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कानपुर गर्भवती युवती मौत मामला: पुलिस ने दोनों संदिग्ध प्रेमियों को भेजा जेल, पोस्टमार्टम रिपोर्ट से फॉरेंसिक जांच पर टिका खुलासाउत्तर प्रदेश
17 अग॰ 2026, 7:20 am (73 दिन पहले)· 4

कानपुर गर्भवती युवती मौत मामला: पुलिस ने दोनों संदिग्ध प्रेमियों को भेजा जेल, पोस्टमार्टम रिपोर्ट से फॉरेंसिक जांच पर टिका खुलासा

घाटमपुर में सात महीने की गर्भवती युवती का शव मिलने के मामले में पुलिस ने दोनों कथित प्रेमियों अरविंद और प्रांजुल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस अब मौत की सटीक वजह जानने के लिए फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।

कानपुर देहात के घाटमपुर इलाके में एक सात महीने की गर्भवती 24 वर्षीय युवती का शव गांव के बाहर आम के बाग में मिलने से सनसनी फैल गई थी। इस संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस की तफ्तीश जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, कई जानकारियां सामने आ रही हैं। मामले की जांच कर रही पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जिन्हें मृतका का कथित प्रेमी बताया जा रहा है। पकड़े गए दोनों आरोपियों की पहचान पतारा निवासी अरविंद उर्फ गोला पांडेय और पड़ोसी जिले फतेहपुर के नरैनी निवासी प्रांजुल पाल के रूप में हुई है। मृतका के पिता की ओर से दी गई लिखित शिकायत के आधार पर पुलिस ने हत्या की धारा में मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों को अदालती प्रक्रिया के बाद सलाखों के पीछे भेज दिया है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच की स्थिति

फॉरेंसिक विशेषज्ञों और डॉक्टरों की टीम ने युवती के शव की जांच के बाद कई महत्वपूर्ण मेडिकल साक्ष्य जुटाए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से यह पूरी तरह स्पष्ट हो चुका है कि मृतका सात महीने के गर्भ से थी। हालांकि, शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की बिल्कुल सटीक वजह सामने नहीं आ सकी है। डॉक्टरों ने दुष्कर्म की आशंका को ध्यान में रखते हुए जरूरी मेडिकल जांच के लिए स्लाइड तैयार कर ली है। इसके साथ ही गर्भ में पल रहे शिशु का डीएनए सैंपल भी लैब टेस्ट के लिए सुरक्षित रख लिया गया है। घाटमपुर पुलिस का कहना है कि मौत के वास्तविक कारणों को जानने के लिए अब विस्तृत फॉरेंसिक और केमिकल लैब रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। जांच अधिकारी घटनास्थल से उठाए गए साक्ष्यों का भी सूक्ष्मता से विश्लेषण कर रहे हैं।

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पहले आरोपी प्रांजुल पाल से पूछताछ में सामने आई बातें

पुलिस क्षेत्राधिकारी (एसीपी) घाटमपुर कृष्णकांत के अनुसार, पुलिस की हिरासत में आए फतेहपुर के नरैनी निवासी प्रांजुल पाल ने पूछताछ के दौरान स्वीकार किया है कि वह बीते चार वर्षों से युवती के संपर्क में था। प्रांजुल ने बताया कि उसकी मां की मौसी का घर घाटमपुर थाना क्षेत्र के हिरनी गांव में स्थित है। इस वजह से उसका हिरनी गांव में लगातार आना-जाना बना रहता था और इसी दौरान उसकी मुलाकात युवती से हुई थी। पूछताछ के दौरान आरोपी प्रांजुल ने दावा किया कि युवती अक्सर उससे इलाज कराने का हवाला देकर पैसे लिया करती थी। पुलिस प्रशासन अब आरोपी के इन दावों की सत्यता जांचने के लिए उसके बयानों और साक्ष्यों का मिलान कर रहा है।

