महाराष्ट्र की पारंपरिक पूरन पोली: त्योहारों की मिठास और संस्कृति का अनूठा प्रतीक1 नवंबर को कर्क राशि में सजेगा चंद्र-मंगल योग, इन चार राशियों के जीवन में बरसेगी धन-दौलतसूर्या की नई फिल्म ‘सीन’ से पुलिस अफसर का पहला लुक आया सामने, दिवाली पर होगी रिलीजमजबूत विकास और केंद्रीय बैंक के हस्तक्षेप से 94 से 97 के दायरे में संभला रुपयाटाइगर श्रॉफ पर हमले के बाद ऑल स्टार्स फुटबॉल क्लब ने रोके संडे सेशंस, सुरक्षा का हवालाएंथ्रोपिक ने आईपीओ दस्तावेजों में खुद किया खुलासा, बेकाबू एआई विकास से मंडरा रहा है भारी विनाश का खतराअमेरिकी डॉलर और जापानी येन में अनिश्चितता: केंद्रीय बैंकों के फैसलों से पहले 157.20 के दायरे में फंसी मुद्राब्राजील की राजनीति में लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा का चमत्कार, डोनाल्ड ट्रंप की उम्मीदों को झटका देकर चौथी बार संभाली सत्ताऑस्ट्रेलिया वीजा नियमों में बड़ा बदलाव, अब बायोमेट्रिक प्रक्रिया का दायरा बढ़ाया गयाकाइली जेनर की 450 करोड़ रुपये की ब्रा से चर्चा में आए विक्टोरिया सीक्रेट के पीछे का कड़वा सच
ईटानगर में छात्रों को बचाने पहुंचे फिल्म निर्देशक डोमिनिक संगमा पर बांस के डंडों से हमलाअरुणाचल प्रदेश
17 सित॰ 2026, 1:05 pm (40 दिन पहले)· 0

ईटानगर में छात्रों को बचाने पहुंचे फिल्म निर्देशक डोमिनिक संगमा पर बांस के डंडों से हमला

ईटानगर में FTII छात्रों को नशे में धुत हमलावरों से बचाने के दौरान राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्म निर्देशक डोमिनिक संगमा पर बांस के डंडों और घूंसों से हमला कर दिया गया।

अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर में जोलांग-राकाप मार्ग के निकट बुधवार की शाम एक हिंसक घटना सामने आई, जहां राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्म निर्देशक और शिक्षक डोमिनिक संगमा पर गंभीर हमला किया गया। संगमा फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (FTII) के जोते परिसर में स्क्रीनराइटिंग विभाग के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। यह अप्रिय घटना शाम करीब 6:30 बजे उस वक्त हुई जब वह अपनी नियमित शाम की सैर पूरी करके लौट रहे थे, जिससे शैक्षणिक और कला जगत में सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता पैदा हो गई है।

छात्रों को बचाने के प्रयास में हुआ हमला

फिल्म निर्देशक की पत्नी की तरफ से पुलिस में दर्ज कराई गई औपचारिक शिकायत के अनुसार, सैर से लौटते वक्त संगमा ने सड़क किनारे दो अज्ञात व्यक्तियों को देखा। ये दोनों लोग कथित तौर पर शराब के गंभीर नशे में थे और अपने हाथों में बांस के डंडे लिए हुए थे। वे FTII के छात्र-छात्राओं के एक समूह को घेरकर लगातार धमका रहे थे। जब संगमा ने एक शिक्षक और अभिभावक के तौर पर बीच-बचाव करने तथा विद्यार्थियों को वहां से सुरक्षित निकालने का प्रयास किया, तो दोनों हमलावरों ने अपना पूरा गुस्सा निर्देशक पर ही उतार दिया। उन दोनों ने संगमा पर घूंसों और बांस के डंडों से ताबड़तोड़ वार करने शुरू कर दिए।

ये भी पढ़ें

सुरक्षा गार्ड और चार अन्य छात्र भी बने शिकार

इस हिंसक विवाद के दौरान हमलावरों की आक्रामकता केवल निर्देशक तक ही सीमित नहीं रही। दर्ज कराई गई शिकायत में यह स्पष्ट किया गया है कि संस्थान के एक सुरक्षा गार्ड ने जब स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की, तो हमलावरों ने उसे भी बुरी तरह पीटा। इसके साथ ही संस्थान के चार अन्य छात्रों को भी शारीरिक चोटें पहुंचाई गईं और आरोपियों ने उन्हें गैरकानूनी तरीके से बंधक बनाकर रास्ते में रोक लिया। इस अप्रत्याशित मारपीट से पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई।

बलिजन पुलिस थाने में नामजद मुकदमा दर्ज

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बलिजन पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज कर ली है। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2), 117(2), 126 और 351 के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है। पुलिस रिकॉर्ड में दोनों आरोपियों की शिनाख्त राकाप गांव के निवासी तेची नानू और तेची संजय के रूप में दर्ज की गई है। पुलिस अधिकारियों ने पूरे घटनाक्रम की छानबीन शुरू कर दी है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

