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कुल्लू की पहाड़ियों में आईटीबीपी और एनसीबी का बड़ा एक्शन, मनाला क्रीम का कच्चा माल तबाहहिमाचल प्रदेश
27 सित॰ 2026, 7:48 pm (40 दिन पहले)· 2

कुल्लू की पहाड़ियों में आईटीबीपी और एनसीबी का बड़ा एक्शन, मनाला क्रीम का कच्चा माल तबाह

हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़े संयुक्त अभियान के तहत अवैध रूप से उगाई जा रही भांग की फसल को नष्ट कर दिया है। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य विश्व प्रसिद्ध 'मनाला क्रीम' चरस के कच्चे माल के स्रोत को खत्म करना है।

हिमाचल प्रदेश की दुर्गम पहाड़ियों और ऊंचाई वाले इलाकों में ड्रग्स के अवैध कारोबार पर सुरक्षा एजेंसियों ने एक बहुत बड़ा प्रहार किया है। कुल्लू के बेहद कठिन और सुदूर इलाकों में चल रही अवैध भांग की खेती का पर्दाफाश करते हुए संयुक्त टीमों ने पूरी फसल को मौके पर ही नष्ट कर दिया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में जिस चरस की सबसे ज्यादा मांग रहती है और जिसे दुनिया 'मनाला क्रीम' के नाम से जानती है, उसका पूरा कच्चा माल इसी इलाके से तैयार किया जाता था। सुरक्षा बलों के अचानक पहुंचे इस ताबड़तोड़ एक्शन से मादक पदार्थों के सौदागरों में हड़कंप मच गया है और कुछ ही मिनटों में उनकी अवैध फसल पूरी तरह मलबे में तब्दील हो गई।

कंटीले तारों के पीछे छिपाया गया था पूरा खेल

कुल्लू की इन पथरीली और ऊंची पहाड़ियों तक आम आदमी का पहुंचना बेहद कठिन होता है। इसी भौगोलिक स्थिति का फायदा उठाकर ड्रग्स माफिया ने सुनसान जगहों पर अवैध भांग की खेती फैला रखी थी। इस गुप्त खेती को छिपाने के लिए माफिया ने परिसर के चारों तरफ मजबूत कंटीले तारों की फेंसिंग कर रखी थी ताकि किसी भी आम इंसान या बाहरी व्यक्ति की नजर इस पर न पड़ सके। आरोपियों ने उन सभी रास्तों और पैंतरों का इस्तेमाल किया था जिससे सुरक्षा एजेंसियों की निगाहों से बचा जा सके, लेकिन पुख्ता खुफिया जानकारी के आधार पर एजेंसियों ने इस चक्रव्यूह को भेद ही डाला।

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पहली बार आईटीबीपी के साथ उतरीं संयुक्त टीमें

मादक पदार्थों के खिलाफ इस जंग में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश पुलिस और वन विभाग के अधिकारी भी कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रहे हैं। इस पूरे ऑपरेशन की सबसे खास बात यह रही कि पहली बार दुर्गम पहाड़ी इलाकों की भौगोलिक चुनौतियों से निपटने के लिए आईटीबीपी के जवानों को भी शामिल किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक तस्करों और सप्लायरों पर होने वाली सामान्य कार्रवाइयों से इतर इस बार एजेंसियों ने अपनी रणनीति बदली है और सीधे उस जड़ पर वार किया है जहां से नशीले पदार्थों का उत्पादन शुरू होता है। जब तक कच्चा माल ही खत्म नहीं होगा, तब तक तैयार चरस बाजार तक नहीं पहुंच पाएगी।