दूसरे आरोपी अरविंद पांडेय का बयान और अस्पताल का घटनाक्रम

मामले में नामजद दूसरे आरोपी पतारा निवासी अरविंद उर्फ गोला पांडेय ने पूछताछ में एक अलग ही कहानी बयां की है। अरविंद ने पुलिस को बताया कि वह मृतका के पिता को अपनी खेती की जमीन बटाई पर दिया करता था। खेत में काम-काज देखने के दौरान ही उसकी पहचान युवती से हुई थी। इसके बाद दोनों के बीच बातचीत और मिलना-जुलना शुरू हुआ। अरविंद ने स्वीकार किया कि उसने कई मौकों पर युवती की आर्थिक मदद की थी और उसे एक स्कूटी भी खरीदकर दी थी। अरविंद का दावा है कि जब युवती सात महीने की गर्भवती हो गई, तब उसने इस बात की जानकारी उसे दी थी।

स्थिति बिगड़ने पर अरविंद युवती को इलाज कराने के लिए कानपुर शहर के एक अस्पताल लेकर पहुंचा। वहां उसने खुद को युवती का पिता बताकर भर्ती कराने का प्रयास किया। हालांकि, युवती की गंभीर शारीरिक स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने किसी भी तरह का इलाज करने से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद अरविंद एक एंबुलेंस के जरिए युवती को वापस लेकर आया और उसे गांव की सीमा के पास छोड़ दिया।

बाग तक पहुंचने की गुत्थी और पुलिस की आगे की कार्रवाई

आरोपी अरविंद का कहना है कि उसने गांव के पास पहुंचकर युवती को अपने घर चले जाने को कहा और खुद वहां से निकल गया। लेकिन अगले दिन जब उसे पता चला कि युवती का शव आम के बाग में पड़ा मिला है, तो वह बुरी तरह डर गया और वहां से भाग निकला। अब पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि युवती की मौत वास्तव में किस वजह से हुई और एंबुलेंस से उतरने के बाद वह आम के बाग तक कैसे पहुंची।

एसीपी कृष्णकांत ने स्पष्ट किया है कि पिता की तहरीर पर हत्या का मामला दर्ज किया जा चुका है और दोनों मुख्य आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। फॉरेंसिक टीम और डॉक्टरों की विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सटीक कारणों और पूरे घटनाक्रम का खुलासा हो सकेगा। इसके अलावा, उत्तर प्रदेश के फर्रूखाबाद जिले के कमालगंज इलाके से भी एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी के गले में दुपट्टा बांधकर उसे गंगा नदी में फेंक दिया, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया।

सवाल-जवाब

कानपुर के घाटमपुर में क्या मामला सामने आया है?
घाटमपुर में सात महीने की गर्भवती 24 वर्षीय युवती का शव एक आम के बाग में मिला था, जिसके बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया है।
पुलिस ने किन लोगों को गिरफ्तार किया है?
पुलिस ने पतारा निवासी अरविंद उर्फ गोला पांडेय और फतेहपुर निवासी प्रांजुल पाल को गिरफ्तार कर जेल भेजा है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में क्या जानकारी मिली है?
रिपोर्ट ने सात महीने के गर्भ की पुष्टि की है, जबकि मौत की सटीक वजह जानने के लिए फॉरेंसिक और डीएनए जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
आरोपियों का मृतका से क्या संबंध था?
प्रांजुल चार साल से युवती के संपर्क में था, जबकि अरविंद के खेत में युवती का परिवार बटाई पर खेती करता था।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·72 दिन पहले

इस मामले में डीएनए प्रोफाइलिंग और फॉरेंसिक रिपोर्ट ही कानूनी मुकदमे की रीढ़ बनेगी। चूंकि शुरुआती पोस्टमार्टम से मौत की वजह स्पष्ट नहीं हुई है, अभियोजन पक्ष को अदालत में मजबूत circumstantial evidence पेश करने होंगे ताकि दोनों आरोपियों के खिलाफ हत्या के आरोपों को साबित किया जा सके।

Rohan Verma@rohan-verma·72 दिन पहले

इस संवेदनशील मामले में पुलिस के समक्ष सबसे बड़ी चुनौती दोनों आरोपियों के विरोधाभासी बयानों की सत्यता परखने और मृतका के पिता द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के बीच वैज्ञानिक कड़ियां जोड़ने की होगी। चूंकि प्राथमिक पोस्टमार्टम में स्पष्ट कारण नहीं मिला है, ऐसे में बिसरा रिपोर्ट और डीएनए मिलान की प्रक्रिया ही इस ब्लाइंड मर्डर मिस्टर को सुलझाने और अदालत में पुख्ता चार्जशीट दाखिल करने का एकमात्र आधार बनेगी।

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