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कटिहार में गजब घोटाला, कागजों पर तैयार 44 लाख के स्कूल का भवन गायब होने पर पहुंचे ग्रामीणबिहार
10 सित॰ 2026, 11:00 am (15 दिन पहले)· 2

कटिहार में गजब घोटाला, कागजों पर तैयार 44 लाख के स्कूल का भवन गायब होने पर पहुंचे ग्रामीण

बिहार के कटिहार जिले में शिक्षा विभाग का अनोखा मामला सामने आया है, जहां ग्रामीण ढोल-नगाड़ों के साथ शिकायत लेकर पहुंचे कि उनका 44 लाख रुपये की लागत से बनने वाला स्कूल ही गायब हो गया है।

बिहार के कटिहार जिले में शिक्षा व्यवस्था से जुड़ा हुआ एक ऐसा मामला सामने आया है जिसे सुनकर हर कोई हैरान रह गया है। जिले के प्राणपुर प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय दीघापार के स्थानीय लोग अनोखे अंदाज में अपनी शिकायत दर्ज कराने जिला प्रशासन के पास पहुंचे। ग्रामीण ढोल और नगाड़े बजाते हुए जिला मुख्यालय पहुंचे और अधिकारियों से गुहार लगाई कि साहब हमारा विद्यालय ही चोरी हो गया है, आप लोग इसे ढूंढ कर दीजिए और हमें न्याय दिलाइए। इस अजीबोगरीब शिकायत ने प्रशासनिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है।

कागजों पर कैसे बना 44 लाख का स्कूल

स्थानीय लोगों ने अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात कर एक लिखित आवेदन भी सौंपा है। ग्रामीणों ने इस मामले के समाधान की पुरजोर मांग की है। जानकारी के मुताबिक, ग्रामीणों के सहयोग से ही नए प्राथमिक विद्यालय दीघापार के भवन निर्माण के लिए जमीन उपलब्ध कराई गई थी। सरकारी दस्तावेजों के अनुसार साल 2024 में इस स्कूल के लिए निविदा प्रक्रिया पूरी की गई थी। इसके तहत विद्यालय निर्माण के लिए कुल 44 लाख 85 हजार रुपये की राशि जारी की गई थी। बिहार ई-प्रोक्योरमेंट रिकॉर्ड के मुताबिक निविदा संख्या 2024_BSEB_314680-1 के तहत 25 मार्च 2025 को भवन निर्माण पूरा होने का प्रमाण पत्र भी जारी कर दिया गया था।

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इस निर्माण कार्य के लिए कार्य एजेंसी को कुल तीन किस्तों में भुगतान भी कर दिया गया था। पहली किस्त के रूप में 18 अप्रैल 2024 को 15 लाख रुपये, दूसरी किस्त के तौर पर 28 सितंबर 2024 को 15 लाख रुपये और आखिरी किस्त के रूप में 12 मार्च 2025 को 14 लाख 85 हजार रुपये का भुगतान एजेंसी के खाते में ट्रांसफर कर दिया गया। हालांकि हैरान करने वाली बात यह है कि जिस जगह पर स्कूल के निर्माण का दावा किया जा रहा है, वहां आज भी नदी जैसी स्थिति बनी हुई है और भवन के नाम पर एक भी ईंट तक नहीं लगाई गई है।

प्रशासन ने दिए उच्च स्तरीय जांच के आदेश

इस पूरे मामले पर सदर एसडीओ सूरज कुमार ने ग्रामीणों की फरियाद को गंभीरता से सुना है। उन्होंने खुद मौके पर जाकर इस पूरे मामले की जांच करने का आश्वासन दिया है। अधिकारी ने इसे एक अत्यंत गंभीर मामला बताया है। सरकार की ओर से भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने के दावों के बीच कटिहार से सामने आया यह मामला बेहद चौंकाने वाला है। बिना एक भी ईंट जोड़े स्कूल के नाम पर लाखों रुपये का फंड पास हो जाना बड़ी प्रशासनिक लापरवाही की ओर इशारा करता है। इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की जानी चाहिए ताकि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सके।

सवाल-जवाब

यह मामला किस जिले से जुड़ा है?
यह मामला बिहार के कटिहार जिले के प्राणपुर प्रखंड से जुड़ा है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से क्या शिकायत की?
ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़े बजाकर शिकायत की कि उनका विद्यालय चोरी हो गया है और कागजों पर बने स्कूल का जमीन पर कोई वजूद नहीं है।
स्कूल के निर्माण के लिए कितनी राशि स्वीकृत हुई थी?
विद्यालय के भवन निर्माण के लिए कुल 44 लाख 85 हजार रुपये की राशि जारी की गई थी।
फंड की राशि का भुगतान कैसे किया गया?
कार्य एजेंसी को कुल तीन किस्तों में पूरा भुगतान कर दिया गया था जिसमें पहली किस्त 15 लाख, दूसरी 15 लाख और आखिरी किस्त 14 लाख 85 हजार रुपये की थी।
इस मामले में प्रशासन ने क्या कदम उठाया है?
सदर एसडीओ सूरज कुमार ने मामले को गंभीर मानते हुए स्थल पर जाकर जांच करने और उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।
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