प्रशासनिक स्तर पर पारदर्शिता लाने और सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहा है। इसी अभियान के तहत हाल के दिनों में अधिकारियों की गतिविधियों और उनके वित्तीय लेनदेन पर गुप्त रूप से नजर रखी जा रही थी। इसी कड़ी में बीकानेर में एक सरकारी अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो यानी एसीबी का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। लोहावट के खंड विकास अधिकारी (BDO) नारायण सुथार की गाड़ी से भारी मात्रा में बिना हिसाब-किताब की नकदी मिलने के बाद शुरू हुई यह जांच अब उनके ठिकानों पर छापेमारी तक पहुंच चुकी है। इस औचक कार्रवाई ने प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा दिया है और जांच टीम अधिकारी की अघोषित संपत्ति का पूरा ब्योरा खंगालने में जुट गई है।
भीनासर चौकी के पास अचानक चेकिंग और नकदी की बरामदगी
इस कार्रवाई की शुरुआत तब हुई जब एसीबी की टीम ने बीकानेर के भीनासर चौकी के पास अचानक संदिग्ध वाहनों की चेकिंग शुरू की। एएसपी आशीष कुमार के नेतृत्व में मुस्तैद टीम ने लोहावट के BDO नारायण सुथार की गाड़ी को रुकवाया। जब वाहन की सघन तलाशी ली गई, तो उसके भीतर से 8 लाख 14 हजार रुपये से अधिक की नकदी बरामद हुई। इतनी बड़ी रकम मिलने पर जब मौके पर मौजूद अधिकारियों ने सुथार से इस पैसे के स्रोत के बारे में पूछा, तो वह कोई संतोषजनक जवाब या वैध कानूनी दस्तावेज पेश नहीं कर सके। इसके बाद एसीबी ने इस पूरी रकम को जब्त कर लिया और अधिकारी से गहन पूछताछ का दायरा बढ़ा दिया ताकि नकदी के वास्तविक स्रोत का पता लगाया जा सके।
आवास पर छापेमारी में मिले सोने के बिस्किट और जायदाद के कागज
गाड़ी से लाखों रुपये की बेहिसाब नकदी मिलने के बाद मामला बेहद गंभीर हो गया, जिसके बाद जांच एजेंसी ने अपनी कार्रवाई का दायरा बढ़ाने का फैसला किया। एसीबी की टीम ने फौरन कार्रवाई करते हुए विकास अधिकारी नारायण सुथार के निजी आवास और उनसे जुड़े अन्य ठिकानों पर एक साथ सर्च अभियान शुरू किया। इस छापेमारी के दौरान जांचकर्ताओं के हाथ कई अहम सबूत लगे। सुथार के ठिकानों से सोने के बिस्किट, भारी मात्रा में सोने के आभूषण और जमीनों से जुड़े कई दस्तावेज बरामद हुए। इसके अलावा कई संपत्तियों की रजिस्ट्रियां और अन्य महत्वपूर्ण वित्तीय कागजात भी मिले हैं, जिन्हें कब्जे में लेकर जांच का हिस्सा बनाया गया है। इन सभी कागजातों की बारीकी से जांच करने के लिए इन्हें सील कर दिया गया है।
आय से अधिक संपत्ति के कोण से चल रही है सघन जांच
वर्तमान में इस पूरे भ्रष्टाचार के मामले की कमान एएसपी आशीष कुमार और डीवाईएसपी इंद्र कुमार के हाथों में है। जांच टीम का मुख्य ध्यान अब इस बात पर केंद्रित है कि गाड़ी से बरामद हुई 8 लाख 14 हजार रुपये की नकदी आखिर कहां से आई थी और इसका असली जरिया क्या था। इसके साथ ही, छापेमारी में मिले सोने के बिस्किट, गहनों और अचल संपत्तियों के कागजात की भी गहन पड़ताल की जा रही है। एसीबी के अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या इन कीमती संपत्तियों का कोई वैध वित्तीय रिकॉर्ड सरकारी दस्तावेजों में मौजूद है या नहीं। इसके लिए सुथार की वैध कमाई यानी उनकी सरकारी सैलरी और उनकी कुल संपत्ति के बीच के अंतर का आकलन किया जा रहा है। अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि सभी सबूतों और दस्तावेजों के भौतिक सत्यापन के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की दिशा तय की जाएगी।

















