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जम्मू कश्मीर में सुरक्षा बलों का बड़ा तलाशी अभियान, रियासी के जंगलों में तीसरे दिन कॉम्बिंग जारी और राजौरी में एंटी-ड्रोन तैनातीभारत
18 अग॰ 2026, 11:44 pm (34 दिन पहले)· 3

जम्मू कश्मीर में सुरक्षा बलों का बड़ा तलाशी अभियान, रियासी के जंगलों में तीसरे दिन कॉम्बिंग जारी और राजौरी में एंटी-ड्रोन तैनाती

जम्मू कश्मीर के रियासी जिले में संदिग्ध गतिविधियों के बाद सुरक्षा बलों का तलाशी अभियान तीसरे दिन भी जारी रहा, वहीं राजौरी में बाबा बुढ़ा अमरनाथ यात्रियों की सुरक्षा के लिए एंटी-ड्रोन सिस्टम तैनात किया गया है।

जम्मू और कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने और क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए व्यापक स्तर पर उपाय किए जा रहे हैं। रियासी जिले के विभिन्न संवेदनशील क्षेत्रों में संदिग्ध लोगों की उपस्थिति से जुड़ी जानकारी सामने आने के बाद पुलिस और सुरक्षा बलों की संयुक्त टीमों ने तलाशी अभियान शुरू किया था, जो अब लगातार तीसरे दिन भी जारी है। इसके साथ ही सीमावर्ती जिले राजौरी में वार्षिक श्री बाबा बुढ़ा अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उच्च स्तरीय इंतजाम किए गए हैं, जिसके तहत आधुनिक एंटी-ड्रोन तकनीक और 24 घंटे इलेक्ट्रॉनिक निगरानी का सहारा लिया जा रहा है।

रियासी के जंगलों और संभावित रास्तों में सघन कॉम्बिंग जारी

रियासी जिले में बीते दिनों देखी गई संदिग्ध गतिविधियों की गंभीरता को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह मुस्तैद हैं। बलों की अलग-अलग टुकड़ियां संभावित रास्तों, घने जंगलों और आसपास के मैदानी व पहाड़ी इलाकों में छानबीन कर रही हैं। अभियान का प्राथमिक उद्देश्य संदिग्ध तत्वों की पहचान कर उनके किसी भी संभावित नापाक इरादे को समय रहते नाकाम करना है। जांच अधिकारी स्थानीय स्तर पर प्राप्त इनपुट और खुफिया जानकारियों का बारीकी से सत्यापन कर रहे हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर नाकेबंदी सख्त कर दी गई है।

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राजौरी में यात्रा ग्राउंड पर एंटी-ड्रोन कवच की तैनाती

उधर राजौरी जिले में श्री बाबा बुढ़ा अमरनाथ यात्रा के श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए सुरक्षा चक्र को अत्यधिक मजबूत कर दिया गया है। जब यात्रियों का दूसरा जत्था राजौरी क्षेत्र में पहुंचा, तो सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत प्रभाव से यात्रा ग्राउंड में एक अत्याधुनिक एंटी-ड्रोन सिस्टम स्थापित कर दिया। यह कदम संभावित हवाई खतरों और मानवरहित हवाई वाहनों की घुसपैठ को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है। यात्रा के पूरे मार्ग पर संवेदनशील स्थानों को चिन्हित कर अतिरिक्त सुरक्षा बल लगाए गए हैं, ताकि श्रद्धालु बिना किसी भय के अपनी यात्रा पूरी कर सकें।

सीसीटीवी कैमरों से 24 घंटे निगरानी और जनसहयोग की अपील

यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए पूरे मार्ग पर सीसीटीवी नेटवर्क के माध्यम से 24 घंटे लगातार निगरानी की जा रही है। सुरक्षा तंत्र पूरी तरह अलर्ट मोड पर है और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए त्वरित प्रतिक्रिया टीमों को तैयार रखा गया है। इसके अतिरिक्त, अधिकारियों ने स्थानीय नागरिकों से भी सतर्कता बरतने का आग्रह किया है। आम जनता से अपील की गई है कि यदि वे अपने आसपास किसी भी अज्ञात अथवा संदिग्ध व्यक्ति या अस्वाभाविक गतिविधि को देखें, तो बिना देरी किए उसकी सूचना नजदीकी पुलिस थाने या सुरक्षा बलों को दें।

