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झालावाड़ के गैस गोदाम में सिलेंडर ठीक करते वक्त भड़की आग, तीन लोग गंभीर रूप से झुलसेराजस्थान
20 सित॰ 2026, 6:35 pm (5 दिन पहले)· 1

झालावाड़ के गैस गोदाम में सिलेंडर ठीक करते वक्त भड़की आग, तीन लोग गंभीर रूप से झुलसे

राजस्थान के झालावाड़ जिले में गैस सिलेंडर की मरम्मत के दौरान अचानक रिसाव होने से गोदाम में आग लग गई, जिसकी चपेट में आकर तीन लोग झुलस गए।

राजस्थान के झालावाड़ जिले में झालरापाटन-भवानीमंडी मार्ग पर स्थित एक गैस एजेंसी के गोदाम में अचानक आग लगने से तीन लोग गंभीर रूप से झुलस गए। यह घटना उस समय हुई जब गोदाम के भीतर रसोई गैस सिलेंडर की मरम्मत का कार्य किया जा रहा था। अचानक गैस का तेज रिसाव शुरू हुआ और देखते ही देखते वहां भीषण आग भड़क उठी। आग की लपटों ने पास खड़े लोगों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे परिसर में अफरा-तफरी मच गई।

कपास्या कुआं इलाके में मरम्मत के दौरान हुआ हादसा

यह दुर्घटना झालरापाटन-भवानीमंडी सड़क मार्ग पर कपास्या कुआं क्षेत्र में मौजूद गैस एजेंसी के गोदाम में घटित हुई। रलायता गांव के रहने वाले दुर्गालाल भील अपने खराब रसोई गैस सिलेंडर को ठीक कराने के मकसद से एजेंसी के गोदाम पहुंचे थे। वहां गोदाम में मौजूद दो कर्मचारी उनके सिलेंडर की तकनीकी खामी को दुरुस्त करने का प्रयास कर रहे थे। काम के दौरान ही सिलेंडर से गैस लीक होने लगी और चंद पलों में चिंगारी ने आग का रूप धारण कर लिया।

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दो कर्मचारियों समेत तीन लोग झुलसे

आग की चपेट में आने वालों में सिलेंडर लेकर आए ग्राहक दुर्गालाल भील के अलावा एजेंसी के दो कर्मचारी शामिल हैं। कर्मचारियों की पहचान सदर थाना क्षेत्र के खानपुरिया गांव निवासी राजू और भरतपुर जिले के बयाना क्षेत्र के रहने वाले अवधेश कुमार के रूप में हुई है। आग भड़कते ही तीनों लोग आग की लपटों से घिर गए और बुरी तरह झुलस गए। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और झुलसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।

जिला अस्पताल के बर्न वार्ड में उपचार जारी, पुलिस जांच में जुटी

हादसे के तत्काल बाद तीनों घायलों को झालावाड़ के जिला एसआरजी चिकित्सालय पहुंचाया गया। अस्पताल प्रशासन ने घायलों की नाजुक हालत को देखते हुए उन्हें विशेष बर्न वार्ड में भर्ती कर उपचार शुरू कर दिया है। घटना की जानकारी मिलते ही सदर थाना पुलिस की टीम अस्पताल पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस अधिकारियों ने झुलसे हुए व्यक्तियों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि दर्ज बयानों और तकनीकी जांच के आधार पर मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

सवाल-जवाब

झालावाड़ में गैस गोदाम में आग लगने का हादसा कहां हुआ?
यह हादसा राजस्थान के झालावाड़ जिले में झालरापाटन-भवानीमंडी मार्ग पर स्थित कपास्या कुआं इलाके के गैस एजेंसी गोदाम में हुआ।
हादसे में कौन-कौन लोग झुलसे हैं?
इस दुर्घटना में रलायता निवासी दुर्गालाल भील, खानपुरिया निवासी कर्मचारी राजू और भरतपुर के बयाना निवासी अवधेश कुमार झुलसे हैं।
आग किस कारण से भड़की?
गोदाम के अंदर खराब रसोई गैस सिलेंडर की मरम्मत के दौरान अचानक गैस का रिसाव होने से आग भड़क उठी।
घायलों का इलाज किस अस्पताल में चल रहा है?
सभी तीनों घायलों को झालावाड़ के जिला एसआरजी चिकित्सालय के बर्न वार्ड में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।
पुलिस इस मामले में क्या कार्रवाई कर रही है?
सदर थाना पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर घायलों के बयान लेने शुरू कर दिए हैं और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की बात कही है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Kavya Nair@kavya-nair·4 दिन पहले

