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कुरुक्षेत्र यौन शोषण केस में एसपी का बड़ा खुलासा, जांच में निकला कैंसर और कुकर्म का दावा झूठाहरियाणा
7 जुल॰ 2026, 2:51 pm (32 दिन पहले)· 2

कुरुक्षेत्र यौन शोषण केस में एसपी का बड़ा खुलासा, जांच में निकला कैंसर और कुकर्म का दावा झूठा

कुरुक्षेत्र के लाडवा थाने में हिरासत में हुए कथित यौन शोषण मामले में एसपी चंद्र मोहन शर्मा ने बताया कि कुकर्म और कैंसर के आरोप झूठे निकले, हालांकि तीन पुलिसकर्मियों ने युवक के साथ मारपीट जरूर की थी।

हरियाणा के कुरुक्षेत्र में हिरासत में हुए कथित यौन शोषण के मामले में पुलिस अधीक्षक चंद्र मोहन शर्मा ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरी सच्चाई सामने रखी। उन्होंने बताया कि लाडवा थाने के पुलिसकर्मियों पर लगे कुकर्म और कैंसर पीड़ित होने के आरोप जांच में झूठे निकले हैं, हालांकि हिरासत में युवक के साथ मारपीट होने की पुष्टि जरूर हुई है, जिसके चलते तीन पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया जा चुका है।

क्या था पूरा मामला

पिछले करीब पंद्रह दिनों से कुरुक्षेत्र के लाडवा थाने से जुड़ा यह मामला सुर्खियों में था। आरोप था कि पुलिस हिरासत में रखे गए एक युवक के साथ थाने के भीतर यौन शोषण किया गया और उसे बुरी तरह पीटा गया। आरोप इतने गंभीर थे कि दावा किया गया कि पीड़ित युवक हड्डी के कैंसर से जूझ रहा है और हिरासत के दौरान उसे खून तक बहा। इन आरोपों के सामने आते ही लाडवा थाने के तीन पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया और उन्हें तुरंत सस्पेंड कर दिया गया था।

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रात की घटना, दस मिनट का वो वक्फा

एसपी चंद्र मोहन ने बताया कि यह पूरा घटनाक्रम 17 और 18 जून की दरम्यानी रात का है। युवक को एक नाके पर शराब पीने की वजह से डिटेन किया गया था और मेडिकल जांच में भी उसके शराब पीने की पुष्टि हो चुकी है। एसपी के मुताबिक, युवक को पूरी रात लॉकअप में रखा गया था और यह पूरा घटनाक्रम थाने के सीसीटीवी कैमरों में कैद है। फुटेज के मुताबिक युवक को सिर्फ 10 मिनट के लिए लॉकअप से बाहर निकाला गया था। एसपी ने माना कि इन्हीं 10 मिनट के दौरान युवक के साथ मारपीट हुई थी, क्योंकि उसने पुलिसकर्मियों के साथ गाली-गलौज की थी और उल्टा-सीधा बोला था।

कुकर्म के आरोप की जांच में क्या निकला

एसपी ने साफ किया कि थाने में युवक के साथ किसी तरह का कुकर्म नहीं हुआ। जांच के दौरान लिए गए कपड़ों और स्वैब नमूनों की डीएनए जांच में यौन उत्पीड़न का कोई संकेत नहीं मिला। इतना ही नहीं, आरोपी पुलिसकर्मियों ने खुद स्वेच्छा से लाई डिटेक्टर यानी पॉलीग्राफ टेस्ट कराया और उसके नतीजों ने भी उनके इनकार का ही समर्थन किया। दिलचस्प बात यह रही कि आरोप लगाने वाले युवक ने खुद अपना लाई डिटेक्टर टेस्ट कराने से इनकार कर दिया।

कैंसर वाला दावा भी निकला झूठा

एसपी चंद्र मोहन ने बताया कि युवक को हड्डी का कैंसर नहीं था और इस बात को पीजीआई से भी वेरिफाई किया गया है। शिकायतकर्ता ने शुरुआत में चिकित्सकीय परीक्षण कराने से इनकार कर दिया था, लेकिन बाद में विधिवत गठित मेडिकल बोर्ड ने उसकी जांच की। जांच में ऐसा कोई भी मेडिकल रिकॉर्ड नहीं मिला जिससे यह साबित होता हो कि शिकायतकर्ता हड्डी के कैंसर से पीड़ित था या उसने कभी कीमोथेरेपी करवाई थी।

