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लातूर में भयंकर सूखा के बाद किसानों पर गिरी आग की दोहरी मार, जलकर खाक हुई गन्ने की फसलमहाराष्ट्र
26 अक्तू॰ 2026, 1:25 pm (15 घंटे पहले)· 1

लातूर में भयंकर सूखा के बाद किसानों पर गिरी आग की दोहरी मार, जलकर खाक हुई गन्ने की फसल

महाराष्ट्र के लातूर जिले में सूखे के बीच बिजली की डीपी में शॉर्ट सर्किट होने से किसानों की गन्ने की फसल जलकर राख हो गई। इस हादसे में करीब चार लाख पचास हजार रुपये का भारी नुकसान हुआ है।

महाराष्ट्र के लातूर जिले से किसानों की बदहाली और उनकी महीनों की मेहनत पर पानी फिरने की एक दर्दनाक घटना सामने आई है। जहाँ एक तरफ किसान पहले से ही सूखे की मार झेल रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ आग लगने की दुर्घटना ने उनके जख्मों को और गहरा कर दिया है। खेतों में लहलहाती हरी-भरी गन्ने की फसल अब केवल काले अवशेषों में तब्दील हो चुकी है, जिससे अन्नदाताओं की उम्मीदें और उनके परिवारों के बेहतर भविष्य के सपने पूरी तरह झुलस गए हैं। यह पूरी दुर्घटना लातूर जिले के चाकूर तालुका के अंतर्गत आने वाले बेलगाव गाँव में घटी है, जिसने स्थानीय ग्रामीण इलाके में चिंता की लहर पैदा कर दी है।

शॉर्ट सर्किट से बर्बाद हुई किसानों की पूंजी

मिली जानकारी के अनुसार, इस दिल दहला देने वाली घटना के पीछे बिजली वितरण प्रणाली की लापरवाही और तकनीकी खामी जिम्मेदार है। गाँव में बिजली वितरण व्यवस्था की डीपी पर अचानक शॉर्ट सर्किट हो गया, जिसकी चिंगारियों ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। इस शॉर्ट सर्किट की वजह से अशोकराव वाकले और किशनराव वाकले के खेतों में खड़ी गन्ने की फसल आग की चपेट में आ गई। चंद मिनटों में ही आग ने पूरे खेत के एक बड़े हिस्से को अपने आगोश में ले लिया और आग बुझाने के तमाम प्रयास नाकाफी साबित हुए।

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लाखों रुपए का नुकसान और गहराता संकट

इस भीषण अग्निकांड में लगभग 10 एकड़ में फैली कुल गन्ने की फसल में से तीन से चार एकड़ फसल पूरी तरह जलकर खाक हो गई। शुरुआती आकलन के अनुसार, इस अप्रत्याशित हादसे में प्रभावित किसानों को लगभग चार लाख पचास हजार रुपये का आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। जरा गहराई से सोचिए कि जिस फसल को उगाने के लिए किसान ने दिन-रात एक किया हो, सिंचाई और खाद-पानी के लिए अपनी जमापूंजी झोंक दी हो, वह फसल जब आँखों के सामने पल भर में राख बन जाए, तो उस परिवार पर क्या गुजरती होगी। यह सिर्फ गन्ने का नुकसान नहीं है, बल्कि किसान की गाढ़ी कमाई और उसकी उम्मीदों पर लगा एक वज्रपात है।

सूखे की मार झेल रहे राज्य के हालात

बेलगाव गाँव की यह घटना केवल एक साधारण दुर्घटना नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण क्षेत्रों में लचर बिजली सुरक्षा और पीड़ित किसानों को तुरंत वित्तीय मदद मुहैया कराने की गंभीर जरूरत पर बड़े सवाल खड़े करती है। इससे ठीक पहले पिछले महीने महाराष्ट्र सरकार ने प्राकृतिक आपदा और सूखे के हालात से निपटने के लिए एक बड़ा कदम उठाया था। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य के कुल 265 तालुकों को सूखा प्रभावित घोषित किया था। राज्य के कुल 358 तालुकों में से 265 तालुकों के सूखाग्रस्त होने का मतलब है कि 75 प्रतिशत महाराष्ट्र में सूखा घोषित हो चुका है। इस विकट परिस्थिति से उबरने के लिए सरकार की तरफ से कई राहत उपायों की घोषणा भी की गई थी, लेकिन मैदानी स्तर पर किसानों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं।

सवाल-जवाब

यह घटना किस जगह पर हुई है?
यह घटना महाराष्ट्र के लातूर जिले के चाकूर तालुका के बेलगाव गाँव में हुई है।
गन्ने की फसल में आग लगने का क्या कारण था?
बिजली वितरण व्यवस्था की डीपी में शॉर्ट सर्किट होने के कारण खेत में खड़ी फसल में आग लग गई।
इस अग्निकांड में कितनी फसल जलकर खाक हुई है?
लगभग 10 एकड़ में लगी गन्ने की फसल में से तीन से चार एकड़ फसल पूरी तरह जलकर खाक हो गई।
किसानों को कुल कितने का नुकसान हुआ है?
इस दुर्घटना में लगभग चार लाख पचास हजार रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया गया है।
महाराष्ट्र सरकार ने सूखे को लेकर क्या कदम उठाया था?
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य के 358 में से 265 तालुकों को सूखा प्रभावित घोषित किया था।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Pooja Bhatt@pooja-bhatt·1 घंटे पहले

सूखे की मार झेल रहे किसानों पर शॉर्ट सर्किट से फसल जलना बहुत बड़ा आघात है। बिजली विभाग की लापरवाही पर तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए।

Ravikash Gupta@ravikash·13 घंटे पहले

सूखे के बाद शॉर्ट सर्किट से फसल जलना किसानों के लिए बहुत बड़ा आघात है। सरकार को तुरंत मुआवजा देना चाहिए।

Ananya Iyer@ananya-iyer·13 घंटे पहले

रवि जी, बिल्कुल सही कहा आपने। पहले ही सूखा झेल रहे किसानों पर यह बिजली विभाग की लापरवाही किसी वज्रपात से कम नहीं है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·14 घंटे पहले

पहले ही सूखा झेल रहे किसानों पर बिजली विभाग की लापरवाही ने भारी आफत ला दी। शॉर्ट सर्किट से फसल जलना और वो भी तब जब पहले से ही बुरा हाल है, दिल दुखाने वाला है।

Rohan Verma@rohan-verma·14 घंटे पहले

करण भाई, आपकी बात सौ फीसदी सही है। मैं पिछले साल जब बुंदेलखंड कवरेज के दौरान एक किसान के खेत में गया था, तब बिजली विभाग की ऐसी ही लापरवाही से उसकी आधी फसल जलते देखी थी।

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