उत्तर प्रदेश के कानपुर नगर में अवैध रूप से हुक्का परोसने वाले कैफे और रेस्टोरेंट संचालकों पर प्रशासन का शिकंजा बेहद सख्त हो गया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की ओर से सार्वजनिक स्थलों और खान-पान केंद्रों पर हुक्का सेवा को लेकर जारी स्पष्ट निर्देशों के मद्देनजर कानपुर कमिश्नरेट पुलिस ने पूरे शहर में व्यापक स्तर पर औचक जांच अभियान चलाया। शहर के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में एक साथ शुरू की गई इस तलाशी मुहिम के तहत कुल 265 रेस्टोरेंट और कैफे परिसरों की गहन पड़ताल की गई। अचानक पहुंची पुलिस टीमों के कारण प्रतिष्ठानों में खलबली मच गई। सघन छानबीन के दौरान नियमों का खुला उल्लंघन पाए जाने पर 5 प्रतिष्ठानों पर मुकदमा दर्ज किया गया है, जबकि संबंधित गतिविधियों में लिप्त 25 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई है।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद चौतरफा दबिश
अदालती आदेशों के अनुपालन को लेकर कानपुर पुलिस ने विशेष रणनीति के तहत काम शुरू किया है। अधिकारियों के दिशा-निर्देशन में थाना स्तर पर विशेष पुलिस दलों का गठन किया गया, जिन्होंने अपने-अपने कार्यक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कैफे, रूफटॉप और डाइनिंग केंद्रों पर अचानक छापेमारी की। 30 सितंबर 2026 को अदालत के रुख के उपरांत सार्वजनिक स्थानों पर अवैध धूम्रपान और हुक्का सामग्री परोसने को लेकर सतर्कता कई गुना बढ़ा दी गई है। जांच दलों ने उन सभी ठिकानों को प्राथमिकता सूची में रखा, जहां लंबे समय से हुक्का बार संचालित किए जाने की गुप्त सूचनाएं अथवा स्थानीय नागरिकों की ओर से शिकायतें प्राप्त हो रही थीं।
प्रतिष्ठानों के भीतर दाखिल होकर पुलिस टीमों ने सबसे पहले रसोई, गुप्त केबिन, रूफटॉप जोन और विशेष रूप से तैयार किए गए लाउंज की बारीकी से तलाशी ली। इस दौरान वहां मौजूद कर्मचारियों, प्रबंधकों और ग्राहकों से पूछताछ कर यह पता लगाया गया कि क्या परिसर में किसी भी प्रकार से ग्राहकों को हुक्का मुहैया कराया जा रहा था। यदि सेवा दी जा रही थी, तो उसके संचालन का माध्यम क्या था और इसके लिए क्या कोई विशेष व्यवस्था की गई थी।
सामग्री बरामदगी और दस्तावेजों की गहन जांच
जांच अभियान के दौरान कई स्थानों से हुक्का उपकरण, चिलम, पाइप, चारकोल और विभिन्न प्रकार के फ्लेवर्ड तंबाकू बरामद किए गए हैं। पुलिस दलों ने मौके पर मिली सभी आपत्तिजनक सामग्रियों को विधिवत जब्त कर लिया है और उन्हें साक्ष्य के रूप में सुरक्षित रखा गया है। इसके साथ ही जांच अधिकारी यह पड़ताल कर रहे हैं कि संबंधित केंद्रों में हुक्का परोसने का सिलसिला कब से चल रहा था और इस अवैध कारोबार के संचालन में मुख्य रूप से कौन-कौन लोग हिस्सेदार थे।
प्रतिष्ठानों के वैध लाइसेंस, अग्निशमन सुरक्षा मानक, नगर निगम से जुड़े दस्तावेज और स्थानीय व्यापारिक अनुमतियों की भी पड़ताल की जा रही है। मौके से पकड़े गए 25 लोगों से पूछताछ के जरिए नेटवर्क के मुख्य कर्ताधर्ताओं तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि हिरासत में लिए जाने का तात्पर्य तत्काल दोषी करार देना नहीं है, बल्कि जांच में सामने आने वाले ठोस साक्ष्यों, बयानों और बरामद सामग्रियों की तकनीकी पुष्टि के आधार पर ही कानूनी धाराओं के तहत अगली कार्रवाई तय की जाएगी।
कानपुर में पहले भी सामने आ चुके हैं मामले
कानपुर शहर में रेस्टोरेंट और कैफे की आड़ में हुक्का परोसे जाने का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी पुलिस को ऐसे गैरकानूनी अड्डों के खिलाफ कार्रवाई करनी पड़ी है। सितंबर 2026 के दौरान स्वरूप नगर और बर्रा क्षेत्र में रेस्टोरेंट की आड़ में चोरी-छिपे चल रहे हुक्का बारों पर पुलिस ने कार्रवाई की थी, जहां से भारी मात्रा में चिलम, पाइप और फ्लेवर्ड तंबाकू बरामद किए गए थे।
इसके अलावा अप्रैल 2026 में भी बर्रा तथा हनुमंत विहार थाना क्षेत्रों के अंतर्गत संचालित कई प्रतिष्ठानों पर पुलिस ने दबिश देकर हुक्का उपकरण जब्त किए थे और कई लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। बार-बार चेतावनी और कार्रवाई के बावजूद कई संचालक चोरी-छिपे युवाओं को आकर्षित करने के लिए इन गतिविधियों को जारी रखते हैं, जिस पर अब पुलिस पूरी तरह से नकेल कसने की तैयारी में है।
आगे भी जारी रहेगा सघन जांच अभियान
कानपुर कमिश्नरेट पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि नगर में लागू नियमों और उच्च न्यायालय के आदेशों का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा। स्थानीय खुफिया तंत्र और थाना पुलिस को अपने-अपने इलाकों में मौजूद सभी संदिग्ध डाइनिंग आउटलेट्स, लाउंज और कैफे पर 24 घंटे निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस प्रशासन ने सभी व्यवसायिक प्रतिष्ठान संचालकों को आगाह किया है कि वे नियमों की परिधि में रहकर ही व्यापार करें और किसी भी प्रकार की प्रतिबंधित गतिविधि को अपने परिसर में जगह न दें। वर्तमान में जब्त किए गए सामान के परीक्षण और हिरासत में लिए गए लोगों से मिली जानकारियों का विस्तृत विश्लेषण किया जा रहा है, जिसके पूरा होते ही चिन्हित संचालकों के विरुद्ध सुसंगत कानूनी धाराओं में कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
























