मणिपुर की चुनावी फेहरिस्त में अब महिलाओं की तादाद पुरुषों से ज्यादा हो गई है। निर्वाचन आयोग ने रविवार को विशेष गहन पुनरीक्षण, यानी एसआईआर, पूरा होने के बाद राज्य की अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी, जिसमें कुल 19.60 लाख मतदाता दर्ज हैं।
कितने नाम जुड़े, कितने कटे
राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अरुण कुमार सिन्हा के मुताबिक, पुनरीक्षण के दौरान 1.89 लाख नाम सूची से हटाए गए, वहीं 56,871 नए मतदाताओं के नाम जोड़े गए। यानी बड़ी संख्या में पुराने या डुप्लीकेट नामों की छंटनी के साथ-साथ नए मतदाताओं को भी सूची में शामिल किया गया।
अरुण कुमार सिन्हा ने क्या बताया
सिन्हा ने कहा, "एसआईआर की प्रक्रिया के बाद राज्य की 60 विधानसभा सीटों में अब 19.60 लाख से अधिक मतदाता हैं।" उन्होंने आगे बताया कि इन मतदाताओं में 9,53,350 पुरुष हैं और 10.06 लाख महिलाएं, यानी महिला मतदाता पुरुषों से करीब 53 हजार ज्यादा हैं।
18 मई से शुरू हुई थी पूरी कवायद
सिन्हा के अनुसार, यह पुनरीक्षण प्रक्रिया इसी साल 18 मई को शुरू हुई थी, जब मतदाता सूची में 20.93 लाख मतदाता दर्ज थे। पूरी प्रक्रिया के बाद जारी अंतिम सूची में मतदाताओं की संख्या शुरुआती आंकड़े से 6.33 प्रतिशत कम है।
महिलाओं के हाथ में सत्ता की चाबी क्यों
60 विधानसभा सीटों वाले मणिपुर में महिला मतदाताओं की यह बढ़त आने वाले चुनावी समीकरणों में असर डाल सकती है, क्योंकि किसी भी सीट पर जीत-हार तय करने में अब महिला वोटरों की भूमिका और अहम हो गई है। देश के कई राज्यों में इस समय एसआईआर की प्रक्रिया चल रही है, जिसके तहत मतदाता सूचियों को दुरुस्त किया जा रहा है।



















