदेश भर के मंदिरों की सुरक्षा चाक-चौबंद करने का आग्रह किया। इसके साथ ही उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और आरोपी के दोषी पाए जाने पर कानून के प्रावधानों के अनुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग उठाई।
तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष का सरकार और पुलिस पर सवाल
घटना को लेकर तेलंगाना भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एन रामचंदर राव ने भी कड़ा रुख अपनाया और सोशल मीडिया पर अपनी बात रखी। उन्होंने X पर लिखा कि हैदराबाद में मंदिरों पर लगातार हो रहे हमलों के पीछे एक सोची-समझी साजिश नजर आती है और पुलिस द्वारा मानसिक रूप से अस्वस्थ होने का तर्क दिया जाना स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि दिलसुखनगर इलाके में संतोषी माता मंदिर पर जानबूझकर हमला किया गया और हिंदू देवी की प्रतिमा को अपवित्र करने का प्रयास हुआ।
एन रामचंदर राव ने पिछली घटनाओं का हवाला देते हुए बताया कि यह कोई पहली या अकेली घटना नहीं है। इससे पूर्व सिकंदराबाद क्षेत्र में भी इसी प्रकार का हमला देखा गया था, जहां देवी की प्रतिमा को नुकसान पहुंचाया गया था। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस सरकार के सत्ता में आने के बाद राज्य में हिंदू मंदिरों पर यह सातवां हमला है और विशेष रूप से माता के मंदिरों को ही निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब भी ऐसी घटना होती है तो पुलिस आरोपी को मानसिक रूप से अस्थिर क्यों बता देती है, और यदि वह मानसिक रूप से ठीक नहीं है तो केवल हिंदू मंदिरों तथा देवी के पूजा स्थलों को ही क्यों चुना जाता है।


