जियो-टैगिंग के जरिए रखा जा रहा है पूरा रिकॉर्ड

अवैध खेती के खिलाफ चलाए जा रहे इस अभियान को पूरी तरह पारदर्शी और पुख्ता बनाने के लिए एजेंसियां आधुनिक तकनीक का खुलकर इस्तेमाल कर रही हैं। कार्रवाई के दौरान जितनी भी जगहों पर अवैध भांग की खेती पाई जा रही है, उन सभी स्थानों की सटीक जियो-टैगिंग की जा रही है ताकि भविष्य में भी उसका डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रहे। इसके अलावा मौके की वीडियोग्राफी और उच्च गुणवत्ता वाली तस्वीरें भी खींची जा रही हैं ताकि कानूनी कार्रवाई मजबूत बनी रहे। पूरी प्रक्रिया संपन्न होने के बाद वन विभाग की तरफ से आधिकारिक रूप से फसल नष्ट किए जाने का एक प्रमाण पत्र भी जारी किया जाएगा, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि मैदान पर पूरी सख्ती से काम किया गया है।

सवाल-जवाब

कुल्लू में यह संयुक्त अभियान किन सुरक्षा एजेंसियों ने चलाया है?
इस अभियान में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, आईटीबीपी, हिमाचल प्रदेश पुलिस और वन विभाग के अधिकारी शामिल रहे।
इस कार्रवाई का मुख्य निशाना क्या था?
कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य 'मनाला क्रीम' चरस के लिए कच्चा माल तैयार करने वाली अवैध भांग की फसल को नष्ट करना था।
इस ऑपरेशन में आईटीबीपी को क्यों शामिल किया गया है?
दुर्गम और ऊंचे पहाड़ी इलाकों में बिना रास्तों वाली कठिन जगहों पर प्रभावी कार्रवाई करने के लिए पहली बार आईटीबीपी को शामिल किया गया है।
अवैध खेती छुपाने के लिए तस्करों ने क्या इंतजाम किए थे?
तस्करों ने खेती वाली जगह के चारों तरफ कंटीले तारों की फेंसिंग कर रखी थी ताकि किसी की नजर उस तक न पहुंच सके।
नष्ट की गई फसल का रिकॉर्ड कैसे रखा जा रहा है?
कार्रवाई वाली जगह की जियो-टैगिंग की जा रही है और फोटो-वीडियोग्राफी के जरिए पूरा डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है।
कार्रवाई पूरी होने के बाद कौन सा प्रमाण पत्र जारी होता है?
फसल पूरी तरह नष्ट किए जाने के बाद वन विभाग की तरफ से आधिकारिक प्रमाण पत्र जारी किया जाता है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Ayesha Siddiqui@ayesha-siddiqui·39 दिन पहले

मनाला क्रीम के इस कुल्लू वाले नेटवर्क को तोड़ने में एजेंसियों को इतने साल क्यों लग गए?

Ravikash Gupta@ravikash·39 दिन पहले

जड़ ही काट दी तो मनाला क्रीम का नशा अपने आप उतर जाएगा, सही कदम है।

Arjun Mehta@arjun-mehta·39 दिन पहले

रविकेश जी, बात सही है पर सिर्फ कच्चा माल नष्ट करने से क्या माफिया पूरी तरह खत्म हो जाएगा? सप्लाई चेन फिर से शुरू होने में कितना वक्त लगेगा?

Karan Malhotra@karan-malhotra·39 दिन पहले

मनाला क्रीम के चक्कर में कुल्लू की पहाड़ियों में जो खेल चल रहा था, आईटीबीपी और एनसीबी ने उसकी जड़ पर ही हत्था मार दिया है। जब तक कच्चा माल ही खत्म नहीं होगा, तब तक ये तस्कर हाथ नहीं आएंगे। सही समय पर सही एक्शन हुआ है।

Rohan Verma@rohan-verma·39 दिन पहले

करण भाई, बिल्कुल सही कहा आपने। पिछली बार जब मैं मनाली गया था, तो लोकल लोगों से बातें करके अंदाज़ा हो गया था कि ये खेल पहाड़ों के कितने अंदर तक फैला हुआ है।

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