त्योहारों के मौसम में मिलावटखोरी पर लगाम कसने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग पूरी तरह से सतर्क हो चुका है। इसी कड़ी में धौलपुर और उदयपुर जिलों में विभागों की टीमों ने छापेमारी कर भारी मात्रा में संदिग्ध खाद्य सामग्री को अपने कब्जे में लिया है। अधिकारियों का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आम जनता तक सुरक्षित मिठाइयां पहुंच सकें। धौलपुर में जहां भारी मात्रा में सोनपापड़ी जब्त की गई है, वहीं उदयपुर में बाहर से आ रहे मावे की खेप को पकड़ा गया है। दोनों ही स्थानों से लिए गए नमूनों को अब प्रयोगशाला में परीक्षण के लिए भेजा जा चुका है, जिसके बाद ही मिलावट की सही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
धौलपुर के रीको औद्योगिक क्षेत्र में छापेमारी
धौलपुर जिले के रीको औद्योगिक क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा दल ने औचक निरीक्षण के दौरान दो प्रमुख प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई को अंजाम दिया। टीम ने कृष्णा फूड प्रोडक्ट्स पर छापा मारा और गुणवत्ता को लेकर गहरा संदेह होने पर वहां से 760 किलो सोनपापड़ी को तुरंत जब्त कर लिया। इस सोनपापड़ी के कुल तीन नमूने लेकर परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं ताकि यह परखा जा सके कि इसमें इस्तेमाल की गई सामग्री खाने योग्य है या नहीं। इसके तुरंत बाद दल ने अजंता मिल्क फूड एंड डेयरी प्लांट का भी गहनता से निरीक्षण किया और वहां की कार्यप्रणाली की जांच की।
डेयरी प्लांट से लिए गए विभिन्न उत्पाद के नमूने
अजंता मिल्क फूड एंड डेयरी प्लांट के निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा टीम ने कई प्रमुख डेयरी उत्पादों की गुणवत्ता को बारीकी से परखा। अधिकारियों ने प्लांट से मिश्रित दूध, पनीर और चीज समेत कुल चार अलग-अलग खाद्य उत्पादों के नमूने उठाए। इन सभी नमूनों को धौलपुर की अन्य सामग्री के साथ ही प्रयोगशाला में रासायनिक और गुणवत्ता परीक्षण के लिए भेजा गया है। विभाग का यह सख्त रुख यह स्पष्ट करता है कि त्योहारी सीजन में किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उदयपुर में बस के जरिए आ रहा संदिग्ध मावा पकड़ा
उदयपुर में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 136 से अधिक संदिग्ध मावे के डिब्बों को पकड़ा है। सामने आई जानकारी के अनुसार प्रत्येक डिब्बे में करीब 15 किलो मावा भरा हुआ था। यह मावा विशेष तौर पर बीकानेर और गुजरात के अहमदाबाद शहर से मंगवाया गया था। इसे पहले बसों के माध्यम से शहर तक पहुंचाया गया और फिर ऑटो रिक्शा में लादकर विभिन्न स्थानीय दुकानों तक आपूर्ति के लिए ले जाया जा रहा था। खाद्य इंस्पेक्टर नरेंद्र सिंह चौहान और सहायक कर्मचारी मोहम्मद सलीम ने शाम 5 बजे से ही इस पूरी गतिविधि की रेकी शुरू कर दी थी, जिसके बाद सटीक समय पर यह कार्रवाई की गई।
व्यापारियों की मौजूदगी में आगे की प्रक्रिया जारी
संदिग्ध मावे की खेप पकड़े जाने के बाद मौके पर संबंधित व्यापारियों को भी बुलवा लिया गया। अधिकारियों की देखरेख में अब इन डिब्बों से मावे के नमूने लेने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। धौलपुर और उदयपुर दोनों ही जगहों पर जब्त की गई खाद्य सामग्री की लैब रिपोर्ट आने का इंतजार किया जा रहा है। रिपोर्ट के आने के बाद ही यह कानूनी रूप से साफ हो पाएगा कि पकड़ी गई सोनपापड़ी, मावा और अन्य डेयरी उत्पाद तय मानकों पर खरे उतरते हैं या उनमें मिलावट की गई है, जिसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
















