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लखनऊ की आग से रामपुर तक फैली आंच, आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी की 38 इमारतों पर बुलडोजर का खतराउत्तर प्रदेश
16 जुल॰ 2026, 6:16 pm (104 दिन पहले)· 2

लखनऊ की आग से रामपुर तक फैली आंच, आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी की 38 इमारतों पर बुलडोजर का खतरा

लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में लगी आग के बाद शुरू हुई जांच में रामपुर की जौहर यूनिवर्सिटी की 38 इमारतों का नक्शा ही पास न होने का खुलासा हुआ, जिसके बाद प्रशासन ने ध्वस्तीकरण का आदेश जारी कर दिया।

उत्तर प्रदेश के रामपुर में सपा नेता आजम खान की मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी बड़े विवाद में घिर गई है। रामपुर विकास प्राधिकरण ने यूनिवर्सिटी परिसर की 38 इमारतों को गिराने का आदेश जारी किया है, क्योंकि इन इमारतों का नक्शा कभी पास ही नहीं कराया गया था। हैरानी की बात यह है कि यह पूरा मामला लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में लगी आग के बाद शुरू हुई जांच के दौरान खुला, और अब यूनिवर्सिटी के सिर पर बुलडोजर एक्शन की तलवार लटक रही है।

ऑडिट में खुली बड़ी लापरवाही

दरअसल लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में आग लगने की घटना के बाद रामपुर के फायर विभाग ने शहर के कोचिंग सेंटरों और शिक्षण संस्थानों का ऑडिट शुरू किया था। इसी क्रम में जब फायर विभाग की टीम जौहर यूनिवर्सिटी पहुंची, तो यूनिवर्सिटी प्रशासन 38 भवनों का नक्शा ही पेश नहीं कर पाया। नियम के मुताबिक किसी भी भवन को फायर लाइसेंस मिलने से पहले उसका नक्शा पास होना जरूरी है। जांच में सामने आया कि यूनिवर्सिटी परिसर में सिर्फ 2 भवनों का ही नक्शा पास कराया गया था, जबकि बाकी 38 भवन बिना किसी स्वीकृत नक्शे के खड़े कर दिए गए थे। इस लापरवाही के सामने आते ही फायर विभाग की शिकायत पर रामपुर प्रशासन ने यूनिवर्सिटी को औपचारिक नोटिस थमा दिया।

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यूनिवर्सिटी का जवाब और ध्वस्तीकरण का आदेश

नोटिस के जवाब में 6 जुलाई को यूनिवर्सिटी की तरफ से लिखित जवाब दिया गया। यूनिवर्सिटी ने दलील दी कि यह जमीन रामपुर विकास प्राधिकरण के दायरे में नहीं बल्कि ग्राम पंचायत के अधिकार क्षेत्र में आती थी, इसलिए नक्शा पास कराने की बाध्यता उस पर लागू नहीं होती। प्रशासन ने इस दलील को खारिज करते हुए जवाब दिया कि 2024 से पहले भले ही यह इलाका ग्राम पंचायत के अंडर रहा हो, लेकिन इसी दौरान यूनिवर्सिटी ने खुद 2 भवनों का नक्शा पास कराया था, तो बाकी 38 भवनों का नक्शा क्यों नहीं कराया गया। इस जवाब के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए 15 जुलाई को ध्वस्तीकरण का आदेश जारी कर दिया। आदेश में साफ कहा गया कि यूनिवर्सिटी या तो 15 दिन के भीतर खुद ही अवैध निर्माण को गिरा दे, वरना प्रशासन कानूनी कार्रवाई करते हुए खुद इमारतें गिराएगा। फिलहाल यूनिवर्सिटी प्रशासन के पास कोर्ट में अपील दाखिल कर स्टे लेने का विकल्प मौजूद है।

फायर ऑफिसर के चौंकाने वाले खुलासे

रामपुर के फायर ऑफिसर विजय कुमार सिंह ने इस पूरे मामले पर कई अहम बातें बताईं। उन्होंने कहा कि आग लगने जैसी किसी भी इमरजेंसी की स्थिति में जौहर यूनिवर्सिटी में मौजूद छात्रों और स्टाफ की जान को सीधा खतरा है। जिन 38 भवनों के पास नक्शा नहीं है, उनके ध्वस्तीकरण का आदेश फायर विभाग के इसी ऑडिट के बाद दिया गया है। विजय कुमार सिंह ने बताया कि लखनऊ के कोचिंग सेंटर में हुई आग की घटना में 15 स्टूडेंट्स की दुखद मौत हो गई थी, उसी के बाद रामपुर में शैक्षणिक कॉलेजों और संस्थानों का निरीक्षण शुरू किया गया। इसी निरीक्षण के दौरान जौहर यूनिवर्सिटी की पड़ताल की गई, जहां पाया गया कि फायर सेफ्टी के नियमों का पालन ही नहीं किया गया। उन्होंने आगाह किया कि अगर यहां आग जैसी कोई दुर्घटना होती है तो छात्रों के लिए यह बहुत बड़ा खतरा बन सकता है। यही नहीं, कुछ जगहों पर अग्निशमन यंत्र मौजूद तो हैं, लेकिन वे भी काम करने की हालत में नहीं हैं।

