करीना, आर्यन और आलिया समेत इन 8 स्टार्स के बचपन की अनदेखी तस्वीरें, जानिए भाई-बहनों की क्यूट केमिस्ट्रीनोएडा में अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी के हाथों सम्मानित हुए सुल्तानपुर के उद्यमी परितोष गुप्ता, तकनीक से दादा के बिजनेस को दिया नया आयामसिमडेगा के बोकबा गाँव से निकलकर दुनिया भर में छाए मुकुंद नायक, जानिए अभावों के बीच कैसे नागपुरी लोक कला को दिलाई नई पहचानडॉक्टर सौरभ सेठी के अनुसार शरीर के वजन से ज्यादा जरूरी है जांघों की ताकत, जानिए क्यों जरूरी हैं पैरों की मांसपेशियांमानसून के दौरान घरों की तरफ क्यों खिंचे चले आते हैं सांप और बचाव के लिए कौन से कदम उठाएंहिमाचल प्रदेश की पीर पंजाल पहाड़ियों में मणिमहेश यात्रा की शुरुआत, जानिए रक्षाबंधन से लेकर राधाष्टमी तक के सभी अनुष्ठानउत्तर प्रदेश में भारी बारिश और पंजाब में हड़ताल के कारण 27 अगस्त को कई जिलों में स्कूल बंदताजमहल के साथ आगरा की मिठास ले जा रहे विदेशी पर्यटक, ड्राई केसर पेठा बना पसंदीदा तोहफाहैदराबाद की मूसी नदी का 58,000 करोड़ से होगा कायाकल्प, टेम्स की तर्ज पर बनेगा 55 किमी रिवरफ्रंटमानसून में बनाएं चना दाल और ककोड़ा की खास सब्जी, बेहद आसान रेसिपी से दोगुना होगा स्वाद
मानसून की उग्र चाल से दिल्ली समेत अनेक राज्यों में बारिश का अलर्ट, मौसम विभाग की चेतावनीभारत
27 अग॰ 2026, 6:36 am (1 घंटे पहले)· 4

मानसून की उग्र चाल से दिल्ली समेत अनेक राज्यों में बारिश का अलर्ट, मौसम विभाग की चेतावनी

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने 27 अगस्त के लिए देश के कई राज्यों में तेज हवाओं, बिजली चमकने और मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया है। दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, राजस्थान और मध्य प्रदेश में सतर्कता की सलाह दी गई है।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ओर से 27 अगस्त को लेकर देश भर में मौसमी गतिविधियों में भारी बदलाव की घोषणा की गई है। पड़ोसी देश नेपाल में हाल ही में आई भीषण बाढ़ की तबाही के बाद अब भारत के कई मैदानी तथा पहाड़ी राज्यों में मानसून का मिजाज अत्यधिक उग्र और जोखिम भरा होता दिखाई दे रहा है। उत्तर भारत के मैदानी इलाकों से लेकर देश के पूर्वी और पूर्वोत्तर राज्यों तक मौसमी परिस्थितियां एक साथ तेजी से बदल रही हैं। देश की राजधानी दिल्ली तथा इससे जुड़े पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में मूसलाधार बारिश के साथ हवा की चाल 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक रहने का अनुमान जताया गया है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों में निर्मित अलग-अलग वायुमंडलीय दबाव तंत्र आपस में मिलकर व्यापक जलजमाव, तेज आंधी, ओलावृष्टि और बिजली चमकने का खतरा बढ़ा रहे हैं। ऐसे स्थानों पर जहाँ नदियों का पानी पहले से खतरे के निशान के पास है, स्थानीय निवासियों को बेहद सतर्क रहने को कहा गया है।

पूर्वी राज्यों में मौसमी तंत्र का दबाव और मानसून की उग्रता

देश के बड़े भूभाग पर आए इस गंभीर बदलाव का मुख्य केंद्र पूर्वी भारत का वायुमंडलीय तंत्र है। झारखंड तथा उसके निकटवर्ती इलाकों पर निर्मित हुआ एक प्रभावशाली कम दबाव का मौसमी क्षेत्र अब पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। इस मौसमी हलचल के प्रभाव से बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश और समीपवर्ती इलाकों में लगातार मूसलाधार वर्षा का सिलसिला बना रहने की उम्मीद है। वहीं पूर्वोत्तर के असम राज्य के ऊपरी वायुमंडल में एक चक्रवाती हवा का क्षेत्र (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) निरंतर सक्रिय बना हुआ है। बंगाल की खाड़ी से बहकर आ रही नमी से भरी समुद्री हवाएं इन सभी प्रणालियों को अतिरिक्त ऊर्जा प्रदान कर रही हैं, जिससे पूर्वी राज्यों में बादलों का घना जमघट बना हुआ है। मौसम केंद्र के अनुसार कुछ राज्यों में भारी ओलावृष्टि, तेज आंधी और वज्रपात की आशंका जताई गई है, जो फसलों और इमारतों को नुकसान पहुंचा सकती है।

