मलेशियाई राजनीति में बड़ा मोड़, नजीब रज्जाक ने 100 करोड़ का जुर्माना भरकर जेल से जेल जैसे घर की ओर किया रुखमिडटर्म चुनाव के बाद डोनाल्ड ट्रंप का बयान, शेयर बाजार में गिरावट के लिए डेमोक्रेट्स को ठहराया जिम्मेदारडीडवाना में अनोखी परंपरा, कच्ची दीपावली पर दुकानों की मालकिन बनती हैं महिलाएंहेल्दी फल खाने के बाद भी क्यों होने लगती है गैस और एसिडिटी, जानिए इसके मुख्य कारणवीपीएन इस्तेमाल करते समय बार-बार आने वाले कैप्चा से कैसे पाएं छुटकारा, ये हैं तीन आसान तरीकेआईआईटी दिल्ली की छात्रा का कमाल, प्लास्टिक डिस्पोजल का ढूंढ निकाला इको-फ्रेंडली विकल्पभारतीय टीम ने न्यूजीलैंड के खिलाफ रचा नया इतिहास, एक साल में दर्ज की 11वीं ऐतिहासिक जीतबीकानेर में विदेशी पर्यटकों की धूम, रेगिस्तान की सैर और लोक धुनों पर थिरक रहे सैलानीनिशा भगत मौत मामला: पिता की शिकायत पर एफआईआर दर्ज, डीएसपी अमर कुमार पांडे को मिली जांचरूखे और बेजान बालों से हैं परेशान, तो फेंकने के बजाय केले के छिलके से बनाएं असरदार हेयर टॉनिक
निशा भगत मौत मामला: पिता की शिकायत पर एफआईआर दर्ज, डीएसपी अमर कुमार पांडे को मिली जांचझारखंड
8 नव॰ 2026, 8:28 am (3 मिनट पहले)· 0

निशा भगत मौत मामला: पिता की शिकायत पर एफआईआर दर्ज, डीएसपी अमर कुमार पांडे को मिली जांच

झारखंड की सामाजिक कार्यकर्ता निशा भगत की आत्महत्या के मामले में उनके पिता की शिकायत पर पिठोरिया थाने में नामजद आरोपियों और पुलिस अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच अब डीएसपी हेडक्वार्टर 1 अमर कुमार पांडे द्वारा की जाएगी।

रांची के पिठोरिया थाना क्षेत्र में आदिवासी अधिकारों की मुखर पैरोकार और सामाजिक कार्यकर्ता निशा भगत ने शुक्रवार को अपने आवास पर फंदे से लटककर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली थी। इस सनसनीखेज और उच्च-प्रोफाइल मामले में अब मृतका के पिता इंदु भगत ने पुलिस प्रशासन के समक्ष न्याय की गुहार लगाई है। उनके द्वारा दिए गए लिखित आवेदन के आधार पर स्थानीय पिठोरिया थाने में नामजद आरोपियों और तत्कालीन थाना प्रभारी सहित कुछ अन्य पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। प्रकरण की संवेदनशीलता को पूरी तरह भांपते हुए इसकी विस्तृत जांच का जिम्मा डीएसपी हेडक्वार्टर 1 अमर कुमार पांडे को सौंपा गया है ताकि सच्चाई सामने आ सके।

मानसिक प्रताड़ना और चरित्र हनन के गंभीर आरोप

मृतका के पिता ने अपने आधिकारिक आवेदन में इस पूरी घटना को एक सुनियोजित षड्यंत्र करार दिया है। उनका स्पष्ट आरोप है कि निशा को काफी समय से मानसिक और सामाजिक मोर्चे पर प्रताड़ित किया जा रहा था। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लगातार उनका चरित्र हनन किया गया, जिसके चलते वह गहरे मानसिक अवसाद और तनाव के दौर से गुजर रही थीं। पिता ने अपने आवेदन में पिठोरिया के थाना प्रभारी सतीश पाण्डेय के साथ-साथ अन्य पुलिस पदाधिकारियों को भी नामजद आरोपी बनाया है। इसके अतिरिक्त, अजय तिर्की और ज्योत्सना केरकेट्टा समेत कुछ प्रमुख जमीन दलालों पर भी आवेदन में गंभीर आरोप लगाए गए हैं। निशा के पिता ने इन सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की पुरजोर मांग की है और कहा है कि इसी निरंतर प्रताड़ना और दबाव के कारण उनकी बेटी को ऐसा कदम उठाना पड़ा।

ये भी पढ़ें

सुसाइड से पहले फेसबुक लाइव में उठाए गए थे तीखे सवाल

अपने जीवन का अंत करने से ठीक पहले निशा भगत ने सोशल मीडिया पर करीब 10 मिनट लंबा एक लाइव वीडियो प्रसारित किया था। इस वीडियो के दौरान वह काफी भावुक नजर आईं और रोते हुए उन्होंने झारखंड सरकार, भू-माफियाओं तथा स्थानीय पुलिस प्रशासन पर बेहद गंभीर आरोप जड़े थे। निशा का कहना था कि आदिवासी समुदायों के अधिकारों और जमीन दलालों की कारगुजारियों के खिलाफ मुखर होकर आवाज उठाने की वजह से उन्हें जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा था। उन्होंने यह भी दावा किया था कि उन्होंने स्थानीय पुलिस के समक्ष अपनी सुरक्षा की गुहार लगाई थी, मगर पिठोरिया थाना प्रभारी ने उनकी शिकायतों को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया।

डीएसपी अमर कुमार पांडे करेंगे पूरे मामले की निष्पक्ष जांच

घटना सामने आने के बाद से ही रांची का पुलिस प्रशासन पूरी तरह हरकत में आ गया है। इस प्रकरण के तूल पकड़ने और राजनीतिक माहौल गर्माने के बाद रांची पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने इसकी विस्तृत जांच की कमान डीएसपी हेडक्वार्टर 1 अमर कुमार पांडे को सौंप दी है। पुलिस महकमे का कहना है कि मृतिका के पिता द्वारा दिए गए आवेदन, फेसबुक लाइव के दौरान लगाए गए तमाम आरोपों और सोशल मीडिया से जुड़े सभी तकनीकी साक्ष्यों को पूरी तरह ध्यान में रखकर पूरी निष्पक्षता से जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।

परिजनों और आदिवासी युवाओं द्वारा सीबीआई जांच की मांग

निशा भगत की इस अचानक और असमय मौत से पूरे आदिवासी समाज और स्थानीय युवाओं में जबरदस्त आक्रोश व्याप्त है। परिवार के सदस्यों के साथ-साथ तमाम आदिवासी संगठनों ने राज्य पुलिस की जांच प्रक्रिया पर अविश्वास जताते हुए इस पूरे घटनाक्रम की उच्च स्तरीय सीबीआई जांच कराए जाने की मांग को और तेज कर दिया है। न्याय की मांग को लेकर युवाओं ने नगड़ी चेकपोस्ट के पास सड़क मार्ग को भी जाम कर दिया था। वहीं दूसरी तरफ, इस गंभीर मुद्दे पर विपक्ष ने भी सरकार को आड़े हाथों लेते हुए मुख्यमंत्री के इस्तीफे और तत्कालीन थाना प्रभारी की तत्काल गिरफ्तारी की मांग उठाई है।

सवाल-जवाब

निशा भगत कौन थीं?
निशा भगत आदिवासी समाज के हक और जल-जंगल-जमीन की लड़ाई लड़ने वाली एक मुखर सामाजिक कार्यकर्ता थीं।
यह घटना कहाँ और कब हुई?
यह घटना शुक्रवार को रांची के पिठोरिया थाना क्षेत्र में हुई जहाँ उन्होंने फंदे से लटककर जान दे दी।
एफआईआर में किन लोगों को आरोपी बनाया गया है?
मृतिका के पिता के आवेदन पर पिठोरिया के तत्कालीन थाना प्रभारी सतीश पाण्डेय, कुछ पुलिस अधिकारियों और अजय तिर्की तथा ज्योत्सना केरकेट्टा जैसे जमीन दलालों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की गई है।
मामला की जांच किसे सौंपी गई है?
इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की कमान डीएसपी हेडक्वार्टर 1 अमर कुमार पांडे को सौंपी गई है।
सुसाइड से पहले उन्होंने क्या किया था?
आत्मघाती कदम उठाने से ठीक पहले निशा भगत ने लगभग 10 मिनट का एक फेसबुक लाइव वीडियो प्रसारित किया था।
परिजन और स्थानीय लोग क्या मांग कर रहे हैं?
परिजनों और विभिन्न आदिवासी संगठनों ने इस पूरे घटनाक्रम की उच्च स्तरीय सीबीआई जांच कराने की मांग की है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp