पीतल नगरी में खास मसालों और मक्खन के साथ परोसी जाती है मुरादाबादी मूंग दालतुला राशिफल 25 सितंबर 2026: राहु और मंगल के प्रभाव से करियर में आएगी गति, वित्तीय संतुलन और रिश्तों पर दें ध्यानगोवा वोटर लिस्ट विवाद पर चुनाव आयोग का रुख साफ, मतदाता सूची संशोधन पर विपक्ष ने उठाए सवालनागोया में भारत के पास आज कई मेडल पक्के करने का मौका, निशानेबाजी और कबड्डी पर टिकी निगाहेंशी जिनपिंग के स्वागत में व्हाइट हाउस का शाही मेन्यू, फ्रेंच स्वाद के साथ परोसे गए खास व्यंजनराजस्थान के तीन बड़े शहरों में महापौर चुनने की जंग, जयपुर में भाजपा और कांग्रेस आमने-सामनेकश्मीरी गेट के पास ई-रिक्शा रोककर लूटपाट, चाकू के वार से युवक की जान गई और दो जख्मीछत और बालकनी पर सब्जियां उगाते समय न करें केमिकल का छिड़काव, पूसा विशेषज्ञ ने सुझाए जैविक खाद के आसान उपायवृश्चिक राशिफल 25 सितंबर 2026: 12वें भाव में शुक्र जगाएगा सुख-सुविधाओं की चाहत, बजट और सेहत का रखें ध्यानबिटगेट पर बड़ा साइबर हमला, हॉट वॉलेट से उड़ाए गए 351 मिलियन डॉलर
झालावाड़ में फूटा दुखों का पहाड़, बड़े भाई के अंतिम संस्कार से लौटते ही छोटे भाई की भी हार्ट अटैक से मौतराजस्थान
18 सित॰ 2026, 3:01 pm (7 दिन पहले)· 1

झालावाड़ में फूटा दुखों का पहाड़, बड़े भाई के अंतिम संस्कार से लौटते ही छोटे भाई की भी हार्ट अटैक से मौत

राजस्थान के झालावाड़ में एक ही दिन में दो सगे भाइयों मांगीलाल जाटव और रामबिलास जाटव की साइलेंट हार्ट अटैक से मौत हो गई, जबकि दो महीने पहले ही उनके तीसरे भाई की भी इसी तरह जान गई थी।

राजस्थान के झालावाड़ जिले में एक अत्यंत हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां महज 12 घंटे के भीतर दो सगे भाइयों की साइलेंट हार्ट अटैक के कारण मौत हो गई। इस दोहरे वज्रपात से पूरे इलाके में मातम पसर गया है। पीड़ित परिवार अभी एक भाई की मौत के सदमे से उबर भी नहीं पाया था कि दूसरे भाई की अचानक मौत ने पूरे गांव को गहरे शोक में डुबो दिया है।

गुरुवार और शुक्रवार को हुआ दर्दनाक हादसा

यह दुखद सिलसिला झालावाड़ के अकलेरा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ल्हास गांव में शुरू हुआ। गुरुवार देर रात बड़े भाई मांगीलाल जाटव की तबीयत अचानक बहुत खराब हो गई। घबराए हुए परिजन उन्हें तुरंत अस्पताल लेकर भागे, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शुक्रवार की सुबह बेहद गमगीन माहौल में परिवार के सदस्यों और ग्रामीणों ने मांगीलाल का अंतिम संस्कार किया।

ये भी पढ़ें

लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी करने के बाद जब परिजन और ग्रामीण दोपहर में घर वापस लौटे, तो छोटे भाई रामबिलास जाटव की सेहत भी अचानक बिगड़ने लगी। परिवार के लोग बिना कोई समय गंवाए उन्हें तुरंत अस्पताल ले गए, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी सांसें थम चुकी थीं और डॉक्टरों ने उन्हें भी मृत घोषित कर दिया। दोनों भाइयों की मौत की शुरुआती वजह साइलेंट हार्ट अटैक बताई गई है।

दो महीने के भीतर तीन बेटों को खोया

इस अभागे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूटने का यह कोई पहला मामला नहीं है। परिजनों ने बताया कि महज दो महीने पहले ही उन्होंने अपने एक और बेटे को खोया था। इसी साल जुलाई में तीसरे भाई चैनसिंह जाटव की भी हार्ट अटैक की वजह से मौत हो गई थी। अब मांगीलाल और रामबिलास की असमय मृत्यु के बाद, इस परिवार ने सिर्फ दो महीने के भीतर अपने तीन बेटों को हमेशा के लिए खो दिया है। एक के बाद एक तीन जवानों की मौत से पूरा परिवार गहरे सदमे और मानसिक आघात में है।

भविष्य की चिंता और गांव में पसरा सन्नाटा

रामबिलास जाटव की मौत ने परिवार के सामने न केवल भावनात्मक बल्कि व्यावहारिक मुश्किलें भी खड़ी कर दी हैं। रिश्तेदारों के मुताबिक, रामबिलास का कोई बेटा नहीं है, जिससे अब परिवार के भरण-पोषण और भविष्य को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा हो गई हैं। कुछ ही हफ्तों के अंतराल में तीन सगे भाइयों की मौत से पूरा ल्हास गांव स्तब्ध है। गांव के हर कोने में केवल शोक का माहौल है और ढाढस बंधाने पहुंचने वाले लोगों की आंखें भी नम हैं।

सवाल-जवाब

यह घटना किस स्थान पर हुई है?
यह हृदयविदारक घटना राजस्थान के झालावाड़ जिले के अकलेरा क्षेत्र में स्थित ल्हास गांव की है।
शुक्रवार को किन दो भाइयों की मृत्यु हुई?
शुक्रवार को बड़े भाई मांगीलाल जाटव और छोटे भाई रामबिलास जाटव की मृत्यु हुई।
दोनों भाइयों की मृत्यु की क्या वजह बताई जा रही है?
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार दोनों भाइयों की मौत अचानक साइलेंट हार्ट अटैक आने की वजह से हुई है।
क्या इस परिवार ने हाल ही में किसी अन्य सदस्य को भी खोया था?
हां, लगभग दो महीने पहले जुलाई में इस परिवार के तीसरे बेटे चैनसिंह जाटव की भी हार्ट अटैक से ही मौत हो गई थी।
छोटे भाई रामबिलास जाटव की मौत के बाद परिवार चिंतित क्यों है?
रामबिलास जाटव का कोई बेटा नहीं है, जिसके कारण उनकी असमय मृत्यु के बाद परिवार के सामने भविष्य और भरण-पोषण की बड़ी चिंता खड़ी हो गई है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp