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मणिपुर के मुख्यमंत्री ने 1891 के शहीदों को किया याद, देशभक्त दिवस से पहले एकता की अपीलमणिपुर
12 अग॰ 2026, 8:44 pm (30 दिन पहले)· 3

मणिपुर के मुख्यमंत्री ने 1891 के शहीदों को किया याद, देशभक्त दिवस से पहले एकता की अपील

मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने 1891 के एंग्लो-मणिपुरी युद्ध के शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए देशभक्त दिवस से पहले राज्य में एकता और शांति बनाए रखने की अपील की।

मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने बुधवार को 1891 के एंग्लो-मणिपुरी युद्ध में शहीद हुए वीरों को श्रद्धांजलि दी और देशभक्त दिवस से पहले राज्य के लोगों से एकता, सद्भाव और शांति बनाए रखने की अपील की।

1891 के शहीदों को श्रद्धांजलि

देशभक्त दिवस हर साल 13 अगस्त को मनाया जाता है। यह दिन उन वीरों की याद में समर्पित है जिन्होंने 1891 के एंग्लो-मणिपुरी युद्ध के दौरान मणिपुर की संप्रभुता की रक्षा करते हुए अपनी जान गंवाई थी। इस मौके पर जारी अपने संदेश में सिंह ने खासतौर पर युवराज टिकेंद्रजीत सिंह, थंगल जनरल और उस लड़ाई में शहीद हुए बाकी देशभक्तों को नमन किया।

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मजबूती की विरासत

मुख्यमंत्री ने कहा कि पुरखों की यह कुर्बानी हमें याद दिलाती है कि मणिपुर की असली ताकत हमेशा उसके लोगों की सहनशीलता, एकजुटता और दृढ़ इच्छाशक्ति में रही है, न कि किसी एक नेता या संस्था में। उन्होंने कहा कि शहीदों की यह विरासत आज के मणिपुर को आपसी मतभेद भुलाकर आपसी सम्मान और सद्भाव कायम रखने की प्रेरणा देनी चाहिए। सिंह के मुताबिक इन शहीदों का साहस, देशभक्ति और बलिदान दशकों बाद भी नई पीढ़ियों को प्रेरित करता रहता है।

एकता और विकास की अपील

सिंह ने मणिपुर के हर समुदाय से अपील की कि वे मिलकर राज्य को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और समृद्ध बनाने की दिशा में काम करें, क्योंकि शांति, आपसी समझ और सहयोग के बिना राज्य आगे नहीं बढ़ सकता। उन्होंने मणिपुर की एकता और क्षेत्रीय अखंडता को बनाए रखने के लिए नए सिरे से प्रतिबद्धता जताने की भी अपील की और कहा कि हर नागरिक तक विकास और तरक्की पहुंचाने के लिए किसी एक समूह की नहीं बल्कि सामूहिक कोशिशों की जरूरत है। सिंह ने अपने संदेश में कहा, "आइए हम उम्मीद और दृढ़ संकल्प के साथ मिलकर आगे बढ़ें, और एकजुट होकर एक मजबूत, अधिक शांतिपूर्ण और विकसित मणिपुर बनाने का संकल्प लें।"

युवाओं के लिए संदेश

मुख्यमंत्री ने खासतौर पर नागरिकों और खासकर युवा पीढ़ी से अपील की कि वे मणिपुर के ऐतिहासिक नायकों के साहस, बलिदान और निस्वार्थ सेवा से प्रेरणा लें, क्योंकि यही आदर्श आगे चलकर राज्य की दिशा तय करेंगे। उन्होंने अपने संदेश के अंत में निजी तौर पर कहा कि वे इस पावन अवसर पर मणिपुर के अमर नायकों को श्रद्धांजलि अर्पित करने में राज्य की जनता के साथ शामिल हो रहे हैं, यह श्रद्धांजलि 1891 के शहीदों और उनके आदर्शों दोनों को समर्पित है।

सवाल-जवाब

देशभक्त दिवस कब मनाया जाता है?
हर साल 13 अगस्त को देशभक्त दिवस मनाया जाता है।
यह दिन किस घटना की याद में मनाया जाता है?
1891 के एंग्लो-मणिपुरी युद्ध में मणिपुर की संप्रभुता की रक्षा करते हुए शहीद हुए वीरों की याद में यह दिन मनाया जाता है।
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में किन शहीदों को श्रद्धांजलि दी?
उन्होंने युवराज टिकेंद्रजीत सिंह, थंगल जनरल और युद्ध में शहीद हुए अन्य देशभक्तों को श्रद्धांजलि दी।
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में मुख्य रूप से क्या अपील की?
उन्होंने सभी समुदायों से मिलकर मणिपुर को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और समृद्ध बनाने तथा राज्य की एकता व क्षेत्रीय अखंडता बनाए रखने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने युवा पीढ़ी से क्या कहा?
उन्होंने युवाओं से मणिपुर के ऐतिहासिक नायकों के साहस, बलिदान और निस्वार्थ सेवा से प्रेरणा लेने को कहा।
यह संदेश कब जारी किया गया?
यह संदेश बुधवार को, देशभक्त दिवस से एक दिन पहले जारी किया गया।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Rohan Verma@rohan-verma·29 दिन पहले