सवाल-जवाब

रियासी में सुरक्षा बलों का तलाशी अभियान क्यों चलाया जा रहा है?
इलाके में संदिग्ध व्यक्तियों की आवाजाही और गतिविधियों की सूचना मिलने के बाद पुलिस और सुरक्षा बलों ने गहन छानबीन शुरू की है।
रियासी में जारी सर्च ऑपरेशन को कितने दिन हो चुके हैं?
सुरक्षा बलों का यह कॉम्बिंग ऑपरेशन लगातार तीसरे दिन भी जारी है।
राजौरी में यात्रियों की सुरक्षा के लिए क्या विशेष इंतजाम किए गए हैं?
राजौरी स्थित यात्रा ग्राउंड पर एक एंटी-ड्रोन सिस्टम तैनात किया गया है और यात्रा मार्गों पर सीसीटीवी कैमरों से 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है।
सुरक्षा एजेंसियों ने स्थानीय निवासियों से क्या अपील की है?
अधिकारियों ने नागरिकों से सतर्क रहने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को देने का अनुरोध किया है।
राजौरी में सुरक्षा व्यवस्था किस आयोजन के चलते बढ़ाई गई है?
श्री बाबा बुढ़ा अमरनाथ यात्रा और राजौरी पहुंचे श्रद्धालुओं के दूसरे जत्थे की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह व्यवस्था की गई है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Laxmi Gupta@laxmi-gupta·34 दिन पहले

अंक ज्योतिषीय और सुरक्षात्मक दृष्टिकोण से, इस प्रकार के बड़े अभियानों के दौरान अंकों का संयोजन और समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। रियासी और राजौरी में चल रहे इन सुरक्षा उपायों और एंटी-ड्रोन तकनीक की तैनाती से स्पष्ट है कि प्रशासन सतर्क है। यह रणनीतिक मुस्तैदी किसी भी बाहरी खतरे को समय रहते बेअसर करने में पूरी तरह प्रभावी साबित होगी।

Ravikash Gupta@ravikash·34 दिन पहले

जम्मू-कश्मीर में चल रहे सुरक्षा अभियानों और तीर्थयात्रा के दौरान एंटी-ड्रोन तकनीक का उपयोग यह दर्शाता है कि सुरक्षा एजेंसियां अब पारंपरिक खतरों के साथ-साथ आधुनिक तकनीकी चुनौतियों से निपटने के लिए भी पूरी तरह तैयार हैं। सीमावर्ती क्षेत्रों में इस तरह की इलेक्ट्रॉनिक निगरानी और बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था से न केवल असामाजिक तत्वों के मंसूबे नाकाम होंगे, बल्कि क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों, पर्यटन और समग्र निवेश के लिए भी एक स्थिर और सुरक्षित माहौल बनेगा।

Arjun Mehta@arjun-mehta·34 दिन पहले

रियासी और राजौरी के घटनाक्रम बताते हैं कि सुरक्षा तंत्र अब केवल जमीनी घेराबंदी तक सीमित नहीं है, बल्कि हवाई सुरक्षा और खुफिया तालमेल को भी प्राथमिकता दी जा रही है। ऐसे समय में जब अमरनाथ यात्रा जैसे बड़े आयोजन चल रहे हैं, एंटी-ड्रोन तकनीक का उपयोग और 24 घंटे की सीसीटीवी निगरानी सामरिक दृष्टिकोण से एक जरूरी और प्रभावी कदम है। यह एकीकृत रणनीति घुसपैठ के प्रयासों को रोकने के साथ-साथ सीमावर्ती इलाकों में दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित करने में अहम साबित होगी।

Karan Malhotra@karan-malhotra·34 दिन पहले

रियासी के जंगलों में लगातार तीसरे दिन चल रहा कॉम्बिंग ऑपरेशन और राजौरी में एंटी-ड्रोन सिस्टम की तैनाती यह संकेत देती है कि सुरक्षा एजेंसियां पारंपरिक जमीन के साथ-साथ हवाई खतरों से निपटने के लिए भी पूरी तरह तैयार हैं। बाबा बुढ़ा अमरनाथ यात्रा के दौरान ड्रोन के जरिए निगरानी रखना और तकनीकी सुरक्षा को बढ़ाना आधुनिक आतंकवाद और घुसपैठ की बदलती रणनीति का सटीक जवाब है।

Rohan Verma@rohan-verma·34 दिन पहले

यह खबर दर्शाती है कि सीमावर्ती और संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा का दायरा केवल जमीनी गश्त तक सीमित नहीं है, बल्कि आधुनिक तकनीकी चुनौतियों से निपटने के लिए भी अपग्रेड किया जा रहा है। रियासी में जारी कॉम्बिंग और राजौरी में एंटी-ड्रोन तकनीक की तैनाती से सुरक्षा ग्रिड को जो मजबूती मिल रही है, उससे किसी भी संभावित खतरे को समय रहते बेअसर करने में मदद मिलेगी।

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