उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसने विमानन कंपनियों की मनमानी और यात्रियों, विशेषकर महिला यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बुलंदशहर जिले के खुर्जा कस्बे में रहने वाले एक परिवार के लिए शुक्रवार की रात किसी बुरे सपने जैसी साबित हुई। इस परिवार की बेटी, जो देश के प्रतिष्ठित संस्थान IIM लखनऊ में पढ़ाई कर रही है, को शनिवार को नोएडा में एक बेहद महत्वपूर्ण परीक्षा में शामिल होना था। इसके लिए उसने शुक्रवार रात लगभग 9:40 बजे इंडिगो एयरलाइंस की फ्लाइट से नोएडा के पास जेवर एयरपोर्ट के लिए उड़ान भरने की तैयारी की थी। शाम को जब बेटी की अपने माता-पिता से बात हुई, तो उसने बताया कि उसकी फ्लाइट थोड़ी देर से रवाना होगी। परिवार को लगा कि देरी होना सामान्य बात है, और वे रात को निश्चिंत होकर सोने चले गए। लेकिन उन्हें इस बात का बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि अगले कुछ घंटों में उनकी बेटी के साथ क्या होने वाला है।
आधी रात को आई एक फोन कॉल ने उड़ा दी माता-पिता की नींद
रात के करीब एक बज रहे थे, जब खुर्जा में सो रहे पिता के मोबाइल फोन की घंटी बजी। स्क्रीन पर बेटी का नाम देखकर पिता ने राहत की सांस ली कि शायद वह जेवर एयरपोर्ट पहुंच चुकी होगी और इसकी जानकारी देने के लिए फोन किया है। लेकिन जैसे ही उन्होंने फोन कान से लगाया, उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। फोन के दूसरी तरफ से बेटी की सुबकने और रोने की आवाज आ रही थी। वह इतनी घबराई हुई थी कि ठीक से बात भी नहीं कर पा रही थी। देश के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले हवाई अड्डे जैसे स्थान पर अपनी युवा बेटी को इस हाल में पाकर पिता पूरी तरह स्तब्ध रह गए। बगल में सो रही मां भी पति के चेहरे के बदलते भाव देखकर घबरा गईं। घबराहट में मां ने पिता के हाथ से फोन छीन लिया और सीधे बेटी से बात करने लगी। बेटी ने रोते हुए जो कुछ बताया, उसे सुनने के बाद मां-बाप के लिए घर पर एक पल भी रुकना असंभव हो गया।
इंडिगो की उड़ानों के निरस्त होने का सिलसिला
छात्रा ने बताया कि जब वह लखनऊ एयरपोर्ट पहुंची, तो उसे सूचना दी गई कि जेवर जाने वाली उसकी रात 9:40 बजे की फ्लाइट लेट है। काफी इंतजार के बाद अचानक एयरलाइंस ने इस फ्लाइट को पूरी तरह से कैंसिल यानी निरस्त कर दिया। इसके बाद एयरलाइंस के कर्मचारियों ने उसे आश्वासन दिया कि उसकी यात्रा को रिशेड्यूल किया जा रहा है और उसे रात 11:20 बजे दिल्ली जाने वाली फ्लाइट से भेज दिया जाएगा। हालांकि, यह दिल्ली जाने वाली फ्लाइट भी पहले से ही लेट चल रही थी और इसके रात 1:00 बजे के बाद रवाना होने की संभावना थी। छात्रा ने इस पर भी सहमति दे दी। लेकिन हैरान करने वाली बात तब हुई जब थोड़ी देर बाद एयरलाइंस ने इस दूसरी फ्लाइट को भी कैंसिल कर दिया। इसके बाद ग्राउंड स्टाफ ने उसे बताया कि अब उसे सुबह 7:20 बजे की अगली फ्लाइट से दिल्ली भेजा जाएगा।
सुरक्षित टर्मिनल से बाहर सड़क पर छोड़े जाने का आरोप
बार-बार फ्लाइट कैंसिल होने और सुबह की फ्लाइट लेने पर उसकी शनिवार की महत्वपूर्ण परीक्षा छूट जाने के डर से छात्रा ने सुबह जाने से साफ इनकार कर दिया। उसने एयरलाइंस के कर्मचारियों से अनुरोध किया कि वे उसका लगेज यानी सामान उसे वापस लौटा दें ताकि वह सड़क मार्ग या किसी अन्य साधन से दिल्ली-नोएडा के लिए रवाना हो सके। लेकिन मदद करने के बजाय, इंडिगो के कर्मचारियों ने उसके साथ संवेदनहीन व्यवहार किया। आरोप है कि कर्मचारियों ने उसे तुरंत एयरपोर्ट की मुख्य लॉबी से बाहर जाने को कह दिया और कहा कि उसका लगेज उसे बाहर ही सौंप दिया जाएगा। इस तरह, आधी रात के सन्नाटे में एक युवा लड़की को सुरक्षा घेरे से बाहर सड़क पर अकेले बैठने के लिए मजबूर कर दिया गया।
बेटी की मदद के लिए खुर्जा से लखनऊ तक का सफर
बेटी की ऐसी बेबसी सुनकर पिता ने बिना वक्त गंवाए अपने एक मित्र को फोन किया और गाड़ी लेकर तुरंत खुर्जा से लखनऊ के लिए निकल पड़े। उत्तर प्रदेश के एक्सप्रेसवे और राजमार्गों से होते हुए लगभग छह घंटे का सफर तय कर वे सुबह लखनऊ एयरपोर्ट पहुंचे। वहां पहुंचकर उन्होंने देखा कि उनकी बेटी अभी भी एयरपोर्ट टर्मिनल के बाहर सड़क के किनारे बैठी रो रही थी। अपनी बेटी को सुरक्षित देखकर माता-पिता की आंखों में आंसू आ गए। उन्होंने तुरंत उसे गाड़ी में बिठाया और बिना समय गंवाए सीधे दिल्ली-नोएडा के लिए रवाना हो गए। समय रहते वे दिल्ली पहुंच गए और बच्ची अपनी परीक्षा देने में सफल रही, जिससे उसका शैक्षणिक साल बर्बाद होने से बच गया।
सोशल मीडिया पर फूटा गुस्सा और मुख्यमंत्री से कार्रवाई की मांग
इस पूरे घटनाक्रम से आहत होकर पिता ने सोशल मीडिया पर अपनी आपबीती साझा की और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को टैग करते हुए इस गंभीर मामले में सख्त कार्रवाई की गुहार लगाई। उन्होंने लिखा कि किस तरह प्रदेश की राजधानी के हवाई अड्डे पर एयरलाइंस कंपनियां यात्रियों के साथ मनमानी कर रही हैं और उनकी सुरक्षा को खतरे में डाल रही हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि ऐसी निजी कंपनियों की मनमानी पर लगाम लगाई जाए और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि किसी अन्य परिवार को ऐसी स्थिति का सामना न करना पड़े। हैरानी की बात यह रही कि सुबह होने पर इंडिगो की तरफ से उन्हें फोन करके कहा गया कि उनकी फ्लाइट जाने के लिए तैयार है और उनका बोर्डिंग पास भी जारी कर दिया गया है, जबकि छात्रा पहले ही वहां से जा चुकी थी। इस पूरे मामले पर एयरलाइंस की तरफ से पिता को केवल एक ऑटो-जेनरेटेड संदेश मिला है और कर्मचारियों के इस संवेदनहीन व्यवहार पर कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है।















