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कानपुर की महाराजपुर सीट पर सतीश महाना का दबदबा, जानिए 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए क्या बन रहे हैं सियासी समीकरणउत्तर प्रदेश
25 अक्तू॰ 2026, 12:21 am (4 दिन पहले)· 2

कानपुर की महाराजपुर सीट पर सतीश महाना का दबदबा, जानिए 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए क्या बन रहे हैं सियासी समीकरण

उत्तर प्रदेश की कानपुर जिले की महाराजपुर विधानसभा सीट पर बीजेपी के सतीश महाना लगातार जीत दर्ज कर रहे हैं। जानिए 2012 से लेकर 2022 तक के चुनाव परिणाम और आगामी 2027 के सियासी समीकरण।

उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में स्थित महाराजपुर विधानसभा सीट राज्य की सबसे चर्चित और हॉट सीटों में शुमार की जाती है। इस अहम निर्वाचन क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के दिग्गज नेता सतीश महाना विधायक के रूप में प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। इसके साथ ही सतीश महाना इस समय उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं। उनका राजनीतिक सफर काफी लंबा रहा है और वे साल 1991 से लगातार विधानसभा के सदस्य बनते आ रहे हैं। शुरुआती दौर में सतीश महाना साल 1991 से लेकर 2007 तक कानपुर कैंट विधानसभा सीट से लगातार चुनाव जीतते रहे थे। इसके बाद साल 2008 में हुए परिसीमन की प्रक्रिया के तहत जब महाराजपुर सीट का नया वजूद सामने आया, तब से लेकर अब तक इस क्षेत्र में जितने भी विधानसभा चुनाव हुए हैं, उन सभी में सतीश महाना ने ही जीत हासिल की है। यह पूरी विधानसभा सीट अकबरपुर रनिया लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है।

सतीश महाना ने महाराजपुर में दर्ज की थी पहली जीत

अगर बात साल 2012 के विधानसभा चुनाव की करें तो महाराजपुर निर्वाचन क्षेत्र के अस्तित्व में आने के बाद हुए इस पहले चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने कानपुर कैंट सीट से लगातार पांच बार विधायक रहे सतीश महाना को अपना उम्मीदवार बनाया था। इस मुकाबले में सतीश महाना ने कुल 83,144 वोट हासिल किए और बहुजन समाज पार्टी की उम्मीदवार शिखा मिश्रा को 29,889 मतों के बड़े अंतर से शिकस्त दी। चुनाव में शिखा मिश्रा केवल 53,255 वोट ही प्राप्त कर पाई थीं। इन चुनावी परिणामों के साथ ही इस नई बनी हुई महाराजपुर सीट पर पहला विधायक भारतीय जनता पार्टी के खाते में गया। इस चुनाव में समाजवादी पार्टी की उम्मीदवार अरुणा तोमर तीसरे स्थान पर रहीं जिन्हें कुल 51,585 वोट मिले थे।

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साल 2017 में भारी-भरकम अंतर से मिली जीत

उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव 2017 में सतीश महाना ने महाराजपुर सीट पर एक बार फिर शानदार प्रदर्शन करते हुए लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की। इस चुनाव के दौरान सतीश महाना ने रिकॉर्ड 1,32,394 वोट अपने नाम किए, जबकि उनके सबसे निकटतम प्रतिद्वंद्वी के रूप में मैदान में उतरे बहुजन समाज पार्टी के उम्मीदवार मनोज कुमार शुक्ला मात्र 40,568 वोट ही हासिल कर सके। सतीश महाना ने यह चुनाव 91,826 मतों के बेहद भारी-भरकम अंतर से जीता था। महाराजपुर विधानसभा क्षेत्र में अब तक संपन्न हुए तीनों चुनावों में यह सबसे बड़ी जीत का रिकॉर्ड है। समाजवादी पार्टी ने इस बार भी अरुणा तोमर को ही अपना उम्मीदवार बनाया था, जो इस चुनाव में 38,752 वोट ही हासिल करने में सफल हो पाई थीं।