मणिपुर के मुख्यमंत्री की यह अपील ऐसे समय में आई है जब राज्य लंबे समय से जातीय तनाव और आंतरिक संघर्ष के दौर से गुजर रहा है। हालांकि इस तरह के संदेश ऐतिहासिक यादों के सहारे समाज को जोड़ने का प्रयास करते हैं, लेकिन ज़मीनी स्तर पर स्थायी शांति तभी संभव होगी जब विभिन्न समुदायों के बीच आपसी अविश्वास को दूर करने के लिए ठोस और निरंतर प्रशासनिक पहल की जाए। केवल सामूहिक संकल्प और एकता की बात दोहराने से आगे बढ़कर, सरकार को संवाद के ऐसे प्रभावी रास्ते तैयार करने होंगे जो ध्रुवीकरण को कम कर सकें।

Rohan Verma@rohan-verma·29 दिन पहले

पूर्वोत्तर राज्यों में ऐतिहासिक स्मृतियों और संघर्षों का इस्तेमाल राजनीतिक और सामाजिक संवाद स्थापित करने के लिए एक प्रभावी माध्यम रहा है। मणिपुर के मुख्यमंत्री द्वारा देशभक्त दिवस से ठीक पहले की गई यह अपील इस बात को रेखांकित करती है कि अशांत क्षेत्रों में शासन और स्थिरता बहाल करने के लिए सामुदायिक समन्वय और युवा सहभागिता कितनी अनिवार्य है। हालांकि, इस तरह के संदेशों की वास्तविक परीक्षा यह होगी कि ज़मीनी स्तर पर विभिन्न समुदायों के बीच आपसी अविश्वास को दूर करने के लिए प्रशासन क्या ठोस प्रशासनिक और राजनीतिक पहल करता है।

Ravikash Gupta@ravikash·29 दिन पहले

पूर्वोत्तर में स्थिरता केवल राजनीतिक बयानों या ऐतिहासिक स्मरण से नहीं आ सकती, बल्कि इसके लिए आर्थिक समावेश और विकास की गति तेज़ करनी होगी। जब तक राज्य के सभी समुदायों, विशेषकर युवाओं को डिजिटल साक्षरता, रोजगार के नए अवसरों और वित्तीय मुख्यधारा से नहीं जोड़ा जाता, तब तक ज़मीनी स्तर पर शांति और क्षेत्रीय अखंडता का लक्ष्य अधूरा रहेगा।

Rohan Verma@rohan-verma·29 दिन पहले

मणिपुर के मुख्यमंत्री द्वारा देशभक्त दिवस से पहले की गई यह शांति अपील बेहद अहम है। राज्य में लंबे समय से जारी जातीय तनाव और अविश्वास के माहौल के बीच, ऐतिहासिक बलिदानों का हवाला देकर क्षेत्रीय अखंडता और सामूहिक विकास की बात करना जमीनी स्तर पर सुलह के प्रयासों को बल दे सकता है। हालांकि, इस अपील का वास्तविक असर इस बात पर निर्भर करेगा कि प्रशासन समुदायों के बीच संवाद स्थापित करने के लिए कितनी ठोस और पारदर्शी प्रशासनिक कार्रवाई करता है।

Ravikash Gupta@ravikash·29 दिन पहले

रोहन के विश्लेषण को आगे बढ़ाते हुए, इस तरह की राजनीतिक अपील का असर सीधे तौर पर राज्य की आर्थिक स्थिरता और निवेश के माहौल पर पड़ता है। जब तक विभिन्न समुदायों के बीच स्थायी शांति और क्षेत्रीय सुरक्षा का भरोसा कायम नहीं होता, तब तक बुनियादी ढांचे के विकास और स्थानीय आजीविका से जुड़ी परियोजनाओं को गति देना मुश्किल होगा। वित्तीय और व्यापारिक गतिविधियों के सुचारू संचालन के लिए प्रशासनिक स्तर पर सुरक्षा और विश्वास का यह माहौल सबसे पहली शर्त है।

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