शनिवार की सुबह उत्तर भारत और सीमावर्ती क्षेत्रों में भूकंपीय हलचल के साथ शुरू हुई। जम्मू-कश्मीर के पर्वतीय जिले किश्तवाड़ में तड़के धरती हिलने से स्थानीय निवासियों में दहशत फैल गई। यह कंपन सुबह के वक्त हुआ, जिससे कई लोग नींद से जाग गए और घरों से बाहर निकल आए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के आंकड़ों के अनुसार, इसी समयावधि के आसपास पड़ोसी देशों तिब्बत और चीन के विभिन्न हिस्सों में भी मध्यम तीव्रता के भूकंपीय झटके रिकॉर्ड किए गए हैं।
किश्तवाड़ में 2.4 तीव्रता का कंपन दर्ज
जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में सुबह 4 बजकर 54 मिनट पर भूकंप का झटका आया। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार रिक्टर पैमाने पर इस भूकंप की तीव्रता 2.4 आंकी गई। इस भूकंपीय घटना का केंद्र 33.127 अक्षांश और 76.006 देशांतर पर जमीन के भीतर केवल 5 किलोमीटर की उथली गहराई पर मौजूद था। पहाड़ी भूभाग होने और केंद्र सतह के निकट होने के कारण लोगों को झटका स्पष्ट रूप से महसूस हुआ। राहत की बात यह रही कि तीव्रता बेहद कम होने के कारण क्षेत्र में किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है।
चीन और तिब्बत में भी डोली जमीन
किश्तवाड़ की घटना के अतिरिक्त तिब्बत के इलाके में भी सुबह 5 बजकर 38 मिनट 12 सेकंड पर भूकंप दर्ज किया गया। तिब्बत में दर्ज किए गए इस झटके की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 4.5 मापी गई। इस हलचल का केंद्र जमीन के नीचे 10 किलोमीटर की गहराई पर 31.485 अक्षांश और 93.528 देशांतर पर स्थित था।
इन दोनों घटनाओं से पहले पड़ोसी देश चीन में भी तड़के भूकंपीय हलचल देखने को मिली। चीन के क्षेत्र में सुबह 4 बजकर 9 मिनट 8 सेकंड पर 4.6 तीव्रता का झटका महसूस किया गया था। इस भूकंप का केंद्र 32.920 अक्षांश और 93.761 देशांतर पर सतह से 10 किलोमीटर नीचे दर्ज हुआ।
किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं
शनिवार तड़के कुछ ही घंटों के अंतराल पर जम्मू-कश्मीर, चीन और तिब्बत में दर्ज की गई इन तीनों गतिविधियों में किसी भी इलाके से जानमाल की क्षति का समाचार नहीं मिला है। हिमालयी और उसके समीपवर्ती क्षेत्रों में लगातार होने वाली यह गतिविधियां भूगर्भीय दृष्टि से संवेदनशील मानी जाती हैं, लेकिन इस बार सभी क्षेत्रों में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही।



