मेघालय से ताल्लुक रखने वाले डोमिनिक संगमा पूर्वोत्तर और विशेष रूप से गारो भाषा के सिनेमा में अपने विशिष्ट योगदान के लिए पहचाने जाते हैं। उनके निर्देशन में बनी चर्चित फिल्म 'रैप्चर' को 66वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के दौरान सर्वश्रेष्ठ गारो फिल्म का राष्ट्रीय सम्मान प्रदान किया गया था।

सवाल-जवाब

डोमिनिक संगमा पर हमला कब और कहां हुआ?
यह घटना बुधवार शाम करीब 6:30 बजे ईटानगर में जोलांग-राकाप मार्ग पर उस समय हुई जब वह टहल रहे थे।
डोमिनिक संगमा पर हमला क्यों किया गया?
वह नशे में धुत दो युवकों द्वारा FTII छात्रों को धमकाए जाने पर बीच-बचाव करने और उन्हें बचाने पहुंचे थे।
इस मामले में किन आरोपियों पर केस दर्ज हुआ है?
बलिजन थाने में राकाप गांव के निवासी तेची नानू और तेची संजय के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की गई है।
क्या हमले में छात्र और सुरक्षा गार्ड भी घायल हुए हैं?
हां, आरोपियों ने संस्थान के एक सुरक्षा गार्ड और चार छात्रों पर भी हमला किया तथा उन्हें अवैध रूप से बंधक बनाया।
डोमिनिक संगमा किस संस्थान से जुड़े हैं?
वह ईटानगर के जोते स्थित फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (FTII) में स्क्रीनराइटिंग विभाग के अध्यक्ष हैं।
डोमिनिक संगमा को किस फिल्म के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार मिला था?
उनकी फिल्म 'रैप्चर' को 66वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में सर्वश्रेष्ठ गारो फिल्म का सम्मान मिला था।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 3

Arjun Mehta@arjun-mehta·40 दिन पहले

ईटानगर की यह घटना पूर्वोत्तर क्षेत्र में स्थापित राष्ट्रीय शैक्षणिक संस्थानों के सुरक्षित माहौल और कानून-व्यवस्था के शासन पर गंभीर सवाल उठाती है। जब राष्ट्रीय फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान (FTII) जैसे प्रतिष्ठित परिसरों के बाहर शिक्षक और छात्र ही सुरक्षित नहीं हैं, तो यह स्थानीय प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था और नीतिगत सतर्कता की बड़ी खामी को दर्शाता है। यह घटना बाहरी क्षेत्रों से आने वाली प्रतिभाओं के मन में असुरक्षा की भावना पैदा कर सकती है, जिससे राष्ट्रीय एकीकरण और शैक्षणिक विकास की गति प्रभावित होगी। शासन स्तर पर इस मामले में कड़ी कानूनी कार्रवाई बेहद जरूरी है ताकि भविष्य में ऐसी अराजक तत्वों पर लगाम लगाई जा सके।

Rohan Verma@rohan-verma·40 दिन पहले

शैक्षणिक संस्थानों के आसपास शिक्षकों और छात्रों की सुरक्षा व्यवस्था पर यह घटना गंभीर सवाल खड़े करती है। एफटीआईआई जैसे राष्ट्रीय महत्व के संस्थान के परिसर के निकट नशे में धुत असामाजिक तत्वों द्वारा हिंसा और बंधक बनाने की हरकत स्थानीय सतर्कता की कमी को दर्शाती है। पुलिस ने नए बीएनएस प्रावधानों के तहत मामला दर्ज कर लिया है, लेकिन ऐसे शैक्षणिक और कला क्षेत्रों के आसपास नियमित पुलिस गश्त और सख्त निवारक कदम उठाना आवश्यक है ताकि विद्यार्थी और शिक्षक सुरक्षित माहौल में रह सकें।

Ravikash Gupta@ravikash·40 दिन पहले

रोहन की बात बिल्कुल सटीक है। पूर्वोत्तर में कला और रचनात्मक शिक्षा के विकास के लिए FTII जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों की सुरक्षा सर्वोपरि है। जब राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता शिक्षक और छात्र ही सुरक्षित नहीं होंगे, तो इससे क्षेत्र में शैक्षणिक परिसरों की साख और सांस्कृतिक अर्थव्यवस्था के निर्माण को धक्का पहुंचता है। पुलिस द्वारा बीएनएस के तहत मामला दर्ज करना एक प्राथमिक कदम है, लेकिन इस तरह के प्रमुख परिसरों के आसपास एक सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करना दीर्घकालिक विकास और प्रतिभा को आकर्षित करने के लिए बेहद जरूरी है।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp