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मध्य प्रदेश में बदला मौसम का मिजाज: भोपाल-जबलपुर समेत 41 जिलों में आंधी-बारिश की चेतावनी, गर्मी से मिलेगी राहतमध्य प्रदेश
14 जून 2026, 5:51 am (91 दिन पहले)· 0

मध्य प्रदेश में बदला मौसम का मिजाज: भोपाल-जबलपुर समेत 41 जिलों में आंधी-बारिश की चेतावनी, गर्मी से मिलेगी राहत

प्री-मानसून सक्रियता और पश्चिमी विक्षोभ के असर से 14 जून को मध्य प्रदेश के दर्जनों जिलों में गरज-चमक, तेज हवा और बारिश के आसार हैं। अशोकनगर-शिवपुरी में ऑरेंज तो 41 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है।

मध्य प्रदेश इन दिनों मौसम के लगातार बदलते रुख से जूझ रहा है। दिन में जहां सूरज की तपिश लोगों को परेशान कर रही है, वहीं शाम ढलते ही कई इलाकों में बादल और बौछारें राहत लेकर आ रही हैं। रविवार, 14 जून को भी प्रदेश का मौसम कुछ ऐसा ही रहने वाला है। मौसम विभाग का कहना है कि राज्य के अनेक जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की पूरी संभावना है।

क्यों बिगड़ रहा है मौसम

इस उथल-पुथल की मुख्य वजह दो मौसमी कारक हैं। एक ओर प्रदेश के ऊपर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है, तो दूसरी ओर बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी पहुंच रही है। इन्हीं दोनों के मेल से वातावरण अस्थिर बना हुआ है और प्री-मानसून गतिविधियां जोर पकड़ रही हैं। यही कारण है कि एक ही दिन में कहीं भीषण गर्मी तो कहीं अचानक बारिश का नजारा देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग के अनुसार आज कई जिलों में हवा की रफ्तार 40 से 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिसके चलते कुछ जिलों के लिए ऑरेंज और कुछ के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।

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अशोकनगर और शिवपुरी में ऑरेंज अलर्ट

सबसे ज्यादा सतर्कता अशोकनगर और शिवपुरी जिलों को लेकर बरती जा रही है। इन दोनों जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जहां गरज-चमक के साथ 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। साथ ही बारिश होने का भी अनुमान है, जिससे यहां के लोगों को चिलचिलाती गर्मी से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

41 जिलों में येलो अलर्ट

इसके अलावा प्रदेश के 41 जिलों को येलो अलर्ट के दायरे में रखा गया है। इन जिलों में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश होने की चेतावनी दी गई है। येलो अलर्ट वाले जिलों में भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, सतना, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, शाजापुर, आगर, मंदसौर, श्योपुरकलां, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, अनूपपुर, नीमच, गुना, दतिया, भिंड, मुरैना, शहडोल, पन्ना, दमोह, सागर, उमरिया, डिंडौरी, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर और पांढुर्णा शामिल हैं।

किन इलाकों में रहेगा सबसे ज्यादा असर

मौसम विभाग का आकलन है कि नर्मदापुरम संभाग और उससे लगे जिलों में मौसम तुलनात्मक रूप से सामान्य बना रहेगा। वहीं उत्तर-मध्य मध्य प्रदेश और ग्वालियर-चंबल अंचल में मौसमी हलचल कहीं अधिक तेज रहेगी। खास तौर पर शिवपुरी और अशोकनगर के आसपास के क्षेत्रों में तेज हवाओं और आंधी का असर सबसे ज्यादा महसूस किया जा सकता है।

राहत के साथ बढ़ेंगी मुश्किलें भी

प्री-मानसून सक्रियता के चलते पूरे प्रदेश में बादलों की आवाजाही बढ़ गई है और कई जिलों में दोपहर तथा शाम के समय हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं। गरज-चमक वाली यह बारिश भले ही लोगों को गर्मी से राहत दे, लेकिन तेज हवाओं के कारण पेड़ गिरने, बिजली आपूर्ति बाधित होने और यातायात में रुकावट जैसी दिक्कतें भी सामने आ सकती हैं।

किसानों और आम लोगों के लिए सलाह

इन हालात को देखते हुए मौसम विभाग ने किसानों से कहा है कि वे खेतों में चल रहे कामों की योजना मौसम का अनुमान देखकर ही बनाएं। वहीं आम लोगों से अपील की गई है कि खराब मौसम के दौरान पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचें और इस अवधि में किसी सुरक्षित स्थान पर रहें।

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