महाराष्ट्र की पारंपरिक पूरन पोली: त्योहारों की मिठास और संस्कृति का अनूठा प्रतीक1 नवंबर को कर्क राशि में सजेगा चंद्र-मंगल योग, इन चार राशियों के जीवन में बरसेगी धन-दौलतसूर्या की नई फिल्म ‘सीन’ से पुलिस अफसर का पहला लुक आया सामने, दिवाली पर होगी रिलीजमजबूत विकास और केंद्रीय बैंक के हस्तक्षेप से 94 से 97 के दायरे में संभला रुपयाटाइगर श्रॉफ पर हमले के बाद ऑल स्टार्स फुटबॉल क्लब ने रोके संडे सेशंस, सुरक्षा का हवालाएंथ्रोपिक ने आईपीओ दस्तावेजों में खुद किया खुलासा, बेकाबू एआई विकास से मंडरा रहा है भारी विनाश का खतराअमेरिकी डॉलर और जापानी येन में अनिश्चितता: केंद्रीय बैंकों के फैसलों से पहले 157.20 के दायरे में फंसी मुद्राब्राजील की राजनीति में लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा का चमत्कार, डोनाल्ड ट्रंप की उम्मीदों को झटका देकर चौथी बार संभाली सत्ताऑस्ट्रेलिया वीजा नियमों में बड़ा बदलाव, अब बायोमेट्रिक प्रक्रिया का दायरा बढ़ाया गयाकाइली जेनर की 450 करोड़ रुपये की ब्रा से चर्चा में आए विक्टोरिया सीक्रेट के पीछे का कड़वा सच
ईटानगर एफटीआईआई में छात्रों और शिक्षक पर हमले के बाद अनिश्चितकालीन हड़ताल, सुरक्षा की मांगअरुणाचल प्रदेश
19 सित॰ 2026, 11:08 am (38 दिन पहले)· 2

ईटानगर एफटीआईआई में छात्रों और शिक्षक पर हमले के बाद अनिश्चितकालीन हड़ताल, सुरक्षा की मांग

अरुणाचल प्रदेश के ईटानगर स्थित एफटीआईआई परिसर के पास छात्रों और राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता शिक्षक पर हुए हमले के विरोध में कक्षाओं का अनिश्चितकालीन बहिष्कार शुरू हो गया है।

अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर में फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (FTII) के छात्रों ने संस्थान के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अपनी सभी शैक्षणिक गतिविधियां अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी हैं। परिसर के नजदीक हुई हिंसक झड़प में कई विद्यार्थियों के साथ संस्थान के एक वरिष्ठ फैकल्टी सदस्य घायल हो गए। इसके विरोध में छात्रों ने सख्त सुरक्षा कदमों की मांग करते हुए कक्षाओं का पूर्ण बहिष्कार शुरू किया है।

परिसर के पास मारपीट की घटना कैसे हुई

छात्र परिषद के अनुसार यह घटना 16 सितंबर की शाम को हुई, जब तीन विद्यार्थी अपने अकादमिक प्रोजेक्ट के सिलसिले में काम कर रहे थे। संस्थान के पास जोलांग-राकाप रोड पर कुछ स्थानीय युवकों ने उन्हें रोका। दोनों पक्षों के बीच शुरू हुई कहासुनी अचानक हिंसक रूप ले बैठी, जिसमें एक युवक ने लाठी से एक छात्र पर हमला कर दिया।

ये भी पढ़ें

झगड़े की आवाज सुनकर जब पटकथा लेखन विभाग के प्रमुख और दो बार के राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्म निर्माता डोमिनिक संगमा बीच-बचाव करने पहुंचे, तो दो युवकों ने कथित तौर पर उन पर भी हमला कर दिया। मेघालय के रहने वाले डोमिनिक संगमा गारो भाषा की अपनी चर्चित फिल्मों 'रेप्चर' (रिमदोगित्तंगा) और 'मा.आमा' के लिए जाने जाते हैं। इस दौरान पास में मौजूद एक अन्य छात्र के सिर पर बांस की लाठी से वार किया गया। जब संस्थान के सुरक्षाकर्मियों और अधिकारियों ने स्थिति संभालने की कोशिश की, तो उनके साथ भी गाली-गलौज और अभद्रता की गई।

आरोपियों की गिरफ्तारी और छात्रों की चिंताएं

घटना के बाद हरकत में आई पुलिस ने मामले में शामिल दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इसके बावजूद छात्र परिषद ने स्पष्ट किया कि 17 सितंबर से शुरू हुआ उनका विरोध प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा जब तक प्रबंधन सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं करता।

विशेष रूप से छात्राएं अपनी सुरक्षा को लेकर बेहद चिंतित हैं। परिषद का कहना है कि परिसर के भीतर बाहरी लोगों की बेरोकटोक आवाजाही, बार-बार मिल रही धमकियों और भय के माहौल ने स्थिति को नाजुक बना दिया है। इसके अलावा लंबे समय से लंबित वादों पर अमल न होने से भी विद्यार्थियों में रोष है।

सीआईएसएफ तैनाती और प्रमुख मांगें

छात्रों का कहना है कि मई 2025 में प्रशासन ने परिसर की सुरक्षा के लिए केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के जवानों को तैनात करने का आश्वासन दिया था। हालांकि आवास की पर्याप्त व्यवस्था न होने के कारण यह प्रक्रिया पिछले 16 महीनों से अधिक समय से अधर में लटकी हुई है।

छात्रों ने अपनी मांगों का एक मसौदा तैयार किया है, जिसमें CISF की तत्काल तैनाती और परिसर के नजदीक एक पुलिस चौकी की स्थापना शामिल है। इसके साथ ही कानूनी कार्यवाही की निगरानी के लिए एक संयुक्त शिक्षक-छात्र समिति बनाने और स्थानीय निवासियों के साथ बेहतर तालमेल व सौहार्द बनाए रखने के लिए एक स्थायी संपर्क समिति गठित करने की मांग भी रखी गई है।

सवाल-जवाब

ईटानगर एफटीआईआई के छात्रों ने कक्षाएं क्यों निलंबित की हैं?
कैंपस के नजदीक छात्रों और पटकथा लेखन विभागाध्यक्ष पर स्थानीय युवकों द्वारा किए गए हमले के विरोध में सुरक्षा की मांग को लेकर कक्षाएं निलंबित की गई हैं।
इस हमले में घायल प्रमुख व्यक्ति कौन हैं?
इस हमले में छात्रों के अलावा पटकथा लेखन विभाग के प्रमुख और दो बार के राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्म निर्माता डोमिनिक संगमा घायल हुए हैं।
यह घटना कब और कहां हुई?
यह घटना 16 सितंबर की शाम को ईटानगर स्थित एफटीआईआई परिसर के पास जोलांग-राकाप रोड पर हुई थी।
क्या पुलिस ने इस मामले में कोई कार्रवाई की है?
हां, पुलिस ने मामले में शामिल दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
छात्रों की मुख्य प्रशासनिक मांगें क्या हैं?
छात्रों ने सीआईएसएफ की तत्काल तैनाती, पास में पुलिस चौकी की स्थापना, और एक संयुक्त शिक्षक-छात्र निगरानी समिति के गठन की मांग की है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Carlos Mendoza@carlos-mendoza·38 दिन पहले

एफटीआईआई ईटानगर के इस संकट से परिसरों में सुरक्षा और संस्थागत वादों की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। जब शैक्षणिक संस्थानों में राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता शिक्षकों और विद्यार्थियों को हिंसा का सामना करना पड़ता है, तो यह केवल स्थानीय कानून-व्यवस्था की समस्या नहीं बल्कि उच्च शिक्षा के भविष्य पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न बन जाता है। यदि केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती और आवास जैसे प्रशासनिक मुद्दे लंबे समय तक अधर में लटके रहेंगे, तो ऐसी घटनाएं बौद्धिक स्वतंत्रता और पठन-पाठन के माहौल को बुरी तरह प्रभावित करेंगी। भविष्य में इस प्रकार के गतिरोध को रोकने के लिए प्रशासन को त्वरित और ठोस कदम उठाने होंगे।

Arjun Mehta@arjun-mehta·38 दिन पहले

यह घटना उच्च शिक्षण संस्थानों में सुरक्षा और स्थानीय समुदाय के साथ समन्वय के गंभीर संकट को उजागर करती है। 16 महीने से सीआईएसएफ की तैनाती का अधر में लटकना प्रशासनिक उदासीनता का प्रमाण है। यदि समय रहते आवास का मुद्दा हल कर सुरक्षा बल तैनात नहीं किए गए, तो यह गतिरोध न केवल शैक्षणिक सत्र को प्रभावित करेगा बल्कि क्षेत्रीय तनाव को भी बढ़ावा दे सकता है।

Sophie Laurent@sophie-laurent·38 दिन पहले

अर्जुन का विश्लेषण सही है कि यह प्रशासनिक सुस्ती का नतीजा है। यूरोप के कई परिसरों में भी स्थानीय समुदायों के साथ ऐसे तनाव देखे गए हैं, जहाँ संस्थागत संवाद की कमी से माहौल बिगड़ता है। यहाँ सबसे बड़ी चिंता यह है कि जब तक सीआईएसएफ के लिए आवास जैसे बुनियादी प्रशासनिक मुद्दों का समाधान नहीं होता, तब तक ऐसी हिंसक घटनाएं छात्रों के विश्वास को और कमज़ोर करती रहेंगी और शैक्षणिक माहौल अनिश्चितता के घेरे में रहेगा।

Rohan Verma@rohan-verma·38 दिन पहले

ईटानगर के एफटीआईआई परिसर में छात्रों और राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता शिक्षक पर हुआ हमला गंभीर चिंता का विषय है। सुरक्षा के मोर्चे पर प्रशासनिक लापरवाही और 16 महीने से सीआईएसएफ की तैनाती का अधर में लटकना इस बात का प्रमाण है कि यदि समय रहते पुख्ता कदम नहीं उठाए गए, तो ऐसे संघर्ष क्षेत्रीय सौहार्द और शैक्षणिक माहौल दोनों को गहरी क्षति पहुँचा सकते हैं।

Ravikash Gupta@ravikash·38 दिन पहले

यह घटना सिर्फ एक स्थानीय विवाद नहीं, बल्कि देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में बुनियादी ढांचे और सुरक्षा प्रबंधन की बड़ी नाकामी को दर्शाती है। जब प्रशासनिक सुस्ती के कारण सीआईएसएफ की तैनाती जैसे अहम फैसले महीनों लटकते हैं, तो इसका सीधा असर छात्रों की मानसिक स्थिति और शैक्षणिक गतिविधियों पर पड़ता है। यदि समय रहते सुरक्षा के पुख्ता और स्थायी उपाय नहीं किए गए, तो इस तरह के तनावपूर्ण माहौल से न केवल शिक्षण कार्य बाधित होगा, बल्कि ऐसे स्वायत्त संस्थानों की साख पर भी गंभीर सवाल खड़े होंगे, जिससे दूरगामी नुकसान हो सकता है।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp