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मानसून का रौद्र रूप: मौसम विभाग ने गुजरात, हिमाचल और असम में बाढ़ और भूस्खलन की चेतावनी दीभारत
23 जुल॰ 2026, 5:43 pm (97 दिन पहले)· 0

मानसून का रौद्र रूप: मौसम विभाग ने गुजरात, हिमाचल और असम में बाढ़ और भूस्खलन की चेतावनी दी

दक्षिण-पश्चिम मानसून के हावी होने के साथ ही मौसम विभाग ने देश के बड़े हिस्से में भारी बारिश और भूस्खलन की चेतावनी जारी की है, जिससे कई राज्यों में अचानक बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है।

देश के एक बड़े हिस्से में दक्षिण-पश्चिम मानसून अब पूरी तरह से सक्रिय हो चुका है, जिसके चलते मौसम विभाग ने कई राज्यों में गंभीर मौसमी बदलावों का अलर्ट जारी किया है। मानसूनी हवाओं के प्रभाव से उत्तर-पश्चिमी, पश्चिमी, मध्य, पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत के क्षेत्रों में आगामी कुछ दिनों तक मूसलाधार बारिश का सिलसिला लगातार जारी रहने की आशंका है। प्रशासन ने अंदेशा जताया है कि इस भयंकर बारिश से शहरी इलाकों में अचानक बाढ़ आने, सड़कों पर भारी जलभराव होने और सार्वजनिक यातायात सेवाओं के बुरी तरह प्रभावित होने का खतरा काफी बढ़ गया है।

मध्य भारत और पहाड़ी राज्यों में खतरे की घंटी

भारी वर्षा की चेतावनी को देखते हुए संबंधित राज्य सरकारों ने एहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के अनुसार, गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, झारखंड, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ के निवासियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। खास तौर पर 23 जुलाई से 26 जुलाई के बीच का समय काफी अहम है, क्योंकि इस दौरान पूर्वी राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में अत्यधिक तेज बारिश होने का अनुमान है। इस बारिश की वजह से पहाड़ी क्षेत्रों में चट्टानें खिसकने और भूस्खलन का सीधा खतरा मंडरा रहा है। इसी समय सीमा में पश्चिमी मध्य प्रदेश के बड़े इलाकों में भी व्यापक रूप से पानी बरसने की संभावना है।

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उत्तरी सीमाओं और पूर्वोत्तर में आंधी-तूफान का अलर्ट

खराब मौसम का यह चक्र देश की सुदूर उत्तरी और पूर्वी सीमाओं तक अपना असर दिखा रहा है। 23 से 29 जुलाई तक चलने वाले पूर्वानुमान के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद के कई हिस्सों में तेज आंधी के साथ आकाशीय बिजली गिरने और तूफानी हवाएं चलने की प्रबल आशंका है। इस बीच, पूर्वोत्तर भारत प्रशासन की मुख्य चिंता का विषय बना हुआ है। इस पूरे हफ्ते के दौरान अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भारी से बहुत भारी बारिश होने की भविष्यवाणी की गई है। नदियों के जलस्तर में संभावित तेजी को देखते हुए, स्थानीय अधिकारियों ने बाढ़ के प्रति संवेदनशील सभी जिलों को पहले से ही हाई अलर्ट पर रख दिया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।

सवाल-जवाब

किन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट है?
मौसम विभाग ने गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र और पूर्वोत्तर राज्यों सहित कई अन्य इलाकों के लिए चेतावनी दी है।
पूर्वी राजस्थान और उत्तराखंड में कब तेज बारिश होगी?
पूर्वानुमान के मुताबिक, 23 से 26 जुलाई के बीच पूर्वी राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है।
पहाड़ी इलाकों में क्या खतरे बताए गए हैं?
लगातार भारी बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में अचानक बाढ़ आने और भूस्खलन (लैंडस्लाइड) होने का बड़ा जोखिम बताया गया है।
पूर्वोत्तर राज्यों के लिए क्या निर्देश हैं?
असम, मेघालय और त्रिपुरा जैसे पूर्वोत्तर राज्यों में पूरे हफ्ते मूसलाधार बारिश की आशंका के चलते बाढ़ संभावित जिलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का मौसम कैसा रहेगा?
23 से 29 जुलाई के दौरान इन उत्तरी इलाकों में तेज आंधी, तूफान और बिजली गिरने की प्रबल संभावना जताई गई है।
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