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मध्य प्रदेश में कुएं की गैस से मौतों का सिलसिला जारी, तीन दिनों में चार लोगों ने गंवाई जानमध्य प्रदेश
10 जुल॰ 2026, 10:51 am (64 दिन पहले)· 2

मध्य प्रदेश में कुएं की गैस से मौतों का सिलसिला जारी, तीन दिनों में चार लोगों ने गंवाई जान

मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में कुएं में जहरीली गैस के कारण दो किसानों की दर्दनाक मौत हो गई है। पिछले तीन दिनों में राज्य में यह इस तरह की तीसरी घटना है, जिसमें कुल चार लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।

मध्य प्रदेश में एक बार फिर कुएं में मौजूद घातक गैस के कारण जानलेवा हादसा हुआ है। इस बार यह घटना बालाघाट जिले के किरनापुर थाना इलाके के अंतर्गत आने वाले पीपरटोला गांव में सामने आई है। जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत दहेदी के रहने वाले दो किसान खेत में सिंचाई के लिए उपयोग होने वाले मोटर पंप को ठीक करने के लिए कुएं में उतरे थे। लेकिन अंदर जाते ही कुएं में बनी मीथेन जैसी जहरीली गैस ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। दम घुटने और कुएं के पानी में डूबने की वजह से दोनों किसानों की मौके पर ही दुखद मौत हो गई।

मोटर पंप की मरम्मत पड़ी भारी

मौके पर मौजूद लोगों से प्राप्त शुरुआती जानकारी के मुताबिक, किसान महेश भारत लाल चौधरी (उम्र 45 साल) और युवराज चंदन लाल बिसेन (उम्र 55 साल) मोटर पंप में खराबी आने के बाद उसे दुरुस्त करने नीचे गए थे। बिना किसी सुरक्षा इंतजाम या गैस की जांच किए कुएं में उतरना उनके लिए काल बन गया। बताया जा रहा है कि कुएं के भीतर जहरीली गैस का स्तर काफी अधिक था, जिससे उनका दम घुटने लगा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जब दूसरा व्यक्ति अपने साथी को बचाने का प्रयास करने लगा, तो वह भी जहरीली हवा के प्रभाव में आ गया, जिससे दोनों की जान चली गई।

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एसडीईआरएफ की टीम ने निकाला बाहर

घटना की सूचना मिलते ही किरनापुर थाना पुलिस सक्रिय हुई और तत्काल प्रभाव से बालाघाट से एसडीईआरएफ (SDRF) और होमगार्ड की बचाव टीम को मौके पर बुलाया गया। रात के अंधेरे में टीम ने कड़ी मशक्कत करते हुए कुएं से दोनों किसानों के शवों को बाहर निकाला। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर उन्हें पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इस दुखद हादसे से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है और ग्रामीण इस लगातार हो रही घटनाओं से सदमे में हैं।

तीन दिन के भीतर तीसरी बड़ी घटना

पिछले कुछ दिनों में मध्य प्रदेश में कुएं में दम घुटने से होने वाली यह तीसरी घटना है। इन तीन दिनों में जहरीली गैस के कहर ने कुल 4 जिंदगियां छीन ली हैं, जबकि 2 लोग घायल हुए हैं। उल्लेखनीय है कि केवल 6 दिन पहले ही मैहर जिले के खरमसेड़ा गांव से भी ऐसा ही दिल दहला देने वाला मामला सामने आया था। बालाघाट जिले की बात करें तो, इससे पहले भरवेली थाना क्षेत्र के मरारी टोला में भी एक किसान अशोक मरार की जहरीली गैस की चपेट में आने से मृत्यु हो गई थी, जिसमें उसका भतीजा भी घायल हुआ था। वहीं, किरनापुर के ही एक अन्य इलाके में एक महिला की मौत भी कुएं में गैस से हो चुकी है। खेती के इस सीजन में किसान अक्सर सिंचाई की मशीनों को सुधारने के लिए कुओं का सहारा लेते हैं, जो बिना उचित सावधानी के खतरनाक साबित हो रहा है।

सवाल-जवाब

बालाघाट की इस घटना में किन लोगों की मौत हुई है?
इस हादसे में 45 वर्षीय महेश भारत लाल चौधरी मरार और 55 वर्षीय युवराज चंदन लाल बिसेन कलार की मौत हुई है।
कुएं में जहरीली गैस का कारण क्या था?
कुएं के भीतर मीथेन जैसी घातक गैसों का जमाव होना इन मौतों का मुख्य कारण बताया गया है।
पिछले तीन दिनों में ऐसी कितनी घटनाएं हुई हैं?
पिछले तीन दिनों में इस तरह की कुल तीन घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें 4 लोगों की मौत हो चुकी है।
पीड़ित कुएं में क्यों उतरे थे?
पीड़ित किसान खेत में सिंचाई के लिए उपयोग होने वाले मोटर पंप की खराबी को ठीक करने के लिए कुएं के अंदर उतरे थे।
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