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जनरेशन जेड को लेकर मोहन भागवत की चेतावनी, कहा सही मार्गदर्शन न मिलने पर युवा बन सकते हैं समाज के लिए चुनौतीबिहार
15 अग॰ 2026, 11:19 am (41 दिन पहले)· 3

जनरेशन जेड को लेकर मोहन भागवत की चेतावनी, कहा सही मार्गदर्शन न मिलने पर युवा बन सकते हैं समाज के लिए चुनौती

मोहन भागवत ने युवाओं को सही दिशा देने की जरूरत पर बल देते हुए कहा है कि यदि नई पीढ़ी को सही मार्ग न दिखाया गया तो वे समाज पर बोझ बन सकते हैं।

युवा पीढ़ी के भविष्य और उनके सामाजिक दायित्वों को लेकर मोहन भागवत ने गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश की युवा शक्ति, विशेष रूप से जनरेशन जेड (Gen-Z) को सही समय पर सही मार्गदर्शन प्रदान करना बेहद आवश्यक है। यदि युवा ऊर्जा को सकारात्मक और रचनात्मक कार्यों में नहीं लगाया गया, तो यही शक्ति समाज के लिए एक बड़ी चुनौती और बोझ में तब्दील हो सकती है।

युवा शक्ति का सही दिशा में संचलन

किसी भी राष्ट्र की प्रगति और उसकी सामाजिक संरचना में युवाओं का योगदान निर्णायक होता है। नई पीढ़ी के पास ऊर्जा, तकनीकी समझ और नए विचारों का विशाल भंडार है। हालांकि, इस ऊर्जा का उपयोग देश और समाज के निर्माण में तभी संभव है जब उन्हें स्पष्ट लक्ष्य और नैतिक मूल्य प्रदान किए जाएं। बिना सही मार्गदर्शन के युवा भटक सकते हैं, जिससे समाज में असंतुलन की स्थिति उत्पन्न होने का जोखिम रहता है।

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राष्ट्र निर्माण और सामाजिक दायित्व

युवा आंदोलनों और जमीनी स्तर की गतिविधियों से देश के लोकतंत्र और सामाजिक ताने-बाने को मजबूती मिलती है। खेल, शिक्षा और सामाजिक नेतृत्व से जुड़े कार्यक्रम युवाओं के भीतर नेतृत्व क्षमता विकसित करते हैं। राष्ट्र निर्माण की कुंजी इसी बात में निहित है कि युवाओं की आकांक्षाओं को उड़ान दी जाए और उनकी प्राथमिकताओं को सही मंच मिले।

भविष्य की चुनौतियां और समाधान

वर्तमान दौर में तेजी से बदलते तकनीकी और सामाजिक परिदृश्य के बीच युवाओं के सामने कई तरह के भटकाव मौजूद हैं। ऐसे माहौल में अभिभावकों, शिक्षण संस्थानों और सामाजिक संगठनों का कर्तव्य बनता है कि वे युवाओं को जिम्मेदार नागरिक बनाने की दिशा में काम करें। सही मार्गदर्शन से न केवल युवाओं का व्यक्तिगत विकास होगा, बल्कि समाज भी एक सशक्त और आत्मनिर्भर दिशा में आगे बढ़ेगा।

सवाल-जवाब

मोहन भागवत ने जनरेशन जेड को लेकर क्या कहा?
उन्होंने कहा कि युवाओं को सही दिशा देना बेहद जरूरी है, वरना वे समाज पर बोझ बन सकते हैं।
युवाओं को सही मार्गदर्शन देना क्यों आवश्यक है?
सही मार्गदर्शन से युवाओं की ऊर्जा सकारात्मक कार्यों में लगती है और वे राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दे पाते हैं।
मार्गदर्शन के अभाव में क्या जोखिम हो सकता है?
बिना स्पष्ट लक्ष्य और मार्गदर्शन के युवा भटक सकते हैं, जिससे समाज में असंतुलन और चुनौतियां पैदा हो सकती हैं।
युवाओं के विकास में किसकी भूमिका महत्वपूर्ण है?
अभिभावकों, शिक्षण संस्थानों और सामाजिक संगठनों की भूमिका युवाओं को जिम्मेदार नागरिक बनाने में महत्वपूर्ण होती है।
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