साल 2022 में सतीश महाना ने पूरी की जीत की हैट्रिक

साल 2022 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार सतीश महाना ने महाराजपुर सीट पर अपनी जीत की हैट्रिक पूरी कर ली। इस चुनाव में उन्हें कुल 1,52,883 वोट प्राप्त हुए। इस बार महाराजपुर सीट पर मुख्य मुकाबले में रनरअप रहे समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी फतेह बहादुर सिंह गिल थे। वे इस चुनाव में 70,622 वोट ही हासिल कर पाए। इस प्रकार सतीश महाना ने 82,261 मतों के स्पष्ट अंतर से इस मुकाबले को अपने नाम किया। इस चुनाव की खास बात यह रही कि बहुजन समाज पार्टी खिसककर तीसरे पायदान पर पहुंच गई और पार्टी के प्रत्याशी सुरेंद्र पाल सिंह को केवल 15,113 वोट ही मिल सके।

साल 2027 के चुनाव के लिए बन रहे सियासी समीकरण

महाराजपुर विधानसभा सीट पर सतीश महाना के मजबूत दबदबे का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पिछले दो चुनावों में उनके मुख्य प्रतिद्वंद्वी को जितने कुल वोट मिले, उससे कहीं ज्यादा वोटों के अंतर से उन्होंने जीत हासिल की है। महाराजपुर सीट के चुनावी इतिहास को देखें तो यहां दो बार बहुजन समाज पार्टी और एक बार समाजवादी पार्टी मुख्य रनरअप के रूप में सामने आई है। अब अगर आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव के सियासी समीकरणों की बात की जाए, तो यहां मुकाबला एक तरफ भारतीय जनता पार्टी और दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी-कांग्रेस गठबंधन के बीच हो सकता है। साल 2027 के इस आगामी चुनाव में भारतीय जनता पार्टी अपने मजबूत पार्टी कैडर और सतीश महाना के व्यक्तिगत प्रभाव व दबदबे के सहारे मैदान में उतर सकती है, जबकि समाजवादी पार्टी अपने गठबंधन और पीडीए फॉर्मूले पर पूरी उम्मीद जता रही है। इस सीट पर राजनीतिक दलों की तैयारियां अभी से तेज होने लगी हैं।

सवाल-जवाब

महाराजपुर विधानसभा सीट किस जिले के अंतर्गत आती है?
महाराजपुर विधानसभा सीट उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले का हिस्सा है।
महाराजपुर सीट से वर्तमान विधायक कौन हैं?
इस सीट से बीजेपी के कद्दावर नेता और उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना विधायक हैं।
सतीश महाना ने महाराजपुर सीट पर पहली बार चुनाव कब जीता था?
सतीश महाना ने साल 2012 में हुए महाराजपुर के पहले विधानसभा चुनाव में जीत हासिल की थी।
साल 2022 के चुनाव में महाराजपुर सीट पर रनरअप कौन था?
वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के फतेह बहादुर सिंह गिल रनरअप रहे थे।
महाराजपुर विधानसभा सीट किस लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है?
यह विधानसभा सीट अकबरपुर रनिया लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आती है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Priya Sharma@priya-sharma·4 दिन पहले

1991 से लगातार जीतते रहना सचमुच कमाल का राजनीतिक रिकॉर्ड है, इतने लंबे समय तक जनता का भरोसा बनाए रखना आसान नहीं होता।

Ravikash Gupta@ravikash·4 दिन पहले

सतीश महाना का कानपुर में दबदबा वाकई गज़ब है। 1991 से लगातार जीतना आसान नहीं होता, जनता का भरोसा साफ दिखता है। 2027 में भी यहां मुकाबला दिलचस्प होने वाला है।

Arjun Mehta@arjun-mehta·4 दिन पहले

रविकेश जी, बात तो आपकी सही है कि जनता का भरोसा है। पर क्या 2027 में विपक्ष इस किले में कोई सेंध लगा पाएगा?

Rohan Verma@rohan-verma·4 दिन पहले

सतीश महाना का महाराजपुर में दबदबा वाकई गज़ब है, 2027 में टक्कर देना आसान नहीं होगा।

Karan Malhotra@karan-malhotra·4 दिन पहले

रोहन भाई, दबदबा तो है लेकिन 2027 में हर सीट पर पुलिस और सुरक्षा के इंतज़ाम और चुनावी सरगर्मी के बीच समीकरण बदलना इतना भी आसान नहीं होगा।

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