यूनिवर्सिटी पर आगे क्या कार्रवाई हो सकती है

विजय कुमार सिंह के मुताबिक फायर विभाग ने 7 जुलाई को ही यूनिवर्सिटी से इमारतों के नक्शे मांगे थे, लेकिन अब तक यूनिवर्सिटी की तरफ से कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराया गया। इसी वजह से फायर विभाग ने आज एक बार फिर यूनिवर्सिटी को नोटिस जारी किया है और 7 दिन के भीतर जवाब मांगा है। अगर तय समय में जवाब नहीं मिलता, तो फायर सेफ्टी नियमों के तहत विभाग खुद प्रशासन से आगे की कार्रवाई की मांग करेगा। उन्होंने यह भी बताया कि कुछ भवनों के लिए साल 2012 में फायर विभाग से लाइसेंस लिए गए थे, लेकिन वे लाइसेंस अब मान्य नहीं रह गए हैं। आगे की संभावित कार्रवाई में सिर्फ ध्वस्तीकरण ही नहीं, बल्कि भवनों की बिजली और पानी की सप्लाई काटना भी शामिल हो सकता है।

सियासी बवाल, अखिलेश यादव और आजम खान परिवार की तीखी प्रतिक्रिया

जौहर यूनिवर्सिटी के खिलाफ प्रशासन की इस कार्रवाई पर राजनीतिक बवाल भी मच गया है। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और आजम खान के परिवार ने इस पूरी कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा को शिक्षा के क्षेत्र में भी साम्प्रदायिकता नजर आती है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, शिक्षक, शिक्षार्थी और शिक्षा पूरी होने के बाद मिलने वाली नौकरी, ये सब भाजपा के एजेंडे में सिरे से शामिल ही नहीं हैं। वहीं दूसरी ओर आजम खान की पत्नी आज खुद जौहर यूनिवर्सिटी परिसर पहुंचीं और वहां तैनात पुलिसकर्मियों को देखकर भड़क उठीं। इस पूरे घटनाक्रम ने रामपुर की राजनीति में गर्मी ला दी है और आने वाले दिनों में यह मामला और तूल पकड़ सकता है।

सवाल-जवाब

रामपुर विकास प्राधिकरण ने जौहर यूनिवर्सिटी की कितनी इमारतें गिराने का आदेश दिया है?
प्राधिकरण ने यूनिवर्सिटी की कुल 40 में से 38 इमारतों को गिराने का आदेश दिया है, क्योंकि इनका नक्शा पास नहीं कराया गया था।
यह मामला सबसे पहले कैसे सामने आया?
लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में आग लगने के बाद रामपुर फायर विभाग ने शहर के शिक्षण संस्थानों का ऑडिट शुरू किया, जिसमें जौहर यूनिवर्सिटी की लापरवाही उजागर हुई।
यूनिवर्सिटी ने प्रशासन के नोटिस पर क्या जवाब दिया?
6 जुलाई को यूनिवर्सिटी ने कहा कि जमीन 2024 से पहले रामपुर विकास प्राधिकरण के नहीं, ग्राम पंचायत के अंडर थी।
ध्वस्तीकरण का आदेश कब जारी हुआ और उसमें क्या कहा गया?
15 जुलाई को आदेश जारी हुआ, जिसमें कहा गया कि यूनिवर्सिटी 15 दिन में खुद अवैध निर्माण गिराए, वरना प्रशासन कानूनी कार्रवाई करेगा।
यूनिवर्सिटी के पास अब क्या विकल्प बचा है?
यूनिवर्सिटी प्रशासन कोर्ट में अपील दाखिल कर आदेश पर स्टे लेने की कोशिश कर सकता है।
फायर ऑफिसर विजय कुमार सिंह ने क्या बताया?
उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी में फायर सेफ्टी नियमों का पालन नहीं हुआ और कुछ जगह अग्निशमन यंत्र भी काम नहीं कर रहे।
इस पूरे मामले पर राजनीतिक प्रतिक्रिया क्या रही?
अखिलेश यादव ने भाजपा पर शिक्षा में सांप्रदायिकता का आरोप लगाया, वहीं आजम खान की पत्नी यूनिवर्सिटी पहुंचकर वहां तैनात पुलिसकर्मियों पर भड़क गईं।
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