खून के दाग कहां से आए

घटना के बाद खून निकलने के आरोपों पर भी एसपी ने विस्तार से जवाब दिया। उन्होंने बताया कि फोरेंसिक जांच और सीसीटीवी फुटेज दोनों में हवालात, थाने के कमरों या घटना वाली रात शिकायतकर्ता के कपड़ों पर खून का कोई निशान नहीं मिला। मेडिकल बोर्ड ने अपनी रिपोर्ट में निष्कर्ष निकाला कि अगली सुबह जो रक्तस्राव देखा गया था, वह पहले से मौजूद एनल फिशर यानी गुदा विदर, कब्ज और बवासीर की समस्या के कारण था, न कि मारपीट या यौन उत्पीड़न के चलते।

तीन पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई, एसआईटी ने की जांच

एसपी ने बताया कि आरोप सामने आते ही प्राथमिकी दर्ज कर ली गई थी और निष्पक्ष जांच के लिए लाडवा के पुलिस उपाधीक्षक की अगुवाई में एक एसआईटी यानी विशेष जांच दल बनाया गया। इस टीम ने सीसीटीवी फुटेज खंगाली, फोरेंसिक जांच करवाई, डीएनए टेस्ट कराए और कई अन्य वैज्ञानिक तरीकों का इस्तेमाल किया। जांच में यह साफ हो गया कि मारपीट में तीन पुलिसकर्मी शामिल थे, इसलिए उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

एसपी ने मीडिया की अपुष्ट खबरों पर जताई नाराजगी

पूरी जांच के नतीजे सामने रखते हुए एसपी चंद्र मोहन ने कहा कि कुछ पुलिसकर्मियों की ओर से शिकायतकर्ता के साथ मारपीट किए जाने की पुष्टि जरूर हुई है, लेकिन हिरासत में यौन उत्पीड़न या शिकायतकर्ता के हड्डी के कैंसर से पीड़ित होने के दावे के समर्थन में कोई वैज्ञानिक या चिकित्सकीय सबूत नहीं मिला। उन्होंने मीडिया से अपील की कि संवेदनशील आपराधिक मामलों की खबरें प्रकाशित या प्रसारित करने से पहले तथ्यों की पुष्टि जरूर करें और संयम बरतें। एसपी ने कहा कि इस तरह की अपुष्ट खबरों से जुड़े लोगों और उनके परिवारों की प्रतिष्ठा तथा सामाजिक जीवन को गहरा नुकसान पहुंच सकता है।

सवाल-जवाब

कुरुक्षेत्र में किस मामले को लेकर एसपी ने खुलासा किया?
लाडवा थाने में हिरासत में रखे गए एक युवक के साथ कथित यौन शोषण के आरोप में एसपी चंद्र मोहन शर्मा ने जांच के नतीजे सार्वजनिक किए।
घटना कब हुई थी?
17 और 18 जून की दरम्यानी रात को यह घटना हुई थी।
युवक को हिरासत में क्यों लिया गया था?
नाके पर शराब पीने की वजह से उसे डिटेन किया गया था और मेडिकल जांच में भी शराब पीने की पुष्टि हुई।
क्या थाने में युवक के साथ कुकर्म हुआ था?
नहीं, फोरेंसिक जांच, डीएनए टेस्ट और पॉलीग्राफ टेस्ट में कुकर्म की पुष्टि नहीं हुई।
क्या युवक को वाकई हड्डी का कैंसर था?
नहीं, पीजीआई से भी वेरिफाई किया गया और कोई मेडिकल रिकॉर्ड नहीं मिला जो कैंसर या कीमोथेरेपी को साबित करे।
खून निकलने का कारण क्या बताया गया?
मेडिकल बोर्ड के मुताबिक यह पहले से मौजूद एनल फिशर, कब्ज और बवासीर की वजह से हुआ था।
क्या पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हुई?
हां, मारपीट की पुष्टि होने पर तीन पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की गई।
जांच किसने की?
लाडवा के पुलिस उपाधीक्षक की अगुवाई में गठित एसआईटी ने सीसीटीवी फुटेज, फोरेंसिक जांच और डीएनए टेस्ट के आधार पर जांच की।
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