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मध्य एशिया में भारत का बड़ा कूटनीतिक दांव, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मिला उज्बेकिस्तान का सर्वोच्च नागरिक सम्मानबिहार
30 अग॰ 2026, 11:29 pm (25 दिन पहले)· 2

मध्य एशिया में भारत का बड़ा कूटनीतिक दांव, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मिला उज्बेकिस्तान का सर्वोच्च नागरिक सम्मान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उज्बेकिस्तान दौरे से दोनों देशों के बीच रणनीतिक रिश्तों को नई मजबूती मिली है। ताशकंद में उन्हें देश के सबसे बड़े नागरिक सम्मान से नवाजा गया और ऊर्जा, व्यापार तथा यूरेनियम आपूर्ति को लेकर अहम समझौते हुए।

मध्य एशिया के भू-राजनीतिक पटल पर उज्बेकिस्तान और किर्गिस्तान जैसे देश भारत की कूटनीति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माने जाते हैं। इन क्षेत्रों में वैश्विक ताकतों के बीच प्रभाव बढ़ाने की होड़ मची है और पड़ोसी पाकिस्तान अपनी रणनीतिक चालों से हमेशा बाधा डालने की कोशिश करता रहता है। ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उज्बेकिस्तान दौरा दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को एक नया आयाम देने का काम कर रहा है। ताशकंद पहुंचने पर प्रधानमंत्री मोदी ने उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव के साथ उच्चस्तरीय बैठक की, जिसमें व्यापार, निवेश, रक्षा सहयोग, डिजिटल संपर्क, ऊर्जा क्षेत्र, शिक्षा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे कई अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। दोनों नेताओं ने विकसित भारत 2047 और उज्बेकिस्तान 2030 के साझा विकास लक्ष्यों को पूरा करने के लिए अपनी साझा दृष्टियों को भी रेखांकित किया।

ताशकंद में ऐतिहासिक सम्मान और कूटनीतिक उपलब्धियां

ताशकंद की इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने इतिहास रच दिया क्योंकि वह पहले ऐसे भारतीय नेता बन गए हैं जिन्हें इस देश के सबसे बड़े नागरिक सम्मान से अलंकृत किया गया है। राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उज्बेकिस्तान के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'ऑर्डर ऑफ ओली दरजाली दस्तलिक' से सम्मानित किया। यह केवल एक पदक नहीं है बल्कि मध्य एशिया के दिल में भारत के लिए एक विशेष स्थान होने का खुला संदेश है। यह सम्मान उन विदेशी नेताओं को प्रदान किया जाता है जो आपसी विश्वास और साझीदारी को मजबूत करने में असाधारण योगदान देते हैं। यह प्रधानमंत्री मोदी की चौथी उज्बेकिस्तान यात्रा है और इसने दोनों देशों के संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक पहुंचा दिया है।

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वैश्विक मंच पर बढ़ते सम्मान की लंबी फेहरिस्त

वर्ष 2016 से लेकर अब तक प्रधानमंत्री मोदी को दुनिया भर के 30 से अधिक देशों द्वारा प्रतिष्ठित राजकीय सम्मानों से नवाजा जा चुका है। उज्बेकिस्तान का यह सर्वोच्च सम्मान इसी लंबी श्रृंखला की अगली कड़ी है जिसका अर्थ उच्च कोटि की मित्रता है। अकेले इस वर्ष के दौरान ही उन्हें कई देशों द्वारा विशेष पुरस्कार मिल चुके हैं, जिनमें इथियोपिया, ओमान, इजरायल, स्वीडन, नॉर्वे, स्लोवाकिया, सेशेल्स और इंडोनेशिया जैसे प्रमुख देश शामिल हैं। ताशकंद में हुए इस दौरे के दौरान सुबह की योगचर्या से लेकर औपचारिक स्वागत और राष्ट्रपति भवन में हुई प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ताओं तक हर पल कूटनीतिक गर्माहट देखने को मिली।

ऊर्जा सुरक्षा, यूरेनियम और भू-राजनीतिक चुनौतियां

पाकिस्तान द्वारा जमीनी मार्ग रोके जाने और चीन द्वारा बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव के तहत मध्य एशिया में भारी निवेश किए जाने के बावजूद भारत ने अपने लिए ऊर्जा और सुरक्षा के नए रास्ते खोल लिए हैं। इस यात्रा के दौरान सबसे बड़ा समझौता यूरेनियम की आपूर्ति को लेकर हुआ है। उज्बेकिस्तान पहले से ही भारत को यूरेनियम भेज रहा है, लेकिन इस बार लंबी अवधि की निर्बाध आपूर्ति के लिए एक ठोस व्यवस्था पर सहमति बनी है। इससे भारत के उस महत्वाकांक्षी लक्ष्य को बल मिलता है जिसके तहत देश 2047 तक अपनी परमाणु ऊर्जा क्षमता को अभूतपूर्व ऊंचाइयों पर ले जाना चाहता है। इसके साथ ही चाबहार बंदरगाह के माध्यम से मध्य एशिया तक वैकल्पिक व्यापारिक गलियारे विकसित करने की दिशा में भी प्रयास तेज हो गए हैं ताकि क्षेत्रीय सुरक्षा, आतंकवाद और ड्रग्स तस्करी जैसी साझा चुनौतियों का प्रभावी ढंग से मुकाबला किया जा सके।

सवाल-जवाब

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उज्बेकिस्तान में कौन सा सर्वोच्च सम्मान मिला?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उज्बेकिस्तान के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'ऑर्डर ऑफ ओली दरजाली दस्तलिक' से नवाजा गया।
ताशकंद में प्रधानमंत्री मोदी ने किस उज्बेकिस्तानी नेता से मुलाकात की?
प्रधानमंत्री मोदी ने ताशकंद में उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत की।
इस दौरे में ऊर्जा सुरक्षा को लेकर क्या मुख्य समझौता हुआ?
इस दौरे के दौरान भारत को यूरेनियम की लंबी अवधि की निर्बाध सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए एक नई व्यवस्था पर सहमति बनी।
वर्ष 2016 से अब तक प्रधानमंत्री मोदी को कितने देशों से राजकीय सम्मान मिल चुके हैं?
वर्ष 2016 से अब तक प्रधानमंत्री मोदी को 30 से अधिक देशों द्वारा राजकीय सम्मान मिल चुके हैं।
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