ये भी पढ़ें

दिल्ली-NCR में आंधी और बारिश से थमेगी रफ्तार

राजधानी दिल्ली और उसके आसपास के महानगरीय क्षेत्रों में 27 अगस्त को भारी वर्षा और धूल भरी आंधी चलने की चेतावनी दी गई है। जारी पूर्वानुमान के मुताबिक, दिन के समय हवा के तेज झोंके 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति तक पहुंच सकते हैं, जिससे सड़कों पर चलने वाले यात्रियों और वाहन चालकों के लिए दृश्यता की गंभीर समस्या खड़ी हो सकती है। इस दौरान दिल्ली में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान व्यक्त किया गया है। अचानक तेज पानी बरसने से मुख्य मार्गों, चौराहों और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है, जिससे यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो सकती है। स्थानीय प्रशासन ने आम नागरिकों को पेड़ों, होर्डिंग्स तथा कमजोर ढांचों के पास रुकने से बचने की सलाह दी है।

उत्तर प्रदेश के 30 जिलों में तेज आंधी और भारी वर्षा की चेतावनी

उत्तर प्रदेश के भीतर 27 अगस्त को मानसून अत्यंत आक्रामक रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने वाला है। राज्य प्रशासन और मौसम विभाग ने करीब 30 जिलों में आंधी-पानी का अलर्ट जारी किया है। जिन प्रमुख जिलों में विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है, उनमें शामली, आजमगढ़, कुशीनगर, गोरखपुर, चंदौली, सोनभद्र, प्रयागराज, कानपुर, मथुरा, आगरा, अलीगढ़, मुरादाबाद, गाजियाबाद, मुजफ्फरनगर, मेरठ और गौतमबुद्ध नगर शामिल हैं। इन क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश के साथ बिजली गिरने और बादलों की गर्जना की पूरी संभावना है। राज्य की राजधानी लखनऊ में अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज होने का अनुमान है। लगातार बारिश के चलते कई शहरी और ग्रामीण इलाकों में जलभराव की विकराल समस्या पैदा हो सकती है।

बिहार के 22 जिलों में 65 किमी/घंटा की गति से चलेंगी हवाएं

बिहार के विस्तृत इलाके में 27 अगस्त को भारी बारिश के साथ जोरदार तूफान आने की आशंका व्यक्त की गई है। राज्य के बेगूसराय, खगड़िया, लखीसराय, मुंगेर, भागलपुर, कटिहार, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर, वैशाली, गोपालगंज, सीवान, गया, पटना, औरंगाबाद, बक्सर, भोजपुर, कैमूर और रोहतास जिलों में स्थितियां खराब रह सकती हैं। इस दौरान हवा की चाल 60 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच जाने का अनुमान है, जो अस्थाई मकानों और फसलों को क्षति पहुंचा सकती है। बिहार की राजधानी पटना में अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस रहने के आसार हैं। तेज वर्षा के कारण निचले इलाकों में पानी भर जाने से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो सकता है।

झारखंड में 70 किमी/घंटा का तूफान और भीषण बारिश का अलर्ट

झारखंड राज्य में 27 और 28 अगस्त को मौसमी दशाएं काफी विकराल हो सकती हैं। मौसम केंद्र ने पलामू, चतरा, रामगढ़, खूंटी, धनबाद, हजारीबाग, बोकारो, दुमका, सिमडेगा, जमशेदपुर, देवघर और रांची में भारी बारिश व प्रचंड तूफान की चेतावनी दी है। प्रांतीय राजधानी रांची में हवा की रफ्तार 70 किलोमीटर प्रति घंटा तक जाने की आशंका है, जिससे कमजोर पेड़ और बिजली के पोल गिर सकते हैं। रांची का अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। झारखंड के ऊपर बने इस मौसमी तंत्र का असर पड़ोसी राज्यों के मौसम पर भी व्यापक रूप से पड़ेगा।

पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर के राज्यों में भी चेताया गया

पश्चिम बंगाल में 27 अगस्त को विभिन्न जिलों में भारी वर्षा के साथ तेज आंधी का खतरा मंडरा रहा है। जलपाईगुड़ी, कालिम्पोंग, बांकुड़ा, कूचबिहार, पश्चिम मेदिनीपुर, पुरबा बर्धमान, दार्जिलिंग, दुर्गापुर, मालदा, अलीपुरद्वार, कोलकाता और हावड़ा जिलों में मौसम खराब रहने की आशंका है। कई हिस्सों में हवा की गति 60 से 65 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है। कोलकाता में अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। उत्तरी पहाड़ी जिलों में भूस्खलन और दक्षिणी मैदानी जिलों में जलभराव का खतरा बना हुआ है। इसके अतिरिक्त, पूर्वोत्तर के नागालैंड, त्रिपुरा, असम, अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम में भी बादलों की गर्जना और मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।

राजस्थान और मध्य प्रदेश में तूफान संग तेज बारिश का अनुमान

राजस्थान में मानसून की निरंतर सक्रियता के कारण राजसमंद, पाली, हनुमानगढ़, चित्तौड़गढ़, श्रीगंगानगर, जालौर, जैसलमेर, भरतपुर, झालावाड़, उदयपुर, अजमेर, चूरू, जयपुर, कोटा और बीकानेर जिलों में बारिश और आंधी का अलर्ट घोषित किया गया है। कुछ इलाकों में हवा की चाल 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है। जयपुर में अधिकतम तापमान 34 डिग्री और न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। दूसरी ओर, मध्य प्रदेश के शिवपुरी, दतिया, इंदौर, भोपाल, नरसिंहपुर, रतलाम, मंदसौर, आगर मालवा, उज्जैन, अशोकनगर, ग्वालियर, सीधी, खरगोन, सिवनी, नर्मदापुरम और मंडला जिलों में भी 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने और तेज वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है।

सवाल-जवाब

27 अगस्त को किन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है?
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, मध्य प्रदेश और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
दिल्ली में हवा की रफ्तार और तापमान कितना रहने का अनुमान है?
दिल्ली में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। यहां अधिकतम तापमान लगभग 35 डिग्री और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
झारखंड और बिहार में हवा की गति कितनी हो सकती है?
झारखंड की राजधानी रांची में हवा की गति 70 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जबकि बिहार के जिलों में 60 से 65 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है।
मौसम बिगड़ने की मुख्य वजह क्या है?
झारखंड के ऊपर बना मौसमी सिस्टम, असम के पास ऊपरी हवा का साइक्लोनिक सर्कुलेशन और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण मौसम में यह बदलाव आया है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Rohan Verma@rohan-verma·22 मिनट पहले

झारखंड और नेपाल से जुड़े मौसम तंत्र का सीधा असर पूर्वी व मध्य उत्तर प्रदेश के जिलों पर दिखना तय है। लगातार बारिश से नदियां उफान पर आ सकती हैं और निचले इलाकों में जलभराव से जनजीवन प्रभावित होगा। किसानों की फसलों को भी नुकसान का अंदेशा है, इसलिए जिला प्रशासन को तुरंत राहत और निकासी के पुख्ता इंतजाम करने होंगे ताकि किसी अनहोनी से बचा जा सके।

Karan Malhotra@karan-malhotra·21 मिनट पहले

यह स्पष्ट है कि झारखंड और नेपाल की ओर से बन रहे मौसमी दबाव का असर न केवल आम जनजीवन बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था पर भी सीधा प्रभाव डालेगा। मूसलाधार बारिश और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं के कारण यदि दिल्ली-एनसीआर या अन्य प्रभावित क्षेत्रों में जलभराव और यातायात बाधित होता है, तो आपातकालीन सेवाओं और पुलिस प्रशासन को ट्रैफिक प्रबंधन और आपदा प्रबंधन के मोर्चे पर पूरी तरह सतर्क रहना होगा। कमजोर ढांचों और होर्डिंग्स के गिरने से होने वाले संभावित हादसों को रोकने के लिए नगर निगम और स्थानीय प्रशासन को समय रहते सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने चाहिए।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR