छत्तीसगढ़ की राजनीति में अपनी बेबाक शैली के लिए पहचाने जाने वाले नेता अमित जोगी का एक नया वीडियो सोशल मीडिया मंचों पर तेजी से देखा जा रहा है. आमतौर पर तीखी राजनीतिक बयानबाजी के जरिए चर्चा बटोरने वाले जोगी इस बार बिल्कुल अलग मिजाज में नजर आए. उनके इस अंदाज और हावभाव की तुलना बिहार के नेता तेज प्रताप यादव से की जा रही है. पूरे आत्मविश्वास के साथ किए गए उनके इस खास डांस और अनूठे अंदाज को इंटरनेट यूजर्स काफी पसंद कर रहे हैं.
एक्स पर साझा किया गया लोकगीत और डांस का वीडियो
अमित जोगी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें वह खुद एक गीत गाते हुए थिरकते दिखाई दे रहे हैं. उन्होंने इस प्रस्तुति में स्थानीय बोली और मुहावरों का प्रयोग किया. गीत के जरिए उन्होंने संदेश देते हुए कहा, 'जागो रे बघुआ, जागो रे बघुआ, माटी दाई पुकारत हे.' इसके अलावा उन्होंने पंक्तियों में मंदिर, माटी और लोक परंपराओं का उल्लेख किया. इस वीडियो के सामने आते ही सोशल मीडिया यूजर्स तरह-तरह की मजेदार और रोचक प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं.
पंक्तियों के जरिए साधा निशाना
अपने इस वीडियो के साथ उन्होंने लिखा कि जब छत पर कौवा बैठ जाता है और खुद को देवता से बड़ा समझने लगता है, तब केवल गीत नहीं बल्कि ललकार निकलती है. उन्होंने जय छत्तीसगढ़ महतारी का नारा लगाते हुए अपनी पंक्तियों में कहा कि मंदिर की छत पर बैठा कौवा खुद को देवता से बड़ा समझ रहा है, ऐसे में छत्तीसगढ़ के लोगों को जागना होगा. उन्होंने अपने इस लोक-शैली वाले अंदाज में कई प्रतीकात्मक बातों का जिक्र किया, जिसे स्थानीय लोग राजनीतिक संदर्भों से जोड़कर देख रहे हैं.
अमित जोगी का राजनीतिक सफर और पृष्ठभूमि
अमित जोगी छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक प्रमुख पहचान रखते हैं. वह राज्य के पहले मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बेटे हैं. अपने पिता द्वारा गठित राजनीतिक दल जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) की कमान वर्तमान में अमित जोगी ही संभाल रहे हैं. इससे पहले वह मरवाही विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हुए विधायक भी रह चुके हैं. राज्य के सियासी गलियारों में वह अपनी आक्रामक और मुखर राजनीतिक शैली के लिए जाने जाते हैं, लेकिन उनका यह नया रूप लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है.





