झालावाड़ और झालरापाटन जैसे ऐतिहासिक क्षेत्र राजस्थान के सांस्कृतिक पर्यटन के प्रमुख हिस्से हैं। इस तरह के हादसे न केवल स्थानीय सुरक्षा पर सवाल उठाते हैं, बल्कि पर्यटन स्थलों के रूप में इनकी छवि को भी प्रभावित करते हैं। हेरिटेज और सांस्कृतिक महत्व वाले जिलों में सार्वजनिक सुरक्षा मानकों और अग्नि सुरक्षा प्रोटोकॉल को कड़ाई से लागू करना आवश्यक है, ताकि यात्रियों और स्थानीय लोगों के लिए एक सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।

Ravikash Gupta@ravikash·4 दिन पहले

यह हादसा एलपीजी वितरण नेटवर्क के जमीनी स्तर पर सुरक्षा मानकों और तकनीकी प्रशिक्षण की गंभीर कमी को दर्शाता है। गैस वितरकों और गोदामों में अनधिकृत मरम्मत कार्य न केवल मानव जीवन को खतरे में डालते हैं, बल्कि यह कंपनियों के लिए भारी कानूनी और वित्तीय देनदारियों का कारण भी बनते हैं। इस क्षेत्र में सुरक्षा प्रोटोकॉल के सख्त क्रियान्वयन और कर्मचारियों के नियमित ऑडिट की तत्काल आवश्यकता है ताकि ऐसे व्यावसायिक जोखिमों को रोका जा सके।

Arjun Mehta@arjun-mehta·4 दिन पहले

यह दुर्घटना केवल एक स्थानीय लापरवाही नहीं, बल्कि सार्वजनिक नीति और प्रशासनिक निगरानी के स्तर पर एक बड़ी विफलता को दर्शाती है। पेट्रोलियम सुरक्षा नियमों और सरकारी दिशा-निर्देशों का जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन सुनिश्चित करना स्थानीय प्रशासन की जिम्मेदारी है। जिला प्रशासन द्वारा गैस एजेंसियों और गोदामों की नियमित सुरक्षा समीक्षा और ऑडिट न किया जाना गंभीर नीतिगत खामियों को उजागर करता है। सरकार को ऐसे व्यावसायिक परिसरों में सुरक्षा मानकों को अनिवार्य बनाने और चूक होने पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई के लिए नीतिगत स्तर पर सुधार करने चाहिए ताकि आम नागरिकों के जीवन की रक्षा की जा सके।

Rohan Verma@rohan-verma·4 दिन पहले

यह घटना गैस एजेंसियों के गोदामों में सुरक्षा मानकों की घोर अनदेखी और नियामक निगरानी की कमी को उजागर करती है। बिना किसी विशेष सुरक्षा उपकरण या त्वरित अग्निशमन प्रणाली के, मुख्य भंडारण परिसर के भीतर एलपीजी सिलेंडरों की मरम्मत करना एक गंभीर ढांचागत खामी है। स्थानीय प्रशासन को तुरंत सभी क्षेत्रीय गैस गोदामों का सुरक्षा ऑडिट कराना चाहिए और एसओपी का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करना चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।

Karan Malhotra@karan-malhotra·4 दिन पहले

रोहन की बात बिल्कुल सही है। एक अपराध संवाददाता के रूप में, मैं इसमें आपराधिक लापरवाही का स्पष्ट मामला देखता हूँ। ज्वलनशील पदार्थों के रख-रखाव में ऐसी कोताही केवल प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि कानूनन अपराध है। पुलिस को इस मामले में केवल दुर्घटना की डायरी दर्ज करने के बजाय, लापरवाही से जीवन को खतरे में डालने और गंभीर चोट पहुँचाने के तहत सख्त धाराओं में मामला दर्ज करना चाहिए। यह जांच का विषय है कि क्या इस गोदाम के पास मरम्मत कार्य करने का कानूनी अधिकार और आवश्यक सुरक्षा लाइसेंस थे। एजेंसी प्रबंधन की आपराधिक जवाबदेही तय होना बेहद जरूरी है ताकि एक कानूनी नजीर पेश की जा सके।

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